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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव: उज्जैन में 5,108 लोगों ने सामूहिक गीता पाठ कर रचा कीर्तिमान, ये लोग रहे मौजूद
Wed, 11 Dec 2024 09:22 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 11 Dec 2024 09:22 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान उज्जैन में 5,108 लोगों ने सामूहिक गीता पाठ कर कीर्तिमान रच दिया। इसमें विश्व गीता प्रतिष्ठानम, त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय और इस्कॉन के द्वारा भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
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सामूहिक गीता पाठ का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप इस वर्ष मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विश्व गीता प्रतिष्ठानम, त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय और इस्कॉन के द्वारा भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
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इसी कड़ी में 5172वीं गीता जयंती के अवसर पर 5,108 लोगों के द्वारा कालिदास अकादमी परिसर में सामूहिक गीता पाठ किया गया। सामूहिक गीता पाठ कार्यक्रम में उज्जैन जिले के 54 स्कूलों के विद्यार्थी, विभिन्न आश्रमों के वेदपाठी, संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थी शामिल हुए। सभी के द्वारा श्रीमद् भगवद गीता के विनियोग, न्यास, ध्यान, माहात्म्य सहित 11वें, 12वें और 15वें मूल अध्याय का पाठ किया गया।
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गीता पाठ विश्व गीता प्रतिष्ठानम के ओम नम्र, श्रीमति पूजा मनमोहन उपाध्याय और सुषमा अग्रवाल के द्वारा करवाया गया। गीता पाठ के समापन पर सभी विद्यार्थियों को यह संकल्प दिलवाया गया कि वे प्रतिदिन गीता का पाठ अवश्य करेंगे। कार्यक्रम में जानकारी दी गई की भगवदगीता के पाठ से वातावरण शुद्ध होता है। इसका उद्गम स्वंय भगवान श्रीकृष्ण के श्री मुख से हुआ है। इसमें ज्ञान है, जीवन दर्शन का सार निहित है तथा जीवन की कई समस्याओं का समाधान प्राप्त होता है। आज के आयोजन से सभी लोग प्रतिदिन भगवत गीता का पाठ करने के लिए प्रेरित होंगे।
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यह रहे विशेष रूप से उपस्थित
इस दौरान मंच पर महंत रंगनाथाचार्य महाराज, महामण्डलेश्वर शांतिस्वरूपानंद महाराज, संस्कृत विश्वविघालय के कुलपति डॉ. विजय कुमार सीजी, वेदपाठी बटुक, संभागायुक्त संजय गुप्ता और उनकी धर्मपत्नी, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक राम तिवारी, कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक गोविद गन्धे एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
