फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News ›   Navratri 2023 Chausath Yogini Temple Ujjain Importance and Significance All You Need to Know

Navratri 2023: तांत्रिकों का विश्वविद्यालय है चौंसठ योगिनी मंदिर, पिंड रूप में विराजित हैं 64 देवियां

Fri, 24 Mar 2023 08:57 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 24 Mar 2023 08:57 AM IST
सार

चौसठ योगिनी मंदिर में वैसे तो वर्षभर ही दर्शन-पूजन के लिए भक्त आते रहते हैं और अपनी मुराद पूरी होने पर मां को प्रसाद चढ़ाते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती है। इस दौरान यहां सैकड़ों श्रद्धालु आकर माँ के दर्शन करते हैं।

विज्ञापन
Navratri 2023 Chausath Yogini Temple Ujjain Importance and Significance All You Need to Know
चौसठ योगिनी मंदिर उज्जैन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उज्जैन जिले के पुराने शहर के नयापुरा क्षेत्र में देवी के रूप में चौंसठ योगिनी का अनूठा मंदिर है। यह मंदिर एक प्रसिद्ध प्राचीन तांत्रिक मंदिर है, ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे तंत्र साधना और पूजा के लिए भी प्रमुख स्थान माना जाता है। एक जमाने में इस मंदिर को तांत्रिक विश्वविद्यालय कहा जाता था। उस दौर में इस मंदिर में तांत्रिक अनुष्ठान करके सिद्धियां हासिल करने के लिए तांत्रिकों का जमावड़ा लगा रहता था। मंदिर का नाम सुनकर भक्तों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि यहां देवी रूप मे चौंसठ प्रतिमाएं विराजित होगी और मंदिर में पहुंचकर यह बात सही भी साबित हो जाती है क्योंकि यहां माता पिंड रूप में 64 देवियों के रूप में विराजमान हैं। जिनके अलग-अलग नाम भी हैं। यह भी राजा विक्रमादित्य के समय से चौंसठ योगिनियों का स्थान है। प्राचीन काल से यह मंदिर यहां विद्यमान है। यह योगिनियां देवी का ही स्वरूप हैं। चौसठ योगिनी माता मंदिर में यूं तो वर्षभर ही दर्शन-पूजन के लिए भक्त आते रहते हैं और अपनी मुराद पूरी होने पर मां को प्रसाद चढ़ाते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां प्रतिदिन अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती है। इस दौरान यहां सैकड़ों श्रद्धालु आकर माँ के दर्शन करते हैं।
विज्ञापन


साधना सिद्ध करने आएंगे तांत्रिक
वैसे तो चौसठ योगिनियों के कई जगह मंदिर है, लेकिन मप्र में तीन बड़े मंदिरों में जबलपुर के भेड़ाघाट पर नर्मदा किनारे पहाड़ी पर किलेनुमा और चंबल संभाग में चौसठ योगिनियों का मंदिर है। तीसरा प्रमुख मंदिर उज्जैन में है, जो राजा विक्रमादित्य के कार्यकाल के समय का है।
विज्ञापन

मंदिर के पुजारी पंडित मनीष व्यास ने बताया कि माता चौसठ योगिनी को तांत्रिक देवी कहा जाता है और तंत्र साधना के लिए यह स्थान अत्यंत विशेष महत्व रखता है।  नवरात्रि पर्व पर वैसे तो मंदिर में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती के पाठ और महाअष्टमी पर हवन किया जाएगा, लेकिन इस दौरान बंगाल और असम से तांत्रिक मंदिर पहुंचेंगे जो कि अपनी साधना की पूर्णता के लिए यहां अनुष्ठान करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed