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MP Politics: दिग्विजय सिंह का सरकार से सवाल, महाकाल लोक के ठेकेदार गुजराती क्यों?
Fri, 21 Apr 2023 01:18 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 21 Apr 2023 01:18 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। साथ ही यह भी पूछा कि महाकाल लोक को बनाने के लिए गुजराती ठेकेदार क्यों है? क्या हमारे यहां योग्य ठेकेदार नहीं हैं?
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दिग्विजय सिंह उज्जैन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में कहा कि इस बार मध्यप्रदेश मे कांग्रेस योग्यता के आधार पर तो विधानसभा चुनाव मे अपना प्रत्याशी बनाएगी ही साथ ही इस बात का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा कि प्रत्याशी टिकाऊ हो बिकाऊ नहीं। हम सतत संवाद, समन्वय और सकारात्मक सोच के साथ मध्यप्रदेश मे चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने तो महाकाल से प्रार्थना भी कर दी कि- हे बाबा महाकाल, दूसरा ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश में न हो।
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कांग्रेस ने ऐसी सीटों को चिह्नित किया है, जहां 2018 और उसके पहले के चुनावों में पार्टी को हार मिली थी। इन सीटों पर दिग्विजय सिंह खुद जा रहे हैं। वहां कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। पार्टी के पक्ष में माहौल बना रहे हैं। साथ ही वहां के प्रत्याशियों की पहचान की जा रही है। इसी कड़ी में दिग्विजय सिंह शुक्रवार को उज्जैन पहुंचे। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने दावा किया कि माहौल बहुत अलग है। मध्यप्रदेश में 2023 के चुनाव में फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी। पत्रकारों ने पूछा कि इस बार फिर किसी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आपकी सरकार गिरा दी तो... इस पर दिग्विजय ने कहा- 'हे बाबा महाकाल दूसरा ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश में न हो।'
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दिग्विजय ने यह भी सवाल उठाया कि मध्यप्रदेश में होने वाले हर बड़े निर्माण कार्य का ठेका गुजरात के ठेकेदारों को क्यों दिया जाता है? उज्जैन में महाकाल महालोक का निर्माण हो या फिर ओंकारेश्वर में बनाई जा रही शंकराचार्य जी की प्रतिमा हर निर्माण कार्य का ठेका गुजरात से आए ठेकेदारों को ही दिया जाता है। क्या मध्यप्रदेश में ऐसे कुशल ठेकेदार नहीं है जो इन कार्यों को कर सके?
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दर्शन व्यवस्था पर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने श्री महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर का व्यवसायीकरण हो चुका है। यहां गर्भगृह में दर्शन करने के 750 रुपये, बैरिकेट से दर्शन करने के 250 रुपये और भस्मारती दर्शन के 200 रुपये वसूले जा रहे हैं। यह सरासर गलत है। श्री महाकालेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण की 300 करोड़ की योजना कमलनाथ सरकार ने बनाई थी। लेकिन इस योजना का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और भाजपा सरकार ले रही है।
सिंहस्थ की जमीन पर कॉलोनी, मास्टर प्लान घोषित क्यों नहीं
दिग्विजय सिंह ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन में 12 वर्षों में एक बार होने वाले सिंहस्थ महापर्व की जमीन पर इन दिनों तेजी से कॉलोनियां कट रही हैं। इस पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस और शहर की जनता को तो सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य नजर आ रहे हैं। लेकिन सरकार और प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान देना नहीं चाहते। उज्जैन का मास्टर प्लान घोषित होना चाहिए, लेकिन इसे भी अब तक लागू नहीं किया गया है।
महाकाल मंदिर के पास आरएसएस की बड़ी दुकान
दिग्विजय ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास आरएसएस ने बड़ी दुकान खोल ली है। वहां से वे जमकर व्यवसाय कर रहे हैं। आरएसएस की मानसिकता व्यवसायिक है। यह लोग धन-बल से ही सरकार चलाते हैं।
लाड़ली बहना का हाल भी संबल जैसा होगा
दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराजसिंह चौहान लाड़ली बहना योजना के नाम पर प्रदेश की बहनों को खुशहाल करने की बात कर रहे हैं। इस योजना का हाल भी किसान योजना और संबल योजना जैसा ही होगा। सर्वे करवाने के बाद हजारों हितग्राहियों को पात्र नहीं माना गया था। फिर योजना के माध्यम से दी गई राशि हितग्राहियों को सरकार को वापस करना पड़ी थी। कांग्रेस पार्टी के पास न तो झूठी घोषणाएं हैं और न ही आश्वासनों का पुलिंदा। शिवराजसिंह चौहान की लगभग 2100 घोषणा ऐसी हैं, जिस पर अब तक कोई अमल नहीं किया गया है।
