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Sonu Sood: जानलेवा बीमारी से जूझ रहे अथर्व के मसीहा बने सोनू सूद, कहा- मुंबई पहुंचने से पहले शुरू होगा इलाज

Fri, 23 Dec 2022 06:08 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 23 Dec 2022 06:08 PM IST
सार

एक्टर सोनू सूद अपनी आने वाली फिल्म फतह की सफलता की कामना के लिए महाकाल का आशीर्वाद लेने आए थे। उन्होंने दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे अथर्व से मुलाकात की। सोनू से बच्चे के इलाज के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। 

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Sonu Sood: Sonu Sood became the messiah of Atharva, who is suffering from a fatal disease
सोनू सूद ने उज्जैन के अथर्व के इलाज कराने का आश्वासन दिया है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फिल्म अभिनेता सोनू सूद शुक्रवार को महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे अथर्व से मुलाकात की। सोनू से बच्चे के इलाज के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। कहा है कि उनके मुंबई पहुंचने से पहले बच्चे का इलाज शुरू हो जाएगा।
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बता दें कि एक्टर सोनू सूद अपनी आने वाली फिल्म फतह की सफलता की कामना के लिए महाकाल का आशीर्वाद लेने आए थे। गर्भगृह में पत्नी सोनाली व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद सोनू सूद उज्जैन में रहने वाले अथर्व से मिले, अथर्व स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से पीड़ित है। अथर्व  के इलाज की पूरी फाइल देखने के बाद अभिनेता सोनू सूद को अर्थव के पिता पवन पंवार और उनकी पत्नी भावना ने बेटे के लिए 16 करोड़ के इंजेक्शन की बात भी साझा की। सोनू ने तत्काल मुंबई स्थित टीम से बात की। डॉक्टर की टीम से इलाज और इंजेक्शन के हर संभव मदद का एलान भी कर दिया। सोनू ने कहा भगवान महाकाल ने बच्चे अथर्व की मदद के लिए मुझे बुलाया था। शायद भगवान की यही इच्छा थी। बेस्ट डॉक्टर से बच्चे का इलाज करवाएंगे। 
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कया होता है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी
स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक आनुवांशिक बीमारी है। यह बीमारी कई प्रकार की होती है, लेकिन इसमें टाइप-1 सबसे गंभीर होता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में हर साल जन्म लेने वाले बच्चों में लगभग 400 बच्चे इस बीमारी से ग्रसित होते हैं। भारत में भी इसके कई मामले सामने आ चुके हैं। ताजा मामला तीरा कामत नाम की एक बच्ची का है, जो स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 से पीड़ित है और जिसका इलाज मुंबई के एक अस्पताल में चल रहा है। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक ऐसी जानलेवा बीमारी है, जिसके सिर्फ एक इंजेक्शन की कीमत है 16 करोड़ रुपये है। 
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