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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain: PC Sharma Calls Temple Bond Plan a 'Business in Religion', Questions 200 Crore Funding Move

उज्जैन: टेंपल बांड पर गर्माई सियासत, बांड के जरिए 200 करोड़ जुटाने की योजना,कांग्रेस बोली- बंद हो धर्म का धंधा

Thu, 22 Oct 2026 04:26 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Thu, 22 Oct 2026 04:26 PM IST
सार

उज्जैन के 11 प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए 1,124 करोड़ के मास्टर प्लान पर सियासी विवाद शुरू हो गया है। योजना के तहत टेंपल बॉन्ड से 200 करोड़ जुटाने को लेकर कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने इसे धर्म के नाम पर धंधा बताते हुए सवाल उठाया है।

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Ujjain: PC Sharma Calls Temple Bond Plan a 'Business in Religion', Questions 200 Crore Funding Move
कितना उचित है टेंपल बांड? - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धार्मिक नगरी उज्जैन में मंदिरों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए एक तरफ जहां देश के पहले टेंपल बांड के जरिए आमजन की सहभागिता से 200 करोड़ रुपए जुटाने की अनोखी योजना पर काम तेजी से चल रहा है, वहीं दूसरी ओर इस पर तीखा राजनीतिक विरोध भी शुरू हो गया है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पी.सी. शर्मा ने इस पूरी योजना को आड़े हाथों लेते हुए इसे धर्म का धंधा करार दिया है।

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योजना के बारे में यूडीए अध्यक्ष रवि सोलंकी ने बताया कि उज्जैन के 11 प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए कुल 1124 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा देश में पहली बार ऐसा प्रयोग किया जा रहा है, जिसमें शेयर बाजार की तरह 11 मंदिरों के टेंपल बांड की ऑनलाइन खरीदी-बिक्री होगी। इसमें आम नागरिक भी सीधे सहभागी बन सकेंगे। आने वाले एक-डेढ माह में बांड जारी होने की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। 
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कुल 1124 करोड़ रुपए के इस प्लान में 308 करोड़ रुपए की सरकारी सब्सिडी (ग्रांट) शामिल है। इसके अलावा यूडीए की गारंटी पर 600 करोड़ रुपए बैंक से लोन लिया जा रहा है और बाकी 200 करोड़ रुपए के लिए ये टेंपल बांड लाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत कालभैरव, मंगलनाथ, सिद्धवट, सांदीपनि आश्रम, मां बगलामुखी (नलखेड़ा), अंगारेश्वर महादेव, भूखी माता, गढ़कालिका, शनि मंदिर, नवग्रह मंदिर और 84 महादेव शृंखला के मंदिर शामिल हैं। इन विकास कार्यों के पूरा होने से ये स्थल बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेंगे। बांड जारी करने की 80% प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है।


धर्म के नाम पर नहीं होना चाहिए धंधा
इस योजना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने सरकार को आड़े हाथों लिया और कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मंदिरों के नाम पर बांड जारी करना धर्म का धंधा बन जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि जिसके पास ज्यादा बांड होंगे, वह मंदिर पर अपना एकाधिकार जताने लगेगा। उन्होंने अयोध्या में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां चढ़ावे की चोरी पर न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई। ऐसे में सरकार का यह नया हथकंडा सही नहीं है। 

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास मंदिरों के लिए खुद का पैसा नहीं है? सरकार कर्ज लेकर बांड इश्यू करवा रही है, जो सरासर गलत है।
पूर्व मंत्री ने सुझाव दिया कि यदि सरकार के पास मंदिरों के लिए बजट नहीं है, तो वह सीधे भक्तों से कहे, श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और दान से मंदिरों का निर्माण करवा देंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह धंधा नहीं रुका तो इन मुद्दों को लेकर भी भविष्य में बड़े स्तर पर आंदोलन और यात्राएं निकाली जाएंगी।

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