उज्जैन: महाकाल के दर्शन करने पहुंचा मुस्लिम युवक, मंदिर समिति ने कहा- सबके लिए खुला है दरबार; संतो ने जताया विरोध, हिंदू महासभा ने गंगाजल छिड़का
टोपी लगाए मुस्लिम युवक के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में प्रवेश करने पर बवाल खड़ा हो गया है। संतों ने आपत्ति जताई है। मंदिर समिति को सफाई देनी पड़ी कि बाबा का दरबार सबके लिए खुला है।
विस्तार
उज्जैन में ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार को एक मुस्लिम युवक दर्शन के लिए पहुंचा था। सिर पर टोपी लगाए युवक मंदिर परिसर में गया तो उसका फोटो वायरल हो गया। संतों ने इस पर विरोध जताया है। वहीं, अभा हिंदू महासभा ने शनिवार को गंगाजल छिड़ककर मंदिर का शुद्धिकरण किया। मामले ने तूल पकड़ा तो मंदिर समिति ने सफाई दी है। समिति का कहना है कि महाकाल मंदिर सबके लिए खुला है।
महाराष्ट्र से आया था जुनैद इदरीस शेख
महाराष्ट्र के गोंदिया निवासी युवक जुनैद इदरीस शेख ने गुरुवार को महाकालेश्वर के दर्शन किए थे। वह अपने दोस्तों शम्मी जायसवाल और श्याम कुमार के साथ दर्शन करने गया था। मंदिर परिसर में भी उसने सिर पर टोपी लगी थी। किसी ने उसके फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। युवक खुद को महाकाल का भक्त बता रहा था। मंदिर के पुजारी बाला गुरु के मुताबिक जुनैद इदरीस शेख अपने दोस्तों के साथ कई साल से यहां दर्शन के लिए आ रहा है। वह मंदिर के सभी नियमों का पालन करता है और दान भी देता है।
सभी के लिए खुला है बाबा का दरबार
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि सभी धर्मों के अनुयायी महाकाल के दर्शन के लिए यहां आते हैं। बाबा का दरबार सभी के लिए खुला है। सोशल मीडिया पर शरारती तत्व फोटो और अनर्गल कमेंट कर सामाजिक सौहार्द्रपूर्ण माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने सभी को भगवान महाकाल का दुपट्टा ओढ़ाकर प्रसाद भी भेंट किया था।
संतों ने मंदिर समिति के कामकाज पर उठाए सवाल
साधु-संतों ने मंदिर समिति के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा मंदिर में इस तरह के धार्मिक पहनावे में आने का हम विरोध करते हैं। आगे से मंदिर समिति को ऐसे लोगों को रोकना चाहिए। आवाहन अखाड़े ने भी मंदिर परिसर में मुस्लिम युवक के प्रवेश पर विरोध जताया है।
अभा हिन्दू महासभा की संत महासभा के अध्यक्ष पं. निलेशानंद ने साथियों के साथ मंदिर पहुंचकर गंगाजल का छिडक़ाव किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार किया। कहा कि मंदिर में ऐसे लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित होना चाहिए। आवाहन अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज ने कहा कि मंदिर में धार्मिक पहनावे पहनकर आने का हम विरोध करते हैं। आगे से ऐसे लोगों पर समिति लगाम लगाए।
