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Ujjain News: सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क और ब्रिज के काम जून 2027 तक पूरे करें, अपर सचिव ने बैठक में दिए निर्देश
Tue, 04 Mar 2025 07:28 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 07:28 PM IST
सार
संभागायुक्त संजय गुप्ता ने बताया कि सभी संबंधित निर्माण एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। हरी फाटक ब्रिज के साथ एक और फोरलेन ब्रिज प्रस्तावित है और रेलवे स्टेशन से शिप्रा नदी तक 24 मीटर चौड़ी सड़क का भी प्रस्ताव है।
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सिंहस्थ 2028 को लेकर समीक्षा बैठक।
विस्तार
उज्जैन सिंहस्थ 2028 के सभी निर्माण कार्य, जो दो वर्षों में पूर्ण होने हैं, उन्हें जून 2027 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किया जाना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित करें और किसी भी प्रकार का गतिरोध न हो। यह बात अपर मुख्य सचिव नीरज कुमार मंडलोई ने कलेक्टर कार्यालय सभागृह में सिंहस्थ 2028 के प्रचलित और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा के दौरान कही।
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम, ब्रिज कॉरपोरेशन और विद्युत विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने सभी निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जून 2027 तक सभी बड़े कार्यों को पूर्ण करने की कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी। जो भी अधिकारी डीपीआर तैयार कर रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी तय होगी। यदि भविष्य में किसी कार्य में कोई समस्या आती है, तो संबंधित अधिकारियों को उसकी जवाबदेही लेनी होगी।
रेलवे ओवरब्रिज के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि ब्रिज कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर सीधे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करें और कार्य की प्रगति पर प्रतिदिन ध्यान दें। इसकी रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में अपर मुख्य सचिव को प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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हरी फाटक से महाकाल लोक तक बनेगा अंडरपास
बैठक में संभागायुक्त संजय गुप्ता ने बताया कि सभी संबंधित निर्माण एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। हरी फाटक ब्रिज के साथ एक और फोरलेन ब्रिज प्रस्तावित है और रेलवे स्टेशन से शिप्रा नदी तक 24 मीटर चौड़ी सड़क का भी प्रस्ताव है। संभागायुक्त ने यह भी बताया कि हरी फाटक से महाकाल लोक तक एक अंडरपास बनाया जाएगा, जिससे छोटी गाड़ियां और पैदल यात्री आसानी से गुजर सकेंगे। ब्रिज कॉरपोरेशन के पास 5 रेलवे ओवरब्रिज का काम है, और 13 अन्य ब्रिज भी बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पंचकोशी मार्ग के लिए टू-लेन सड़क प्रस्तावित है। पांच स्थायी कैंप विशेष रूप से व्यवस्थित किए जाएंगे, जिनमें शौचालय, फूड जोन, चेंजिंग रूम, रेस्ट रूम और आकस्मिक चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा।
सड़क के दोनों ओर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण की व्यवस्था की गई है। बाकतकड़ ब्रिज से दाऊदखेड़ी तक फोरलेन सड़क प्रस्तावित है, और आईएसबीटी बस स्टॉप के निर्माण का भी प्रस्ताव दिया गया है।
प्रेजेंटेशन देखा, फंड पर भी की चर्चा
अपर मुख्य सचिव नीरज कुमार मंडलोई ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यों और प्रस्तावित कार्यों के लिए भू-अर्जन की एक अलग व्यवस्था बनाई जाए, जिससे किसी भी निर्माण एजेंसी को कोई समस्या न हो और निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो। संभागायुक्त संजय गुप्ता ने बताया कि इसके लिए 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड प्रस्तावित किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ के निर्माण कार्यों की तीव्रता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी का एक डिवीजन और ब्रिज कॉरपोरेशन का एक सब-डिवीजन उज्जैन में स्थापित किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिल सके और 2 वर्षों की निर्धारित अवधि में सभी कार्य पूरे किए जा सकें। उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रोड सेफ्टी का ध्यान रखा जाए और आसपास के वाहन सीधे रोड पर न चढ़ें, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। लाइटिंग और अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए।
