Ujjain: सीएम मोहन यादव ने देखा स्मार्ट आंगनवाड़ी मॉडल, बोले- अब यही होगी बच्चों की पहली पाठशाला
उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्मार्ट आंगनवाड़ी मॉडल का निरीक्षण किया। पायलट परियोजना के तहत जिले की करीब 1000 आंगनवाड़ियों को आधुनिक बनाया जाएगा। इनमें डिजिटल लर्निंग, खेल सामग्री, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बच्चों के अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्मार्ट आंगनवाड़ी मॉडल का निरीक्षण किया। पायलट परियोजना के तहत जिले की करीब 1000 आंगनवाड़ियों को आधुनिक बनाया जाएगा। इनमें डिजिटल लर्निंग, खेल सामग्री, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बच्चों के अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार सुबह धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार की नई पहल 'स्मार्ट आंगनवाड़ी' के मॉडल का निरीक्षण किया। प्रदेश सरकार अब आंगनवाड़ियों को केवल पोषण केंद्र तक सीमित न रखकर प्ले-स्कूल और प्रारंभिक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। निरीक्षण के दौरान सीईओ फाउंडेशन के संजीव दुबे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उज्जैन प्रदेश का पहला जिला बनने जा रहा है, जहां करीब 1,000 आंगनवाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट आंगनवाड़ी में बदला जाएगा।
पहली स्मार्ट आंगनवाड़ी की प्रमुख विशेषताएं
पायलट प्रोजेक्ट के तहत तैयार की गई पहली स्मार्ट आंगनवाड़ी में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- बच्चों के लिए रंगीन क्लासरूम, झूले, खेल सामग्री, नई यूनिफॉर्म, स्मार्ट टीवी और डिजिटल लर्निंग टूल उपलब्ध कराए गए हैं।
- स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत वजन और ऊंचाई मापने की मशीन, न्यूट्रिशन किट तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है।
- आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, स्टोर रूम, किचन और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है।
- सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, बच्चों के अनुकूल फर्नीचर और आधुनिक शौचालय बनाए गए हैं।
बच्चों से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंगनवाड़ी में बच्चों से बातचीत की, उन्हें झूले झुलाए और डिजिटल माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब आंगनवाड़ी केवल दूध और पोषण आहार वितरण का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों की पहली पाठशाला बनेगी। उन्होंने कहा कि उज्जैन का यह मॉडल पूरे मध्य प्रदेश के लिए उदाहरण साबित होगा।
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जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को बाल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना था कि स्मार्ट आंगनवाड़ी से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा मिलेगी और माताओं को भी सुविधा होगी।
आगे की योजना
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक उज्जैन जिले की सभी आंगनवाड़ियों को स्मार्ट आंगनवाड़ी में विकसित करना है। इसके बाद इस मॉडल को पूरे मध्य प्रदेश में लागू करने की योजना है।
