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Ujjain News: महाकाल मंदिर दर्शन विवाद ‘दुर्लभ दर्शन’ कंपनी पर कार्रवाई, कलेक्टर ने जारी किया नोटिस
Thu, 16 Oct 2025 10:52 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 10:52 AM IST
सार
कंपनी पर आरोप है कि उसने बिना अनुमति के ऑनलाइन पूजन, अनुष्ठान और रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक कार्यों की बुकिंग शुरू कर दी थी। श्री रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा और महाकालेश्वर मंदिर पुरोहित समिति ने इसका विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा था।
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पुजारी और पुरोहितों के विरोध के बाद हुआ नोटिस जारी
विस्तार
Ujjain News: महाकाल की दुर्लभ दर्शन कंपनी को कलेक्टर का नोटिस
उज्जैन। मानसरोवर और महाकाल लोक के बड़े हिस्से में श्रद्धालुओं को भस्मारती के वीआर (वर्चुअल रियलिटी) दर्शन करा रही दुर्लभ दर्शन कंपनी को अनियमितताओं की शिकायत के बाद कलेक्टर ने नोटिस जारी किया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में दुर्लभ दर्शन के नाम से वीआर तकनीक से भस्मारती दर्शन कराने वाली इस कंपनी ने पिछले दिनों दर्शन, पूजन और विभिन्न पूजाओं के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ कर दी थी। इसकी जानकारी मिलते ही उज्जैन के तीर्थ पुरोहित और महाकाल मंदिर के पुजारियों ने विरोध शुरू कर दिया था। पुजारियों ने संभाग आयुक्त आशीष सिंह, मंदिर समिति के अध्यक्ष कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और प्रशासक प्रथम कौशिक को ज्ञापन दिया था। इसके बाद कलेक्टर ने कंपनी को नोटिस जारी किया है।
सबसे पहले श्री रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी ने जताया था विरोध
श्री रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी के सदस्यों ने अवैधानिक रूप से अपनी वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं को पूजन अनुष्ठान आदि का प्रलोभन दिए जाने का विरोध कर संभाग आयुक्त आशीष सिंह से लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह से मिलकर ज्ञापन देकर वीआर कंपनी और उनके कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान अ.भा. ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र चतुवेर्दी, पं. विजय दीक्षित, पण्डित यश गुरु, पंडित गौरव उपाध्याय, पं अमृतेश गुरु, पं मोहित त्रिवेदी, पं आनंद गुरु, पं वेदप्रकाश त्रिवेदी, पं शिवशंकर भट्ट, पं हेमंत पंड्या, पं विक्रम शुक्ल, पं परिवल शास्त्री आदि ने वीआर कंपनी के विरुद्ध ज्ञापन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की थी।
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पूजा-अनुष्ठान पर महाकाल के पुरोहितों ने ली थी आपत्ति
श्री महाकालेश्वर मंदिर पुरोहित समिति (धर्मस्व पुजारी) द्वारा महाकाल मंदिर परिसर में चल रहे दुर्लभ दर्शन केंद्र द्वारा अवैधानिक रूप से अपनी वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं को पूजन अनुष्ठान आदि का प्रलोभन दिए जाने का विरोध कर संबंधित लोगों पर उचित कार्रवाई की मांग को लेकर उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह एवं मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक को ज्ञापन सौंपा था। समिति के अध्यक्ष पंडित लोकेंद्र व्यास एवं सचिव पंडित दीपक शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में बिना किसी अनुमति के दुर्लभ दर्शन केंद्र में कार्यरत कर्मचारी अपने को महाकाल मंदिर और अन्य मंदिरों का पुजारी-पुरोहित बताकर, श्रद्धालुओं की कुंडली देखकर पूजा-पाठ और अनुष्ठान कराने संबंधी गतिविधि संचालित की जा रही थी। साथ ही केंद्र की वेबसाइट पर रुद्राभिषेक, कालसर्प दोष आदि पूजन के रेट भी लिखे हुए थे। इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष नीरज शर्मा, मंगलेश शर्मा, शिवम शर्मा, गौरव टोनी शर्मा, केशव व्यास, मुकेश शर्मा आदि मौजूद थे। समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
यह उठाए थे सवाल....
