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उज्जैन में गरजा बुलडोजर: बेगम बाग में 16 अवैध कमर्शियल बिल्डिंग जमींदोज, 50 से अधिक पुलिसकर्मी रहे तैनात
Sat, 22 Aug 2026 12:24 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:24 PM IST
सार
उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने 16 अवैध बिल्डिंगों पर बुलडोजर कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, जमीन आवासीय उपयोग के लिए 30 साल की लीज पर दी गई थी, लेकिन उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था और लीज समाप्त होने के बाद नवीनीकरण भी नहीं हुआ।
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उज्जैन में गरजा बुलडोजर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में 16 अवैध बिल्डिंगों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है। यह क्षेत्र महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर स्थित है। संबंधित प्रॉपर्टी उज्जैन विकास प्राधिकरण की है, जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। आरोप है कि यहां आवासीय उपयोग के बजाय नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। लीज समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण भी नहीं हो सका। जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नोटिस जारी किए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर अब कार्रवाई की जा रही है।
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई
शनिवार सुबह 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। दरअसल, पिछले दो वर्षों के भीतर यहां इसी तरह 80 से अधिक बिल्डिंगों को जमींदोज किया जा चुका है। उस समय जरूर विरोध हुआ था। शनिवार को कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। मौके पर 50 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। इनमें सीएसपी, टीआई और पुलिस जवान शामिल हैं। वहीं, करीब 100 प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी भी मौके पर मौजूद हैं। इनमें विकास प्राधिकरण के सीईओ, नगर निगम की टीम, एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी और निगमकर्मी शामिल हैं।
महाकाल मंदिर के पास है क्षेत्र
जिस जगह पर कार्रवाई चल रही है, वह महाकाल मंदिर के पास स्थित है। क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान इस मार्ग को वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को केवल पैदल जाने की अनुमति दी जा रही है।
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1985 में आवंटित की गई थी भूमि
दरअसल, उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में भूखंड आवासीय उपयोग के लिए 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया, जो नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई, जिसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण की ओर से लगातार नोटिस जारी किए गए।
कोर्ट से नहीं मिली राहत
वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी। इसके बाद भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे, जहां उन्हें स्टे मिला। इन भूखंडों को लेकर अलग-अलग न्यायालयों में मामले विचाराधीन रहे। न्यायालय से स्टे हटते ही तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यहां पिछले करीब दो वर्षों में पूर्व में भी 80 बिल्डिंगों को हटाया जा चुका है। खास बात यह है कि जिन निर्माणों पर कार्रवाई हो रही है, ऐसे कुल 45 भूखंड उज्जैन विकास प्राधिकरण ने आवंटित किए थे। प्रत्येक भूखंड का आकार करीब 2,400 वर्गफीट था। भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 106 बिल्डिंग बना लीं। अब तक 106 में से 80 बिल्डिंगों को जमींदोज किया जा चुका है। शेष बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा।
ये भी पढ़ें- Twisha Case: फुटेज किसने गायब कराए, फंदे की बेल्ट डॉक्टरों को क्यों नहीं सौंपी? चार्जशीट के बाद भी उठे सवाल
सभी के स्टे खारिज
शनिवार को जिन 16 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है, उनके संबंध में न्यायालय ने स्टे खारिज कर दिया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी किए गए, जिनकी समय सीमा भी समाप्त हो गई। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वत: अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दिया। यही वजह रही कि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।
इन बिल्डिंगों पर हुई कार्रवाई
मोहम्मद शब्बीर, जाकिर, डॉ. महबूब खान, मोहम्मद रईस, जावेद खान, अफसाना, इरशाद, नजमा बी, शकीला बी, फरीजा बी, शमीम बी सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के निर्माण तोड़े जा रहे हैं। मौके पर पोकलेन और बुलडोजर की मदद से कार्रवाई जारी है।
क्या बोले यूडीए के सीईओ?
सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारकों को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे, जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग में लिया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई है। जिस जगह यह कार्रवाई चल रही है, वहां आगामी सिंहस्थ 2028 के दौरान ब्रिज का निर्माण किया जाना है।
