{"_id":"6ac89b7ea212914a9c03cf7d","slug":"first-hunger-strike-then-yajna-now-blood-ujjain-ayurveda-students-unique-satyagraha-for-equal-stipend-ujjain-news-c-1-1-noi1228-4813615-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेश: स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर आयुर्वेद के 250 छात्रों का आंदोलन, भूख हड़ताल के बीच किया रक्तदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य प्रदेश: स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर आयुर्वेद के 250 छात्रों का आंदोलन, भूख हड़ताल के बीच किया रक्तदान
Fri, 09 Oct 2026 04:14 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 04:14 PM IST
सार
उज्जैन के शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय के 250 विद्यार्थी स्टाइपेंड में समानता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने भूख हड़ताल, सद्बुद्धि यज्ञ और रक्तदान के माध्यम से विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि लिखित शासकीय आदेश जारी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
विज्ञापन
उज्जैन में स्टाइपेंड को लेकर प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उज्जैन में स्टाइपेंड में समानता की मांग को लेकर शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के विद्यार्थियों का आंदोलन जारी है। अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे 250 विद्यार्थियों ने भूख हड़ताल और सद्बुद्धि यज्ञ के बाद सामूहिक रक्तदान शिविर आयोजित किया। विद्यार्थियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन मरीजों की सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश जारी नहीं होने से विद्यार्थियों में नाराजगी है।
विज्ञापन
हक की लड़ाई के बीच मरीजों की सेवा
उज्जैन। स्टाइपेंड में समानता की मांग को लेकर शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के विद्यार्थियों का आंदोलन अब एक अनूठे गांधीवादी और सेवाभावी मोड़ पर पहुंच गया है। धरने पर बैठे 250 विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर न केवल भूख हड़ताल की और सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ रचा, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सामूहिक रक्तदान शिविर का आयोजन कर एक मिसाल पेश की।
विज्ञापन
स्टाइपेंड में वृद्धि का लिखित आदेश जारी होने तक जारी रहेगा धरना
आंदोलनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि एक तरफ वे अपने न्यायोचित हक के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ रक्तदान के माध्यम से मरीजों की जान बचाकर यह संदेश दे रहे हैं कि चिकित्सक का धर्म हमेशा सर्वोपरि है। आंदोलन कर रहे विद्यार्थी विक्रांत कुमार ने बताया कि अब केवल जबानी आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जब तक स्टाइपेंड में वृद्धि का लिखित शासकीय आदेश जारी नहीं होता, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि असंतोष की मुख्य वजह एलोपैथी (MBBS) और आयुर्वेद (BAMS/MD) के विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में मौजूद भारी असमानता है, जिसे दूर करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी आदेश का इंतजार
बताया जाता है कि करीब 23 दिन पहले अधिकारियों और आयुष मंत्री को ज्ञापन सौंपने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 सितंबर को भोपाल में आयुर्वेद कॉलेज के स्टाइपेंड जल्द बढ़ाने की सार्वजनिक घोषणा की थी। हालांकि, अब तक आधिकारिक लिखित आदेश जारी न होने से छात्रों में निराशा और आक्रोश है।
सद्बुद्धि यज्ञ के बाद भूख हड़ताल, गांधीवादी तरीके से विरोध
सोमवार से शुरू हुए इस प्रदर्शन में छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने सद्बुद्धि यज्ञ कर सरकार से संवेदनशीलता की प्रार्थना की। इसके बाद भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों ने रक्तदान कर यह सिद्ध किया कि वे प्रदेश सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने के लिए गांधीवादी और रचनात्मक मार्ग पर ही चलेंगे। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार भले ही उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही हो, लेकिन उनका यह अहिंसक आंदोलन और सेवा कार्य मांग पूरी होने तक इसी तरह जारी रहेगा।
