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Shiv Tandav Stotram: बाबा महाकाल के सामने तीन साल की एकादशी ने किया शिव तांडव स्त्रोत का पाठ, देखते रह गए लोग
Fri, 26 Aug 2022 02:44 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 26 Aug 2022 02:44 PM IST
सार
कादशी शर्मा की उम्र महज तीन साल हैं लेकिन कम उम्र में ही उन्होंने जिस तरह से कठिन मंत्रों को कंठस्थ कर लिया है उसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं और एकादशी की तारीफ किए बिना नहीं रह पाते।
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बाबा महाकाल के सामने शिव तांडव स्त्रोत का पाठ करती एकादशी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिस उम्र में बच्चे सरल हिंदी के शब्दों को याद नहीं कर पाते उस उम्र में उज्जैन के पानदरीबा क्षेत्र की रहने वाली एकदाशी ने संस्कृत के कठिन श्लोक याद कर लिए हैं। जब एकादशी शिव तांडव स्त्रोत और मां महिषासुर मर्दिनी के मंत्रों का पाठ करती हैं तो लोग उन्हें देखकर दांतों तले उंगुली दबा लेते हैं। एकादशी भगवान की पूजा आराधना के साथ ही खेलते और नहाते समय भी इन मंत्रों का उच्चारण करती रहती हैं।
पानदरीबा निवासी एकादशी शर्मा की उम्र महज तीन साल हैं लेकिन कम उम्र में ही उन्होंने जिस तरह से कठिन मंत्रों को कंठस्थ कर लिया है उसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं और एकादशी की तारीफ किए बिना नहीं रह पाते।
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दादा से मिले हैं संस्कार
एकादशी की मां समीक्षा शर्मा ने बताया कि एकादशी में यह संस्कार उसके दादा विजयशंकर शर्मा के माध्यम से आए हैं। एकादशी के दादा प्रतिदिन भगवान का पूजन अर्चन मंत्रोच्चार के साथ करते हैं, जिससे एकादशी ने भी उन्हें देखकर मंत्रोच्चार और पूजन अर्चन करना सीख लिया। उसकी रूचि पूजन पाठ में भी बढ़ गई है। दादा के साथ ही एकादशी के पिता अभिषेक शर्मा (बाला गुरु) महाकाल मंदिर के पुजारी हैं, जिसके कारण एकादशी साल भर महाकाल मंदिर में होने वाले हर पर्व और उत्सव में जाती हैं।
महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी हैं नाना-दादा
एकादशी के दादा के साथ ही अपने ननिहाल में भी धर्म के संस्कार मिले हैं। उनके नाना दिनेश गुरु भी महाकाल मंदिर के पुजारी हैं और उनके निवास पर भी भगवान शिव का मंदिर बना हुआ है। एकादशी जब भी नाना के घर आती हैं तब भी शिव तांडव स्त्रोत का पाठ कर भगवान शिव का पूजन अर्चन करती है।
एकादशी की मां ने बताया कि उनकी बच्ची में पूजा पाठ और मंत्र सीखने का ललक है। उसे जब भी कुछ सिखाया जाता है वह उत्साह के साथ सीखती है। वह प्रतिदिन भगवान शिव का जलाभिषेक कर उनकी आरती पूजन में शामिल होती। प्रत्येक एकादशी पर बाबा महाकाल के दर्शन करना उसका नियम है।
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पानदरीबा निवासी एकादशी शर्मा की उम्र महज तीन साल हैं लेकिन कम उम्र में ही उन्होंने जिस तरह से कठिन मंत्रों को कंठस्थ कर लिया है उसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं और एकादशी की तारीफ किए बिना नहीं रह पाते।
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बाबा महाकाल के सामने तीन साल की एकादशी ने किया शिव तांडव स्त्रोत का पाठ, देखते रह गए लोग #ShivTandav #Shiv #Mahakal #Mahakaleshwar @collectorUJN @ChouhanShivraj@umasribharti @OfficeOfKNathhttps://t.co/wnbXwp7tOD pic.twitter.com/gFO4XNNfns
— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) August 26, 2022
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दादा से मिले हैं संस्कार
एकादशी की मां समीक्षा शर्मा ने बताया कि एकादशी में यह संस्कार उसके दादा विजयशंकर शर्मा के माध्यम से आए हैं। एकादशी के दादा प्रतिदिन भगवान का पूजन अर्चन मंत्रोच्चार के साथ करते हैं, जिससे एकादशी ने भी उन्हें देखकर मंत्रोच्चार और पूजन अर्चन करना सीख लिया। उसकी रूचि पूजन पाठ में भी बढ़ गई है। दादा के साथ ही एकादशी के पिता अभिषेक शर्मा (बाला गुरु) महाकाल मंदिर के पुजारी हैं, जिसके कारण एकादशी साल भर महाकाल मंदिर में होने वाले हर पर्व और उत्सव में जाती हैं।
महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी हैं नाना-दादा
एकादशी के दादा के साथ ही अपने ननिहाल में भी धर्म के संस्कार मिले हैं। उनके नाना दिनेश गुरु भी महाकाल मंदिर के पुजारी हैं और उनके निवास पर भी भगवान शिव का मंदिर बना हुआ है। एकादशी जब भी नाना के घर आती हैं तब भी शिव तांडव स्त्रोत का पाठ कर भगवान शिव का पूजन अर्चन करती है।
एकादशी की मां ने बताया कि उनकी बच्ची में पूजा पाठ और मंत्र सीखने का ललक है। उसे जब भी कुछ सिखाया जाता है वह उत्साह के साथ सीखती है। वह प्रतिदिन भगवान शिव का जलाभिषेक कर उनकी आरती पूजन में शामिल होती। प्रत्येक एकादशी पर बाबा महाकाल के दर्शन करना उसका नियम है।
