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उज्जैन: एसआईआर के विरोध में गांधीवादी प्रदर्शन, चरखा चलाकर जताया विरोध, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
Thu, 08 Oct 2026 04:00 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 04:00 PM IST
सार
SIR के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने शहर के फ्रीगंज टॉवर पर गांधीवादी अंदाज में चरखा चलाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
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चरखा चलाकर ऐसे किया जा रहा है विरोध प्रदर्शन
विस्तार
उज्जैन। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में धांधली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने देशभर में मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का गंभीर आरोप है कि SIR प्रक्रिया के आड़ में देश के करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से अल्पसंख्यकों और पारंपरिक मतदाताओं को निशाना बनाया गया है।
राजधानी दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। इस देशव्यापी विरोध की गूंज धार्मिक नगरी उज्जैन में भी साफ दिखाई दी। गुरुवार को फ्रीगंज स्थित टावर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने एक अनूठे गांधीवादी अंदाज में विरोध दर्ज कराया। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे बैठकर महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों ने चरखा चलाया।
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प्रदर्शनकारी रेणुका गांधी ने बताया कि चरखा चलाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने के साथ-साथ रचनात्मक और टिकाऊ भी हो सकता है।
धरना स्थल पर महात्मा गांधी, भगत सिंह और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के चित्रों वाले कई पोस्टर और तख्तियां लहराई गईं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे गांधी और बाबा साहेब के सिद्धांतों के अनुयायी हैं और अपने संवैधानिक अधिकारों तथा आम नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए यह अहिंसक लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे।
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राजधानी दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। इस देशव्यापी विरोध की गूंज धार्मिक नगरी उज्जैन में भी साफ दिखाई दी। गुरुवार को फ्रीगंज स्थित टावर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने एक अनूठे गांधीवादी अंदाज में विरोध दर्ज कराया। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे बैठकर महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों ने चरखा चलाया।
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प्रदर्शनकारी रेणुका गांधी ने बताया कि चरखा चलाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने के साथ-साथ रचनात्मक और टिकाऊ भी हो सकता है।
धरना स्थल पर महात्मा गांधी, भगत सिंह और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के चित्रों वाले कई पोस्टर और तख्तियां लहराई गईं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे गांधी और बाबा साहेब के सिद्धांतों के अनुयायी हैं और अपने संवैधानिक अधिकारों तथा आम नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए यह अहिंसक लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे।
