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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Simhastha 2028 Preparation: 650m Underground Corridor Way to Smooth Mahakal Darshan in Ujjain

सिंहस्थ से पहले उज्जैन को सौगात: 91 करोड़ की अंडरग्राउंड सुरंग से सुगम होंगे महाकाल के दर्शन, नहीं लगेगा जाम

Sun, 30 Aug 2026 09:32 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sun, 30 Aug 2026 09:32 PM IST
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Simhastha 2028 Preparation: 650m Underground Corridor Way to Smooth Mahakal Darshan in Ujjain
उज्जैन में ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बड़े प्लान पर काम हो रहा है। - फोटो : अमर उजाला

श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और हरिफाटक क्षेत्र में लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 91.74 करोड़ रुपये की लागत से 650 मीटर लंबा भूमिगत (अंडरग्राउंड) कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इस टनल के बनने से श्रद्धालु हरिफाटक पार्किंग में अपने वाहन खड़े कर सीधे महाकाल लोक पहुंच सकेंगे।

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सिंहस्थ 2028 में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान है। सावन, महाशिवरात्रि और प्रमुख पर्वों पर यहां रोजाना लाखों लोग जुटते हैं। ऐसे में इंदौर, आगर और बड़नगर रोड से आने वाले ट्रैफिक के कारण हरिफाटक ब्रिज पर अत्यधिक दबाव बन जाता है। इस भूमिगत मार्ग के शुरू होने से श्रद्धालुओं को मुख्य सड़क के ट्रैफिक से गुजरे बिना सीधा और सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
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यह रहेगी प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताएं

  • टू-वे ट्रैफिक व्यवस्था - 650 मीटर लंबी टनल में 9-9 मीटर चौड़े दो अलग-अलग बॉक्स बनाए जाएंगे। एक बॉक्स से श्रद्धालु महाकाल लोक जाएंगे और दूसरे से वापस लौटेंगे।

  • प्राकृतिक हवा और रोशनी - टनल के कुछ हिस्से ऊपर से खुले रखे जाएंगे ताकि हवा और धूप आती रहे। जलभराव रोकने के लिए विशेष ड्रेनेज लाइन और संपवेल की व्यवस्था होगी।

  • इमर्जेंसी सिक्योरिटी सिस्टम - किसी भी आपात स्थिति के लिए हर 100 मीटर पर अलार्म और अलर्ट सिस्टम होगा, जिससे तुरंत पुलिस या एंबुलेंस की मदद ली जा सकेगी।

  • रेलवे ट्रैक के नीचे चुनौतीपूर्ण काम - टनल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रेलवे लाइन के नीचे से गुजरेगा, जिसे रेलवे द्वारा 31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा।


अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के अनुसार, यह प्रोजेक्ट सिंहस्थ 2028 के दौरान भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट में बेहद कारगर साबित होगा। फिलहाल प्रोजेक्ट का करीब 15 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है। गौरतलब है कि महाकाल मंदिर क्षेत्र में प्रवेश और निकास के लिए पहले से ही अंडरग्राउंड टनल का इस्तेमाल हो रहा है। हरिसिद्धि की तरफ से शहनाई द्वार तक एक अन्य टनल का निर्माण भी जारी है। ऐसे में हरिफाटक से महाकाल लोक तक बनने वाला यह कॉरिडोर मंदिर क्षेत्र का चौथा भूमिगत रास्ता बनेगा, जो श्रद्धालुओं के दर्शन अनुभव को और अधिक सुरक्षित तथा सुगम बनाएगा।

ऐसे हो रहा भव्य टनल का निर्माण

ऐसे हो रहा भव्य टनल का निर्माण

 

ऐसे हो रहा भव्य टनल का निर्माण

ऐसे हो रहा भव्य टनल का निर्माण

 

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