MP Election 2023: बड़नगर में कांग्रेस ने अब राजेंद्र सिंह सोलंकी का काटा टिकट; पुराने नेता पर ही जताया भरोसा
Assembly Election 2023: उज्जैन की बडनगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी का नाम नाटकीय रूप से बदला जा रहा है। जहां पहल यहां से पार्टी ने राजेंद्र सिंह सोलंकी को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, घटनाक्रम कुछ ऐसा बदला कि अब फिर कांग्रेस ने प्रत्याशी के नाम में फेरबदल कर मुरली मोरवाल के नाम पर मोहर लगा दी।
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MP Assembly Election: मध्यप्रदेश में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव कमेटी ने अपनी दूसरी लिस्ट में उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक मुरली मोरवाल का टिकट काटकर इस बार राजेंद्र सिंह सोलंकी को अपना उम्मीदवार घोषित किया गया था। राजेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट मिलने के बाद से ही मुरली मोरवाल और उनके समर्थक कड़ा विरोध दर्ज करवा रहे थे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के भोपाल स्थित निवास पर पहुंचकर भी जमकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान मुरली मोरवाल के समर्थकों ने इस दौरान खुद पर पेट्रोल डीजल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास भी किया था। मुरली मोरवाल और उनके समर्थकों के विरोध और जमीनी फीडबैक के आधार पर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव कमेटी ने इस सीट का टिकट बदल दिया। यानी कांग्रेस ने राजेंद्र सिंह सोलंकी की बजाय इस बार फिर बड़नगर से मुरली मोरवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव कमेटी ने बुधवार को जारी की गई नई लिस्ट में चार टिकट में फेर बदल किया है। इसमें सुमावली, पिपरिया, बड़नगर और जावरा विधानसभा से घोषित किए गए प्रत्याशियों की बजाय अन्य प्रत्याशियों पर भरोसा जताया गया है। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के द्वारा जारी किए गए पत्र में बड़नगर विधानसभा से इस बार राजेंद्र सिंह सोलंकी का टिकट काटकर मुरली मोरवाल को कांग्रेस प्रत्याशी घोषित किया गया है।
मुरली मोरवाल वर्तमान में बडनगर विधानसभा से विधायक हैं और उज्जैन जिले में विधायक रहते हुए कांग्रेस ने सिर्फ उन्हीं की टिकट काटी थी। इससे नाराज होकर उन्होंने बडनगर उज्जैन और भोपाल पहुंचकर अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने इस बात को भी दोहराया था कि भारतीय जनता पार्टी के लोग मुझे भी लाखों करोड़ों रुपये देकर खरीदना चाहते थे। लेकिन मेरी पार्टी के प्रति इतनी आस्था और निष्ठा थी कि मैंने अपने जमीर को नहीं बेचा और पार्टी के लिए ही खड़ा रहा।
