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Republic Day: मध्यप्रदेश के इस गणेश मंदिर में हर साल अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, खास है वजह
Fri, 27 Jan 2023 01:34 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 27 Jan 2023 01:34 PM IST
सार
26 जनवरी 1950 को भारत में जब संविधान लागू किया गया था, उस दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि थी। इस बार यह तिथि 29 जनवरी को पड़ रही है, इसी दिन मंदिर में गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।
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बड़े गणेश मंदिर में 29 जनवरी को मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भले ही पूरे देश मे गणतंत्र दिवस पर्व 26 जनवरी को मनाया गया हो, लेकिन धर्मनगरी उज्जैन मे एक मंदिर ऐसा है, जहां इस बार गणतंत्र दिवस रविवार 29 जनवरी को मनाया जाएगा। यह पहली बार नहीं है, हर वर्ष यहां गणतंत्र दिवस अलग-अलग तिथियों पर ही मनाया जाता है। दरअसल, कई दशकों से बड़े गणेश मंदिर में तारीखों पर नहीं, बल्कि तिथियों के अनुसार राष्ट्रीय पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं। इस बार गणतंत्र दिवस की तिथि भी 29 जनवरी को पड़ रही है, जिस कारण यहां 29 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।
शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
ज्योतिषाचार्य पं. आनंद शंकर व्यास ने बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारत में जब संविधान लागू किया गया था, उस दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि थी। इस बार यह तिथि 29 जनवरी को पड़ रही है, इसलिए इसी तिथि को उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में गणतंत्र दिवस धूमधाम के मनाया जाएगा। साथ ही प्रथम पूज्य श्री गणेश से देश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की जाएगी। इस दिन मंदिर के शिखर पर नया ध्वज चढ़ेगा और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी याद किया जाएगा।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की आश्रय स्थली रहा है मंदिर
बड़े गणेश मंदिर की स्थापना 908 में माघ कृष्ण चतुर्थी के दिन हुई थी। पं. बाल गंगाधर तिलक के गणेश उत्सव अभियान से प्रेरित होकर पं. नारायण व्यास ने मंदिर की स्थापना की थी। यह मंदिर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की आश्रय स्थली रही। 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति तक मंदिर में अखंड यज्ञ किया जाता रहा।
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शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
ज्योतिषाचार्य पं. आनंद शंकर व्यास ने बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारत में जब संविधान लागू किया गया था, उस दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि थी। इस बार यह तिथि 29 जनवरी को पड़ रही है, इसलिए इसी तिथि को उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में गणतंत्र दिवस धूमधाम के मनाया जाएगा। साथ ही प्रथम पूज्य श्री गणेश से देश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की जाएगी। इस दिन मंदिर के शिखर पर नया ध्वज चढ़ेगा और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी याद किया जाएगा।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की आश्रय स्थली रहा है मंदिर
बड़े गणेश मंदिर की स्थापना 908 में माघ कृष्ण चतुर्थी के दिन हुई थी। पं. बाल गंगाधर तिलक के गणेश उत्सव अभियान से प्रेरित होकर पं. नारायण व्यास ने मंदिर की स्थापना की थी। यह मंदिर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की आश्रय स्थली रही। 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति तक मंदिर में अखंड यज्ञ किया जाता रहा।
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