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बताइए सांसदजी: गडकरी के कहने पर 40 KG वजन घटाने वाले उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया बोले- मैंने पूरे किए सभी वादे
Mon, 04 Mar 2024 05:37 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 04 Mar 2024 05:37 PM IST
सार
अमर उजाला की खास पेशकश बताइए सांसद जी में आज हम बात करेंगे यहीं के सांसद अनिल फिरोजिया से। नितिन गडकरी के कहने पर फिरोजिया ने 40 किलो वजन कम कर सुर्खियां बंटोरी थीं। उनका दावा है कि बीते पांच सालों में उन्होंने जनता से किए सभी वादे पूरे किए हैं।
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उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी कर दी है। प्रदेश की 29 में से 24 पर नाम तय कर दिए हैं तो पांच सीटें होल्ड पर हैं। इन्हीं पांच में से एक उज्जैन-आलोट संसदीय सीट है। अमर उजाला की खास पेशकश बताइए सांसद जी में आज हम बात करेंगे यहीं के सांसद अनिल फिरोजिया से। नितिन गडकरी के कहने पर फिरोजिया ने 40 किलो वजन कम कर सुर्खियां बंटोरी थीं। उनका दावा है कि बीते पांच सालों में उन्होंने जनता से किए सभी वादे पूरे किए हैं।
फिरोजिया ने अपने 5 वर्षों में क्षेत्र में किए गए विकास के कार्यों पर बेबाकी से अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही यह भी बताया कि संघ के स्वयंसेवक से लेकर किस प्रकार आपने सांसद तक का राजनीतिक सफर तय किया। इस दौरान आपने अन्य सवालों के भी जवाब भी दिए-
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सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि बाल्यकाल से ही मैं संघ के स्वयंसेवक के रूप में कार्य करता था। कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आया। यहां में पहले राजनीति के लिए अपने लिए लड़ा और फिर युवाओं को आ रही कठिनाइयों के समाधान के लिए भी मैंने उनके हक की लड़ाई लड़ी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से चरैवेति चरैवेति करते हुए राजनीतिक क्षेत्र में मेरा प्रवेश युवा मोर्चा व बजरंग दल के जिला संयोजक के रूप में हुआ। इसके बाद मैं प्रांत उपाध्यक्ष रहा और कुछ समय बाद मुझे युवा मोर्चा में जिला अध्यक्ष और प्रदेश मंत्री तक बना दिया गया। उज्जैन विकास प्राधिकरण में कुछ वर्षों तक मैंने उपाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वर्ष 2013 में तराना विधानसभा चुनाव लड़ा विधायक बना वर्ष 2019 में मुझे लोकसभा से उम्मीदवार बनाया गया था और मैं आज वर्तमान में सांसद हूं।
संसदीय क्षेत्र में ऐसा क्या छूट गया जिसे आप फिर से करना चाहते हैं
फिरोजिया- मैं तो अपने कार्यकाल से पूरी तरह संतुष्ट हूं। क्योंकि पांच वर्षों में मैंने जो भी वादे किए थे उससे ज्यादा काम संसदीय क्षेत्र में करके बताए हैं। मेरे सांसद बनने के साथ ही कोरोना जैसी महामारी ने सभी को घेर लिया था। उज्जैन में मृत्यु दर 30% थी। मैंने प्रधानमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क किया और टीम को 10 दिन उज्जैन में रखा हमने टीम के साथ मिलकर यहां आ रही सभी समस्याओं का हल करवाया और अपनी पूरी टीम के साथ कोरोना के इस काल में काम करने में लग रहे। संसदीय क्षेत्र में रहने वाले ऐसे बच्चे जो कि बाहर पढ़ते थे उन्हें भी हम विदेश मंत्री से बातचीत कर उज्जैन ले आए। हमने उज्जैन आए तीर्थ यात्रियों को घर पहुंचाया। मजदूरों को सुरक्षित लाए। कोरोना के दौरान दिल्ली की यूनिवर्सिटी के सर्वे में मुझे सांसदों में पहले सेवा कार्यों के लिए पहले नंबर पर चुना गया था और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया गया था।
लोकसभा में आपके कार्यकाल में क्या-क्या कार्य किए गए