सीएसपी बोले- कार्रवाई में 50 अधिक जवान और अधिकारी
सीएसपी संजू चौहान ने बताया कि आज कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक पुलिस जवान और अधिकारी तैनात किए गए हैं। CCTV और ड्रोन से नजर रखी जा रही है। यह महाकाल मंदिर का पहुंच मार्ग है, इसलिए श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।”
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सुबह से शुरू हुई कार्रवाई
शनिवार सुबह 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। दरअसल, पिछले दो वर्षों के भीतर यहां इसी तरह 80 से अधिक बिल्डिंगों को जमींदोज किया जा चुका है। उस समय जरूर विरोध हुआ था। शनिवार को कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। मौके पर 50 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। इनमें सीएसपी, टीआई और पुलिस जवान शामिल हैं। वहीं, करीब 100 प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी भी मौके पर मौजूद हैं। इनमें विकास प्राधिकरण के सीईओ, नगर निगम की टीम, एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी और निगमकर्मी शामिल हैं।
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महाकाल मंदिर के पास है क्षेत्र
जिस जगह पर कार्रवाई चल रही है, वह महाकाल मंदिर के पास स्थित है। क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान इस मार्ग को वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को केवल पैदल जाने की अनुमति दी जा रही है।
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1985 में आवंटित की गई थी भूमि
दरअसल, उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में भूखंड आवासीय उपयोग के लिए 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया, जो नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई, जिसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण की ओर से लगातार नोटिस जारी किए गए।
कोर्ट से नहीं मिली राहत
वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी। इसके बाद भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे, जहां उन्हें स्टे मिला। इन भूखंडों को लेकर अलग-अलग न्यायालयों में मामले विचाराधीन रहे। न्यायालय से स्टे हटते ही तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यहां पिछले करीब दो वर्षों में पूर्व में भी 80 बिल्डिंगों को हटाया जा चुका है। खास बात यह है कि जिन निर्माणों पर कार्रवाई हो रही है, ऐसे कुल 45 भूखंड उज्जैन विकास प्राधिकरण ने आवंटित किए थे। प्रत्येक भूखंड का आकार करीब 2,400 वर्गफीट था। भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 106 बिल्डिंग बना लीं। अब तक 106 में से 80 बिल्डिंगों को जमींदोज किया जा चुका है। शेष बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा।
ये भी पढ़ें- Twisha Case: फुटेज किसने गायब कराए, फंदे की बेल्ट डॉक्टरों को क्यों नहीं सौंपी? चार्जशीट के बाद भी उठे सवाल
सभी के स्टे खारिज
शनिवार को जिन 16 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है, उनके संबंध में न्यायालय ने स्टे खारिज कर दिया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी किए गए, जिनकी समय सीमा भी समाप्त हो गई। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वत: अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दिया। यही वजह रही कि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।
इन बिल्डिंगों पर हुई कार्रवाई
मोहम्मद शब्बीर, जाकिर, डॉ. महबूब खान, मोहम्मद रईस, जावेद खान, अफसाना, इरशाद, नजमा बी, शकीला बी, फरीजा बी, शमीम बी सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के निर्माण तोड़े जा रहे हैं। मौके पर पोकलेन और बुलडोजर की मदद से कार्रवाई जारी है।
क्या बोले यूडीए के सीईओ?
सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारकों को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे, जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग में लिया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई है। जिस जगह यह कार्रवाई चल रही है, वहां आगामी सिंहस्थ 2028 के दौरान ब्रिज का निर्माण किया जाना है।
सीएसपी बोले- कार्रवाई में 50 अधिक जवान और अधिकारी
सीएसपी संजू चौहान ने बताया कि आज कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक पुलिस जवान और अधिकारी तैनात किए गए हैं। CCTV और ड्रोन से नजर रखी जा रही है। यह महाकाल मंदिर का पहुंच मार्ग है, इसलिए श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।”

उज्जैन में बुलडोजर की दहाड़, बेगमबाग में बने अवैध कॉमर्शियल बिल्डिंगों को मिट्टी में मिलाया

उज्जैन में बुलडोजर की दहाड़, बेगमबाग में बने अवैध कॉमर्शियल बिल्डिंगों को मिट्टी में मिलाया

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