निर्माण कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को समन्वय के साथ तीव्र गति से किया जाए। यदि अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता हो, तो विभाग सीधे पत्राचार करें, जिससे कार्य की गति प्रभावित न हो और निर्माण कार्य समय पर पूरे किए जा सकें। इसके अतिरिक्त, विद्युत विभाग की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई और मेडिसिटी के प्रेजेंटेशन को भी देखा गया। अपर मुख्य सचिव ने सभी कार्य योजनाओं पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि यदि इन्हें समय पर पूर्ण कर लिया गया, तो सिंहस्थ 2028 में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी। सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम, ब्रिज कॉरपोरेशन और विद्युत विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने सभी निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जून 2027 तक सभी बड़े कार्यों को पूर्ण करने की कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी। जो भी अधिकारी डीपीआर तैयार कर रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी तय होगी। यदि भविष्य में किसी कार्य में कोई समस्या आती है, तो संबंधित अधिकारियों को उसकी जवाबदेही लेनी होगी।
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रेलवे ओवरब्रिज के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि ब्रिज कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर सीधे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करें और कार्य की प्रगति पर प्रतिदिन ध्यान दें। इसकी रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में अपर मुख्य सचिव को प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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हरी फाटक से महाकाल लोक तक बनेगा अंडरपास
बैठक में संभागायुक्त संजय गुप्ता ने बताया कि सभी संबंधित निर्माण एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। हरी फाटक ब्रिज के साथ एक और फोरलेन ब्रिज प्रस्तावित है और रेलवे स्टेशन से शिप्रा नदी तक 24 मीटर चौड़ी सड़क का भी प्रस्ताव है। संभागायुक्त ने यह भी बताया कि हरी फाटक से महाकाल लोक तक एक अंडरपास बनाया जाएगा, जिससे छोटी गाड़ियां और पैदल यात्री आसानी से गुजर सकेंगे। ब्रिज कॉरपोरेशन के पास 5 रेलवे ओवरब्रिज का काम है, और 13 अन्य ब्रिज भी बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पंचकोशी मार्ग के लिए टू-लेन सड़क प्रस्तावित है। पांच स्थायी कैंप विशेष रूप से व्यवस्थित किए जाएंगे, जिनमें शौचालय, फूड जोन, चेंजिंग रूम, रेस्ट रूम और आकस्मिक चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा।
सड़क के दोनों ओर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण की व्यवस्था की गई है। बाकतकड़ ब्रिज से दाऊदखेड़ी तक फोरलेन सड़क प्रस्तावित है, और आईएसबीटी बस स्टॉप के निर्माण का भी प्रस्ताव दिया गया है।
प्रेजेंटेशन देखा, फंड पर भी की चर्चा
अपर मुख्य सचिव नीरज कुमार मंडलोई ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यों और प्रस्तावित कार्यों के लिए भू-अर्जन की एक अलग व्यवस्था बनाई जाए, जिससे किसी भी निर्माण एजेंसी को कोई समस्या न हो और निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो। संभागायुक्त संजय गुप्ता ने बताया कि इसके लिए 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड प्रस्तावित किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ के निर्माण कार्यों की तीव्रता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी का एक डिवीजन और ब्रिज कॉरपोरेशन का एक सब-डिवीजन उज्जैन में स्थापित किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिल सके और 2 वर्षों की निर्धारित अवधि में सभी कार्य पूरे किए जा सकें। उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रोड सेफ्टी का ध्यान रखा जाए और आसपास के वाहन सीधे रोड पर न चढ़ें, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। लाइटिंग और अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए।
- उज्जैन-जावरा 98 किलोमीटर ग्रीनफील्ड मार्ग के लिए 5000 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है, जिसमें सिविल वर्क 2029 करोड़ रुपये का होगा।
- उज्जैन-मक्सी फोरलेन मार्ग 38 किलोमीटर लंबा और 16 मीटर चौड़ा होगा, जिसकी लागत 273 करोड़ रुपये रखी गई है।
- इंगोरिया-उन्हेल मार्ग 24 किलोमीटर लंबा होगा, जिसकी लागत 112 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
- इंगोरिया-देपालपुर मार्ग 32 किलोमीटर लंबा और टू-लेन होगा, जिसकी लागत 195 करोड़ रुपये होगी।
- सिंहस्थ बायपास फोरलेन मार्ग 19.82 किलोमीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा होगा, जिसकी लागत 701 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
निर्माण कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को समन्वय के साथ तीव्र गति से किया जाए। यदि अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता हो, तो विभाग सीधे पत्राचार करें, जिससे कार्य की गति प्रभावित न हो और निर्माण कार्य समय पर पूरे किए जा सकें। इसके अतिरिक्त, विद्युत विभाग की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई और मेडिसिटी के प्रेजेंटेशन को भी देखा गया। अपर मुख्य सचिव ने सभी कार्य योजनाओं पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि यदि इन्हें समय पर पूर्ण कर लिया गया, तो सिंहस्थ 2028 में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी। सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।



