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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News ›   Ram Van Gaman: Construction is being done at the places where Siyaram stayed in Ujjain.

Ujjain: 22 जनवरी को राम वन गमन का दृश्य होगा सजीव, सियाराम जहां रुके उन स्थानों का हो रहा प्रतीकात्मक निर्माण

Wed, 17 Jan 2024 04:30 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 17 Jan 2024 04:30 PM IST
सार

उज्जैन में नगर वन के रूप में एक ऐसे एतिहासिक स्थल का निर्माण किया है, जहां भक्तजन प्रभु श्रीराम के वन गमन को अनुभूत कर सकेंगे। मक्सी रोड स्थित नवलखी बीड़ में विकसित इस वन के करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में उन स्थानों का निर्माण कराया जा रहा है, जहां वनवास के दौरान प्रभु श्री राम गए थे। 

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Ram Van Gaman: Construction is being done at the places where Siyaram stayed in Ujjain.
उज्जैन के नवलखी पार्क में राम गमन का दृश्य सजीव करने की तैयारी हो रही है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उज्जैन के मक्सी रोड पर वन विभाग द्वारा निर्मित नवलखी बीड़ के डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में वह स्थान निर्मित किया जा रहा है, जहां वनवास के दौरान श्रीराम गए थे। इस वन में मौजूद वनस्पतियां भी त्रेतायुग में होने का अहसास कराएंगी। आम नागरिक 22 जनवरी को श्रीराम वन गमन पथ के निशुल्क दर्शन कर सकेंगे।
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जिला वन मंडल अधिकारी डॉ. किरण बिसेन की परिकल्पना ने उज्जैन में नगर वन के रूप में एक ऐसे एतिहासिक स्थल का निर्माण किया है, जहां भक्तजन प्रभु श्रीराम के वन गमन को अनुभूत कर सकेंगे। मक्सी रोड स्थित नवलखी बीड़ में विकसित इस वन के करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में उन स्थानों का निर्माण कराया जा रहा है, जहां वनवास के दौरान प्रभु श्री राम गए थे। वन में मौजूद वनस्पतियां भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं को त्रेता युग में होने का अहसास कराती हैं। 
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Ram Van Gaman: Construction is being done at the places where Siyaram stayed in Ujjain.
राम और सीता जहां से गुजरे उन स्थानों को उज्जैन में दर्शाने की कोशिश होगी। - फोटो : सोशल मीडिया
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दिन श्रीराम वन गमन पथ दर्शन हेतु सैलानियों को निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। जहां श्रीराम और सीता रुके थे, नगर वन में इन्हीं प्रमुख स्थानों का निर्माण कराया गया है। स्थान विशेष पर उस क्षेत्र से संबंधित वृक्षों के पौधे भी लगाए गए हैं, जो उस कालखंड में मौजूद थे। यहां आने के बाद भक्तों के मानस पटल पर श्रीराम वन गमन का दृश्य सजीव हो जाता है और वें स्वयं भी उस समय वहां मौजूद होने की अनुभूति करने लगते हैं।

इन पौधों का किया जा रहा है रोपण
वन मंडल द्वारा श्रीराम वन गमन पथ पर विभिन्न प्रजाति के 1200 से अधिक पौधे रौपे जा रहे हैं, जो उस कालखंड में उन स्थानों पर मौजूद थे। इसमें वर्षा वृक्ष, मरखामिया लुटिया, मिशेलिया चंपाक, सुरु, पेंडानस, छातावृक्ष, महघानी, विधारा, कुचला, अनंतमूल, वैरिंगटनिया, लाल चंदन, पेंसिलपाइन, शरपुंखा, नारियल पूर्वी तट लंबा आदि शामिल है। 
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