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Rain Alert: उज्जैन में बारिश थमने से राहत, 20 सितंबर से फिर एक्टिव होगा सिस्टम, जानें कब तक होगी बारिश
Mon, 18 Sep 2023 09:58 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 18 Sep 2023 09:58 AM IST
सार
जीवाजीराव वेधशाला की जानकारी के मुताबिक आगामी 20 सितंबर से एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते बारिश का दौरा 25 सितंबर तक चलने की संभावना है।
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उज्जैन में लगातार बारिश से बाढ़ के हालात बने हुए हैं। घाट के कई मंदिर अब भी डूबे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सितंबर में हुई बारिश ने प्रदेश को सूखे के मुहाने से बाहर निकाल दिया है। उज्जैन में चारों ओर बारिश का पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है। 18 सितंबर को बारिश का एक सिस्टम खत्म हो रहा है, लेकिन 20 सितंबर से फिर दूसरा सिस्टम सक्रिय हो रहा है जिसके चलते 25 सितंबर तक बारिश होने की संभावना मौसम वैज्ञानिकों ने जताई है।
जुलाई और अगस्त माह एक तरह से सूखा निकला है। जिसके चलते पूर्वी सहित पश्चिम मध्यप्रदेश के कई जिलों में सूखा पड़ने की संभावना बन गई थी। सोयाबीन की कम दिनों की फसल पीली पड़ने लगी थी। लेकिन बंगाल की खाड़ी से उठे साइकोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से 15 सितंबर की शाम से भारी बारिश का जो दौर शुरू हुआ तो उसने जिले में भारी तबाही का मंजर पैदा कर दिया। जिले सहित शहर में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। यहां तक की कई कॉलोनी में इतना पानी भर आया कि वहां नाव की सहायता से लोगों को रेस्क्यू किया गया। शिप्रा नदी मैं भी पानी अपने खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। यहां के छोटे मंदिर पानी में डूब चुके हैं। अंगारेश्वर मंदिर की छत तक पानी का बहाव चल रहा है। बड़े पुल के नीचे पानी बह रहा है। चारों ओर जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई है। जीवाजीराव वेधशाला के अधीक्षक राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि आगामी 20 सितंबर से एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते बारिश का दौरा 25 सितंबर तक चलने की संभावना है।
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जुलाई और अगस्त माह एक तरह से सूखा निकला है। जिसके चलते पूर्वी सहित पश्चिम मध्यप्रदेश के कई जिलों में सूखा पड़ने की संभावना बन गई थी। सोयाबीन की कम दिनों की फसल पीली पड़ने लगी थी। लेकिन बंगाल की खाड़ी से उठे साइकोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से 15 सितंबर की शाम से भारी बारिश का जो दौर शुरू हुआ तो उसने जिले में भारी तबाही का मंजर पैदा कर दिया। जिले सहित शहर में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। यहां तक की कई कॉलोनी में इतना पानी भर आया कि वहां नाव की सहायता से लोगों को रेस्क्यू किया गया। शिप्रा नदी मैं भी पानी अपने खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। यहां के छोटे मंदिर पानी में डूब चुके हैं। अंगारेश्वर मंदिर की छत तक पानी का बहाव चल रहा है। बड़े पुल के नीचे पानी बह रहा है। चारों ओर जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई है। जीवाजीराव वेधशाला के अधीक्षक राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि आगामी 20 सितंबर से एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते बारिश का दौरा 25 सितंबर तक चलने की संभावना है।
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