पुरोहितों ने ज्ञापन के माध्यम से जानकारी सवाल किए है कि क्या दुर्लभ दर्शन केंद्र मंदिर समिति से अनुमति लेकर यह सब कर रहा था, समिति ने इन्हें अनुमति दी है क्या उसमें इसका उल्लेख है, यदि ऐसा नहीं है तो फिर आज तक समिति ने कार्रवाई कर केंद्र को बंद क्यों नहीं किया, संबंधितों के खिलाफ पुलिस थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई, क्या मंदिर समिति के लोगों की इनसे कोई सांठ-गांठ तो नहीं है।
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उज्जैन। मानसरोवर और महाकाल लोक के बड़े हिस्से में श्रद्धालुओं को भस्मारती के वीआर (वर्चुअल रियलिटी) दर्शन करा रही दुर्लभ दर्शन कंपनी को अनियमितताओं की शिकायत के बाद कलेक्टर ने नोटिस जारी किया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में दुर्लभ दर्शन के नाम से वीआर तकनीक से भस्मारती दर्शन कराने वाली इस कंपनी ने पिछले दिनों दर्शन, पूजन और विभिन्न पूजाओं के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ कर दी थी। इसकी जानकारी मिलते ही उज्जैन के तीर्थ पुरोहित और महाकाल मंदिर के पुजारियों ने विरोध शुरू कर दिया था। पुजारियों ने संभाग आयुक्त आशीष सिंह, मंदिर समिति के अध्यक्ष कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और प्रशासक प्रथम कौशिक को ज्ञापन दिया था। इसके बाद कलेक्टर ने कंपनी को नोटिस जारी किया है।
सबसे पहले श्री रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी ने जताया था विरोध
श्री रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी के सदस्यों ने अवैधानिक रूप से अपनी वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं को पूजन अनुष्ठान आदि का प्रलोभन दिए जाने का विरोध कर संभाग आयुक्त आशीष सिंह से लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह से मिलकर ज्ञापन देकर वीआर कंपनी और उनके कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान अ.भा. ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र चतुवेर्दी, पं. विजय दीक्षित, पण्डित यश गुरु, पंडित गौरव उपाध्याय, पं अमृतेश गुरु, पं मोहित त्रिवेदी, पं आनंद गुरु, पं वेदप्रकाश त्रिवेदी, पं शिवशंकर भट्ट, पं हेमंत पंड्या, पं विक्रम शुक्ल, पं परिवल शास्त्री आदि ने वीआर कंपनी के विरुद्ध ज्ञापन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की थी।
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पूजा-अनुष्ठान पर महाकाल के पुरोहितों ने ली थी आपत्ति
श्री महाकालेश्वर मंदिर पुरोहित समिति (धर्मस्व पुजारी) द्वारा महाकाल मंदिर परिसर में चल रहे दुर्लभ दर्शन केंद्र द्वारा अवैधानिक रूप से अपनी वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं को पूजन अनुष्ठान आदि का प्रलोभन दिए जाने का विरोध कर संबंधित लोगों पर उचित कार्रवाई की मांग को लेकर उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह एवं मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक को ज्ञापन सौंपा था। समिति के अध्यक्ष पंडित लोकेंद्र व्यास एवं सचिव पंडित दीपक शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में बिना किसी अनुमति के दुर्लभ दर्शन केंद्र में कार्यरत कर्मचारी अपने को महाकाल मंदिर और अन्य मंदिरों का पुजारी-पुरोहित बताकर, श्रद्धालुओं की कुंडली देखकर पूजा-पाठ और अनुष्ठान कराने संबंधी गतिविधि संचालित की जा रही थी। साथ ही केंद्र की वेबसाइट पर रुद्राभिषेक, कालसर्प दोष आदि पूजन के रेट भी लिखे हुए थे। इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष नीरज शर्मा, मंगलेश शर्मा, शिवम शर्मा, गौरव टोनी शर्मा, केशव व्यास, मुकेश शर्मा आदि मौजूद थे। समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
यह उठाए थे सवाल....
पुरोहितों ने ज्ञापन के माध्यम से जानकारी सवाल किए है कि क्या दुर्लभ दर्शन केंद्र मंदिर समिति से अनुमति लेकर यह सब कर रहा था, समिति ने इन्हें अनुमति दी है क्या उसमें इसका उल्लेख है, यदि ऐसा नहीं है तो फिर आज तक समिति ने कार्रवाई कर केंद्र को बंद क्यों नहीं किया, संबंधितों के खिलाफ पुलिस थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई, क्या मंदिर समिति के लोगों की इनसे कोई सांठ-गांठ तो नहीं है।
