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उज्जैन में अनोखा प्रदर्शन: सीवर के गंदे पानी में धरना डालकर बैठे पार्षद, अफसरों के पसीने छूटे, माफी मांगी

Fri, 09 Oct 2026 10:59 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Fri, 09 Oct 2026 10:59 AM IST
सार

पीपलीनाका से गढ़कालिका जाने वाली सड़क पर एक महीने से सीवर का गंदा पानी जमा होने से नाराज पार्षद हेमंत गहलोत उसी पानी में धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक चले विरोध के बाद अधिकारी के माफी मांगने पर धरना खत्म हुआ। सड़क से पानी निकाल दिया गया है।

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Ujjain: Councillor Sits in Sewage Water to Protest, Ends Sit-In After Municipal Engineer Apologises
गंदे पानी की समस्या से परेशान पार्षद ने सीवर के पानी में डेरा जमाया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उज्जैन में सीवर के गंदे पानी से परेशान लोगों की समस्या को लेकर पार्षद हेमंत गहलोत अनोखे तरीके से विरोध जताने सड़क पर उतर आए। पीपलीनाका से गढ़कालिका जाने वाली सड़क पर करीब एक महीने से सीवर का गंदा पानी जमा होने का आरोप है। अधिकारियों के फोन नहीं उठाने से नाराज पार्षद खुद गंदे पानी में बैठकर धरने पर उतर गए। करीब एक घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रभारी कार्यपालन यंत्री शिवम दुबे के मौके पर पहुंचकर माफी मांगने पर पार्षद ने धरना समाप्त किया।

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एक महीने से सड़क पर जमा था सीवर का पानी
पीपलीनाका से गढ़कालिका जाने वाली सड़क पर सीवर का गंदा पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पार्षद हेमंत गहलोत का आरोप था कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा था और संबंधित अधिकारी उनके फोन भी नहीं उठा रहे थे। इससे नाराज होकर वे कुर्ता समेटकर सड़क पर जमा गंदे पानी में ही धरने पर बैठ गए।
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धरने की सूचना मिलने पर नगर निगम के अपर आयुक्त पवन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षद से पानी से बाहर आकर बातचीत करने की अपील की और तबीयत खराब होने की आशंका जताई लेकिन पार्षद अपनी मांग पर अड़े रहे। हेमंत गहलोत ने संबंधित अधिकारियों शिवम दुबे और साहिल मैदावाला को मौके पर बुलाने की मांग की। उनका कहना था कि उन्होंने कई बार फोन किया लेकिन अधिकारियों ने कॉल रिसीव नहीं की। पार्षद चाहते थे कि अधिकारी मौके पर आकर जनता के सामने समस्या का जवाब दें।
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पानी निकालने पहुंची गाड़ी को भी रोका
विरोध के दौरान नगर निगम की पानी निकालने वाली गाड़ी भी मौके पर पहुंची लेकिन पार्षद और स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के आने तक काम शुरू नहीं करने दिया। उनका कहना था कि पहले जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आएं और समस्या का जवाब दें, उसके बाद ही पानी निकालने की कार्रवाई की जाए। करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान अपर आयुक्त पवन सिंह पार्षद को मनाने का प्रयास करते रहे। इसी बीच पार्षद ने अपने साथी से इस्तीफा लाने की बात भी कही और पद छोड़ने तक की चेतावनी दी।


अधिकारी ने मांगी माफी, तब खत्म हुआ धरना
आखिरकार प्रभारी कार्यपालन यंत्री शिवम दुबे मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षद से हाथ जोड़कर माफी मांगी, जिसके बाद हेमंत गहलोत धरने से उठे। बताया गया कि सहायक यंत्री साहिल मैदावाला की तबीयत खराब थी, इसलिए वे मौके पर नहीं पहुंच सके।

जानकारी के अनुसार सड़क से गंदा पानी निकाल दिया गया है। हालांकि इस घटना ने नगर निगम की शिकायत निवारण व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो लोगों को विरोध का ऐसा रास्ता अपनाना पड़ता है? अब देखना होगा कि नगर निगम भविष्य में ऐसी समस्याओं के त्वरित समाधान और शिकायतों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।

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