फिरोजिया- जनप्रतिनिधि हूं विकास करना मेरा काम है। विधायक रहते हुए भी मैंने कई कार्य किए हैं और लोकसभा का टिकट मेरे इन्हीं कार्यों व मेरी निष्ठा को देखकर दिया गया। जब मैं सांसद का चुनाव लड़ा था उस समय मतदाताओं ने मुझे क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाने की बात कही थी, क्योंकि वर्ष 1990 के बाद लगातार हीरा मिल, विनोद मिल, इंदौर टेक्सटाइल्स, श्री सिंथेटिक जैसी बड़ी-बड़ी मिल बंद होने से अधिकतर लोग बेरोजगार हो गए थे। सांसद बनने के बाद उद्योग लाना मेरी पहली प्राथमिकता थी। मेरे प्रयासों से प्रधानमंत्री द्वारा पूरे प्रदेश में दिए गए चार मेडिकल डिवाइस में से एक मेडिकल डिवाइस उज्जैन में लाया गया है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा पिछले 75 वर्षों में नेशनल हाईवे से कभी उज्जैन नहीं जुड़ा था मेरे प्रयास से उज्जैन से देवास होते हुए सैलाना से इसे जोड़ने का काम मैंने ही किया। उज्जैन से गरोठ नेशनल हाईवे, उज्जैन से झालावाड़ नेशनल हाईवे होने के साथ ही रिंग रोड उज्जैन नेशनल हाईवे से जुड़े हैं। लगभग 10,000 करोड़ के नेशनल हाईवे के कार्य वर्तमान में उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र में चल रहे हैं।
वजन कम करने वाली क्या कहानी है
फिरोजिया- केंद्रीय मंत्री गडकरी जी ने मुझे कहा था कि 1 किलो वजन कम करोगे तो मैं आपको 1,000 करोड़ रुपया संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए दूंगा। मैंने अपना वजन 40 किलो कम कर इस राशि से भी क्षेत्र का विकास करवाया है। गडकरी जी से मेरी मांग थी कि जावरा से नागदा उन्हेल होते हुए 4 लेन पीथमपुर फोरलेन नेशनल हाईवे हो। इस मांग को भी उन्होंने माना और इस योजना की डीपीआर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रोपवे के लिए 209 करोड़ रुपए की सौगात की बात हो या फिर घोंसला से झालावाड़ तक की बात इसके लिए भी आपने डीपीआर बनाने के निर्देश आपके द्वारा दिए गए। उज्जैन में 450 करोड रुपये के रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया गया और 20 करोड़ का रेलवे स्टेशन निर्माण का शिलान्यास, 37 करोड़ से महिदपुर में ओवरब्रिज 25 करोड़ से खाचरोद में शिलान्यास किया गया। पश्चिम रेलवे का ट्रेनिंग सेंटर 175 करोड़ की सौगात है इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज की शुरुआत भी उज्जैन आलोट संसदीय सीट को मिली है जबकि 650 करोड़ की लागत से यहां पावर ग्रिड की सौगात दी गई है।
आपका कार्यकाल से आप कितने प्रतिशत संतुष्ट हैं
फिरोजिया- मैं भाग्यशाली हूं, ईश्वर बाबा महाकाल की कृपा है इसीलिए मुझे प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में काम करने का मौका मिला। मैंने केंद्रीय मंत्रियों से जो भी मांग की, वह पूरी हुई। उन्होंने दिल खोलकर उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए राशि प्रदान की।
इस बार आपकी टिकट कितनी पक्की है
फिरोजिया- भाजपा में संगठन ही सर्वोपरि होता है। संगठन जो तय करता है वही सभी के लिए शिरोधार्य होता है। टिकट किसे दिया जाएगा इसके सारे दायित्व संगठन के पास होते हैं, वही तय करते हैं कि हमें किसे को चुनाव लड़ाना है और किसे मौका देना है। संगठन का निर्णय मेरे लिए भी शिरोधार्य है और मैं इसका सम्मान करता हूं।
(उज्जैन से निलेश नागर की खास रिपोर्ट)
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फिरोजिया ने अपने 5 वर्षों में क्षेत्र में किए गए विकास के कार्यों पर बेबाकी से अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही यह भी बताया कि संघ के स्वयंसेवक से लेकर किस प्रकार आपने सांसद तक का राजनीतिक सफर तय किया। इस दौरान आपने अन्य सवालों के भी जवाब भी दिए-
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सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि बाल्यकाल से ही मैं संघ के स्वयंसेवक के रूप में कार्य करता था। कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आया। यहां में पहले राजनीति के लिए अपने लिए लड़ा और फिर युवाओं को आ रही कठिनाइयों के समाधान के लिए भी मैंने उनके हक की लड़ाई लड़ी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से चरैवेति चरैवेति करते हुए राजनीतिक क्षेत्र में मेरा प्रवेश युवा मोर्चा व बजरंग दल के जिला संयोजक के रूप में हुआ। इसके बाद मैं प्रांत उपाध्यक्ष रहा और कुछ समय बाद मुझे युवा मोर्चा में जिला अध्यक्ष और प्रदेश मंत्री तक बना दिया गया। उज्जैन विकास प्राधिकरण में कुछ वर्षों तक मैंने उपाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वर्ष 2013 में तराना विधानसभा चुनाव लड़ा विधायक बना वर्ष 2019 में मुझे लोकसभा से उम्मीदवार बनाया गया था और मैं आज वर्तमान में सांसद हूं।
संसदीय क्षेत्र में ऐसा क्या छूट गया जिसे आप फिर से करना चाहते हैं
