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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain: Questions Over Rs 2,600 Crore Highway Work, Gadkari Sends Probe Team After MP’s Complaint

खबर का असर: 7 महीने में 3 बार धंसा 2600 करोड़ का हाईवे, सांसद की शिकायत पर एक्शन में गडकरी, उज्जैन पहुंची टीम

Wed, 16 Sep 2026 03:40 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 16 Sep 2026 03:40 PM IST
सार

करीब 2600 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे उज्जैन-गरोठ और उज्जैन-बदनावर फोरलेन के निर्माण पर सवाल उठने के बाद मामला केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय तक पहुंच गया है। सांसद अनिल फिरोजिया की शिकायत पर जांच दल उज्जैन पहुंचा।

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Ujjain: Questions Over Rs 2,600 Crore Highway Work, Gadkari Sends Probe Team After MP’s Complaint
केंद्रीय मंत्री गडकरी से मुूलाकात करते सांसद फिरोजिया

विस्तार

अमर उजाला की 1 सितंबर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के बाद करीब 2600 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे उज्जैन-गरोठ और उज्जैन-बदनावर फोरलेन नेशनल हाईवे के निर्माण में गड़बड़ियों का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर दोनों हाईवे के निर्माण की जांच कराने की मांग की। सांसद की शिकायत के बाद जांच दल उज्जैन पहुंचा है और निर्माण कार्यों की पड़ताल कर रहा है।

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सांसद अनिल फिरोजिया का कहना है कि दोनों हाईवे पर कई जगह निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। कहीं सड़क उखड़ने की शिकायत है तो कहीं रिटेनिंग वॉल और पुल की एप्रोच रोड में समस्या सामने आई है। सांसद ने कहा कि वे अपने संसदीय क्षेत्र में निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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सांसद के मुताबिक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण में खामियां मिलती हैं तो जिम्मेदार ठेकेदार और निर्माण एजेंसी से ही पुनर्निर्माण कराया जाएगा। सांसद ने निर्माण एजेंसी के इंजीनियर के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें वायरल वीडियो को AI जनरेटेड बताया गया था। उनका कहना है कि उन्होंने खुद मौके का निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय मंत्री से शिकायत की है।
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IIT दिल्ली की तकनीकी जांच में सामने आई खामियां
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि करीब 17 मीटर ऊंचे हाईवे की बैकफिलिंग में लाल मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जो बारिश के दौरान बह गई। इसके अलावा RE वॉल के ब्लॉक्स के सही तरीके से लगाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। पुल के आसपास दरारें और संरचना में घुमाव आने की बात भी सामने आई है।


ये भी पढ़ें: सात माह में दो बार धंसा उज्जैन-गरोठ पुल: इंजीनियर ने वायरल वीडियो को बताया एआई जनरेटेड; NHAI ने मानीं खामियां

बताया गया है कि 13 फरवरी को पहली बार रिटेनिंग वॉल का एक हिस्सा धंसा था। इसके बाद NHAI ने संबंधित कंपनी का भुगतान रोक दिया था। करीब चार महीने बाद जून में दीवार का निर्माण कराया गया लेकिन अगस्त में इसके दोबारा खिसकने की बात सामने आई। सितंबर में एक बार फिर समस्या आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई। 22 अगस्त को IIT दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने मौके का तकनीकी निरीक्षण किया। जांच में फाउंडेशन और ड्रेनेज सिस्टम से जुड़ी खामियां सामने आने की बात कही गई है। NHAI के अनुसार करीब 500 मीटर के प्रभावित हिस्से को ठेकेदार कंपनी अपने खर्च पर दोबारा बनाएगी। इसके लिए करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है और काम मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


सात महीने में तीन बार धंसने का दावा
उज्जैन-गरोठ फोरलेन हाईवे पर प्रेमनगर स्थित रेलवे ओवरब्रिज की एप्रोच रोड और रिटेनिंग वॉल को लेकर भी सवाल उठे हैं। दावा है कि निर्माण के करीब सात महीने के भीतर यह हिस्सा तीन बार धंस चुका है। मामला सामने आने के बाद निर्माण एजेंसी GHV कंस्ट्रक्शन के इंजीनियर अमित राय ने वायरल वीडियो को AI जनरेटेड बताया था। सांसद अनिल फिरोजिया ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने खुद मौके का निरीक्षण किया है और जमीनी स्थिति के आधार पर शिकायत की है।


500 मीटर हिस्से का होगा पुनर्निर्माण
NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिवम शर्मा के अनुसार सुरक्षा मानकों और आगामी सिंहस्थ को देखते हुए प्रभावित करीब 500 मीटर हिस्से को तोड़कर नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके पुनर्निर्माण का खर्च करीब 10 करोड़ रुपए बताया गया है, जिसे ठेकेदार कंपनी द्वारा वहन किए जाने की बात कही गई है।

अब केंद्रीय स्तर से पहुंची जांच टीम निर्माण की गुणवत्ता, बैकफिलिंग, फाउंडेशन, ड्रेनेज और रिटेनिंग वॉल समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

 

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