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मध्य प्रदेश: झांसी-शिवपुरी हाईवे पर कार ने पति-पत्नी को कुचला, तीन बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
Fri, 09 Oct 2026 07:39 PM IST
शिवपुरी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: शिवपुरी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 07:39 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में झांसी-शिवपुरी हाईवे पर सड़क की मरम्मत और साफ-सफाई कर रहे मजदूरों के लिए गुरुवार का दिन दर्दनाक हादसा लेकर आया। दिनारा थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर में ऋषभ ढाबे के पास तेज रफ्तार अर्टिगा कार की टक्कर से पति-पत्नी की मौत हो गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झांसी-शिवपुरी हाईवे पर सड़क की मरम्मत और साफ-सफाई का काम कर रहे मजदूरों के लिए गुरुवार का दिन एक ऐसी त्रासदी लेकर आया, जिसने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। दिनारा थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर में ऋषभ ढाबे के पास तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौत हो गई। हादसे में घायल एक अन्य महिला मजदूर का भी उपचार कराया गया। घटना के बाद से मृतक दंपती के परिवार में मातम पसरा है। सबसे अधिक दुखद स्थिति उन तीन मासूम बच्चों की है, जिनके सिर से मां और पिता दोनों का साया उठ गया।
जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार दोपहर करीब दो बजे हुआ। हाईवे पर मरम्मत और साफ-सफाई का काम चल रहा था। सिरसौद निवासी बलबीर लोधी के मुताबिक, वह सुपरवाइजर रमाकांत यादव और करीब दस मजदूरों के साथ सड़क पर काम कर रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे काम में जुटे रामश्री बंशकार (34), उनके पति धर्मेंद्र बंशकार और सीता देवी को दिनारा की तरफ से आ रही एक अर्टिगा कार ने टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार कि तीन मजदूर हुए घायल
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, कार तेज रफ्तार में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। साथी मजदूरों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
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दुर्घटना में रामश्री बंशकार को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। उनके पति धर्मेंद्र बंशकार के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। घायल सीता देवी के पैरों में भी चोट लगी। सभी घायलों को एंबुलेंस की सहायता से उपचार के लिए झांसी भेजा गया।
ग्वालियर में उपचार के दौरान पति ने भी तोड़ा दम
धर्मेंद्र की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। गुरुवार रात उपचार के दौरान धर्मेंद्र ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुछ ही घंटों के भीतर परिवार के दोनों कमाने वाले सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
चार साल का बेटा और दो बेटियां हुए अनाथ
इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू मृतक दंपती के तीन छोटे बच्चों का है। रामश्री और धर्मेंद्र के परिवार में चार साल का बेटा और 10 तथा 13 साल की दो बेटियां हैं। माता-पिता की असमय मौत के बाद बच्चों के सामने अब जीवन की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
जिन हाथों को बच्चों का सहारा बनना था, वे हमेशा के लिए छूट गए। परिवार के लिए यह क्षति केवल दो सदस्यों को खोने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हादसे की खबर से परिचित लोगों और परिजनों के बीच शोक का माहौल है।
कंपनी की कैंपर और बाइक को भी पहुंचा नुकसान
टक्कर की चपेट में आने से घटनास्थल पर खड़ी कंपनी की महिंद्रा कैंपर गाड़ी और एक हीरो सीडी डीलक्स बाइक को भी नुकसान पहुंचा। कैंपर का पंजीयन क्रमांक RJ19GD5554 बताया गया है, जबकि दुर्घटना में शामिल अर्टिगा कार का नंबर MP04ZT2013 है। घटना के समय गोमा विश्वकर्मा, रमाकांत यादव और अन्य मजदूर भी मौके पर मौजूद थे।
दिनारा थाना पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर दिनारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका रामश्री के शव को पोस्टमार्टम के लिए करैरा अस्पताल भेजा गया। फरियादी बलबीर लोधी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
हाईवे पर मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
हाईवे पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा में है। सड़क पर मरम्मत और सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम तथा वाहनों की नियंत्रित गति कितनी जरूरी है, यह हादसा इसकी गंभीर याद दिलाता है। फिलहाल, रामनगर की इस दुर्घटना ने एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है और तीन मासूम बच्चों का भविष्य अनिश्चितता के बीच छोड़ दिया है।
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जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार दोपहर करीब दो बजे हुआ। हाईवे पर मरम्मत और साफ-सफाई का काम चल रहा था। सिरसौद निवासी बलबीर लोधी के मुताबिक, वह सुपरवाइजर रमाकांत यादव और करीब दस मजदूरों के साथ सड़क पर काम कर रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे काम में जुटे रामश्री बंशकार (34), उनके पति धर्मेंद्र बंशकार और सीता देवी को दिनारा की तरफ से आ रही एक अर्टिगा कार ने टक्कर मार दी।
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टक्कर इतनी जोरदार कि तीन मजदूर हुए घायल
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, कार तेज रफ्तार में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। साथी मजदूरों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
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दुर्घटना में रामश्री बंशकार को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। उनके पति धर्मेंद्र बंशकार के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। घायल सीता देवी के पैरों में भी चोट लगी। सभी घायलों को एंबुलेंस की सहायता से उपचार के लिए झांसी भेजा गया।
ग्वालियर में उपचार के दौरान पति ने भी तोड़ा दम
धर्मेंद्र की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। गुरुवार रात उपचार के दौरान धर्मेंद्र ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुछ ही घंटों के भीतर परिवार के दोनों कमाने वाले सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
चार साल का बेटा और दो बेटियां हुए अनाथ
इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू मृतक दंपती के तीन छोटे बच्चों का है। रामश्री और धर्मेंद्र के परिवार में चार साल का बेटा और 10 तथा 13 साल की दो बेटियां हैं। माता-पिता की असमय मौत के बाद बच्चों के सामने अब जीवन की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
जिन हाथों को बच्चों का सहारा बनना था, वे हमेशा के लिए छूट गए। परिवार के लिए यह क्षति केवल दो सदस्यों को खोने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हादसे की खबर से परिचित लोगों और परिजनों के बीच शोक का माहौल है।
कंपनी की कैंपर और बाइक को भी पहुंचा नुकसान
टक्कर की चपेट में आने से घटनास्थल पर खड़ी कंपनी की महिंद्रा कैंपर गाड़ी और एक हीरो सीडी डीलक्स बाइक को भी नुकसान पहुंचा। कैंपर का पंजीयन क्रमांक RJ19GD5554 बताया गया है, जबकि दुर्घटना में शामिल अर्टिगा कार का नंबर MP04ZT2013 है। घटना के समय गोमा विश्वकर्मा, रमाकांत यादव और अन्य मजदूर भी मौके पर मौजूद थे।
दिनारा थाना पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर दिनारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका रामश्री के शव को पोस्टमार्टम के लिए करैरा अस्पताल भेजा गया। फरियादी बलबीर लोधी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
हाईवे पर मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
हाईवे पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा में है। सड़क पर मरम्मत और सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम तथा वाहनों की नियंत्रित गति कितनी जरूरी है, यह हादसा इसकी गंभीर याद दिलाता है। फिलहाल, रामनगर की इस दुर्घटना ने एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है और तीन मासूम बच्चों का भविष्य अनिश्चितता के बीच छोड़ दिया है।