फिरोजिया- मैं तो अपने कार्यकाल से पूरी तरह संतुष्ट हूं। क्योंकि पांच वर्षों में मैंने जो भी वादे किए थे उससे ज्यादा काम संसदीय क्षेत्र में करके बताए हैं। मेरे सांसद बनने के साथ ही कोरोना जैसी महामारी ने सभी को घेर लिया था। उज्जैन में मृत्यु दर 30% थी। मैंने प्रधानमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क किया और टीम को 10 दिन उज्जैन में रखा हमने टीम के साथ मिलकर यहां आ रही सभी समस्याओं का हल करवाया और अपनी पूरी टीम के साथ कोरोना के इस काल में काम करने में लग रहे। संसदीय क्षेत्र में रहने वाले ऐसे बच्चे जो कि बाहर पढ़ते थे उन्हें भी हम विदेश मंत्री से बातचीत कर उज्जैन ले आए। हमने उज्जैन आए तीर्थ यात्रियों को घर पहुंचाया। मजदूरों को सुरक्षित लाए। कोरोना के दौरान दिल्ली की यूनिवर्सिटी के सर्वे में मुझे सांसदों में पहले सेवा कार्यों के लिए पहले नंबर पर चुना गया था और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया गया था।
लोकसभा में आपके कार्यकाल में क्या-क्या कार्य किए गए
फिरोजिया- जनप्रतिनिधि हूं विकास करना मेरा काम है। विधायक रहते हुए भी मैंने कई कार्य किए हैं और लोकसभा का टिकट मेरे इन्हीं कार्यों व मेरी निष्ठा को देखकर दिया गया। जब मैं सांसद का चुनाव लड़ा था उस समय मतदाताओं ने मुझे क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाने की बात कही थी, क्योंकि वर्ष 1990 के बाद लगातार हीरा मिल, विनोद मिल, इंदौर टेक्सटाइल्स, श्री सिंथेटिक जैसी बड़ी-बड़ी मिल बंद होने से अधिकतर लोग बेरोजगार हो गए थे। सांसद बनने के बाद उद्योग लाना मेरी पहली प्राथमिकता थी। मेरे प्रयासों से प्रधानमंत्री द्वारा पूरे प्रदेश में दिए गए चार मेडिकल डिवाइस में से एक मेडिकल डिवाइस उज्जैन में लाया गया है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा पिछले 75 वर्षों में नेशनल हाईवे से कभी उज्जैन नहीं जुड़ा था मेरे प्रयास से उज्जैन से देवास होते हुए सैलाना से इसे जोड़ने का काम मैंने ही किया। उज्जैन से गरोठ नेशनल हाईवे, उज्जैन से झालावाड़ नेशनल हाईवे होने के साथ ही रिंग रोड उज्जैन नेशनल हाईवे से जुड़े हैं। लगभग 10,000 करोड़ के नेशनल हाईवे के कार्य वर्तमान में उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र में चल रहे हैं।
वजन कम करने वाली क्या कहानी है
फिरोजिया- केंद्रीय मंत्री गडकरी जी ने मुझे कहा था कि 1 किलो वजन कम करोगे तो मैं आपको 1,000 करोड़ रुपया संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए दूंगा। मैंने अपना वजन 40 किलो कम कर इस राशि से भी क्षेत्र का विकास करवाया है। गडकरी जी से मेरी मांग थी कि जावरा से नागदा उन्हेल होते हुए 4 लेन पीथमपुर फोरलेन नेशनल हाईवे हो। इस मांग को भी उन्होंने माना और इस योजना की डीपीआर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रोपवे के लिए 209 करोड़ रुपए की सौगात की बात हो या फिर घोंसला से झालावाड़ तक की बात इसके लिए भी आपने डीपीआर बनाने के निर्देश आपके द्वारा दिए गए। उज्जैन में 450 करोड रुपये के रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया गया और 20 करोड़ का रेलवे स्टेशन निर्माण का शिलान्यास, 37 करोड़ से महिदपुर में ओवरब्रिज 25 करोड़ से खाचरोद में शिलान्यास किया गया। पश्चिम रेलवे का ट्रेनिंग सेंटर 175 करोड़ की सौगात है इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज की शुरुआत भी उज्जैन आलोट संसदीय सीट को मिली है जबकि 650 करोड़ की लागत से यहां पावर ग्रिड की सौगात दी गई है।
आपका कार्यकाल से आप कितने प्रतिशत संतुष्ट हैं
फिरोजिया- मैं भाग्यशाली हूं, ईश्वर बाबा महाकाल की कृपा है इसीलिए मुझे प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में काम करने का मौका मिला। मैंने केंद्रीय मंत्रियों से जो भी मांग की, वह पूरी हुई। उन्होंने दिल खोलकर उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए राशि प्रदान की।
इस बार आपकी टिकट कितनी पक्की है
फिरोजिया- भाजपा में संगठन ही सर्वोपरि होता है। संगठन जो तय करता है वही सभी के लिए शिरोधार्य होता है। टिकट किसे दिया जाएगा इसके सारे दायित्व संगठन के पास होते हैं, वही तय करते हैं कि हमें किसे को चुनाव लड़ाना है और किसे मौका देना है। संगठन का निर्णय मेरे लिए भी शिरोधार्य है और मैं इसका सम्मान करता हूं।
(उज्जैन से निलेश नागर की खास रिपोर्ट)
