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उज्जैन: अब भक्त कर सकेंगे महाकाल की शयन आरती, सुबह 6 से रात 10:30 तक खुला रहेगा मंदिर
Fri, 19 Nov 2021 06:51 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Fri, 19 Nov 2021 06:51 PM IST
सार
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अब सुबह 6 से रात 10.30 बजे तक दर्शन हो सकेंगे। 20 नवंबर से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। भक्तजन शयन आरती में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, वैक्सीन के दोनों डोज लगे होने चाहिए।
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महाकाल मंदिर उज्जैन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महाकाल दर्शन की अभिलाषा रखने वाले भक्तों के लिए सुखद खबर है। अब महाकालेश्वर मंदिर में पूर्ण क्षमता के साथ दर्शन हो सकेंगे। सुबह से रात तक मंदिर खुला रहेगा। पूर्ववत व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित ही रहेगा और वैक्सीन के दोनों डोज लगे होना जरूरी होगा।
कोरोना को देखते हुए महाकाल मंदिर में दर्शन का समय बदला गया था। भक्तों के लिए भी पाबंदी लगाई गई थी। कोरोना पर नियंत्रण हो रहा है तो प्रशासन ने फैसला किया है कि मंदिर पूर्व के समय की तरह खोला जाए। 20 नवंबर से सुबह 6 बजे से रात 10.30 तक मंदिर खुला रहेगा। भक्त सुबह से रात तक बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। भस्मारती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ाई गई है। भस्मारती में अब 250 लोग दर्शन कर सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग भी 500 तक हो सकेगी। इसके अलावा प्रोटोकॉल से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 750 रहेगी। हालांकि, भस्मारती के दौरान भक्त महाकाल को जल नहीं चढ़ा सकेंगे। गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
अब शामिल हो सकेंगे शयन आरती में
सबसे बड़ी राहत यह है कि भक्त अब महाकाल की शयन आरती में शामिल हो सकेंगे। अभी तक कोविड प्रतिबंध के चलते शयन आरती में भक्तों के शामिल होने की मनाही थी लेकिन 20 नवंबर से ये प्रतिबंध हट जाएगा। अभी तक रात नौ बजे ही भक्तों का प्रवेश बंद हो जाता था। ऐसे में उन भक्तों को राहत मिलेगी जो महाकाल की शयन आरती करना चाहते हैं। वैक्सीनेशन के दोनों डोज लगाने की शर्त रहेगी। सर्टिफिकेट चेक करने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
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कोरोना को देखते हुए महाकाल मंदिर में दर्शन का समय बदला गया था। भक्तों के लिए भी पाबंदी लगाई गई थी। कोरोना पर नियंत्रण हो रहा है तो प्रशासन ने फैसला किया है कि मंदिर पूर्व के समय की तरह खोला जाए। 20 नवंबर से सुबह 6 बजे से रात 10.30 तक मंदिर खुला रहेगा। भक्त सुबह से रात तक बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। भस्मारती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ाई गई है। भस्मारती में अब 250 लोग दर्शन कर सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग भी 500 तक हो सकेगी। इसके अलावा प्रोटोकॉल से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 750 रहेगी। हालांकि, भस्मारती के दौरान भक्त महाकाल को जल नहीं चढ़ा सकेंगे। गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
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अब शामिल हो सकेंगे शयन आरती में
सबसे बड़ी राहत यह है कि भक्त अब महाकाल की शयन आरती में शामिल हो सकेंगे। अभी तक कोविड प्रतिबंध के चलते शयन आरती में भक्तों के शामिल होने की मनाही थी लेकिन 20 नवंबर से ये प्रतिबंध हट जाएगा। अभी तक रात नौ बजे ही भक्तों का प्रवेश बंद हो जाता था। ऐसे में उन भक्तों को राहत मिलेगी जो महाकाल की शयन आरती करना चाहते हैं। वैक्सीनेशन के दोनों डोज लगाने की शर्त रहेगी। सर्टिफिकेट चेक करने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
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