{"_id":"61fe64008a03954e513e7140","slug":"ujjain-after-a-month-devotees-got-permission-to-enter-the-sanctum-sanctorum-of-mahakal-temple-starting-from-vasant-panchami","type":"story","status":"publish","title_hn":"उज्जैन: एक माह बाद महाकाल मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं को मिली प्रवेश की अनुमति, वसंत पंचमी से हुई शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उज्जैन: एक माह बाद महाकाल मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं को मिली प्रवेश की अनुमति, वसंत पंचमी से हुई शुरुआत
Sat, 05 Feb 2022 05:18 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 05 Feb 2022 05:18 PM IST
सार
उज्जैन में महाकाल मंदिर के गर्भग़ह में श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू हो गया है। शनिवार से यह व्यवस्था लागू की गई है। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए श्रद्धालु गर्भगृह में दर्शन कर सकते हैं। एक माह से गर्भगृह में प्रवेश बंद था।
विज्ञापन
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के बाद निकलते श्रद्धालु
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए वसंत पंचमी की सुबह खुशनुमा रही। करीब एक माह बाद मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण और नव वर्ष पर आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते मंदिर प्रबंध समिति ने 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद उम्मीद थी कि गर्भगृह में दर्शन होंगे लेकिन सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी और बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध बढ़ाकर 10 जनवरी तक कर दिया गया। हालांकि 10 जनवरी को भी गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध आगामी आदेश तक बढ़ा दिया, जिसके चलते श्रद्धालु मायूस हो गए। उनको लग रहा था कि अब पता नहीं कब गर्भगृह में दर्शन होंगे। लेकिन वसंत पंचमी श्रद्धालुओं के लिए खुशियां लेकर आई और शनिवार से महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश शुरू हो गया। शनिवार को दोपहर में श्रद्धालुओं की कतार को गर्भ गृह में प्रवेश दिया। इस दौरान जय महाकाल के जयघोष लगते रहे। बता दें कि महाकाल मंदिर समिति ने कोरोना संक्रमण और भक्तों की भीड़ कम होने के कारण मंदिर में 1500 रुपए की रसीद कटवाकर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी थी, लेकिन शनिवार को अचानक मंदिर समिति ने निर्णय लेकर गर्भ गृह से दर्शन शुरू कर दिए। महाकाल मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि राज्य सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार शादी में मेहमानों की संख्या पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के बाद मंदिर समिति ने भी फैसला लिया कि जब ज्यादा भीड़ नहीं होगी उस समय श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश मिलेगा और भीड़ होने पर 1500 रुपए देकर गर्भगृह में प्रवेश कर सकेंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण और नव वर्ष पर आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते मंदिर प्रबंध समिति ने 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद उम्मीद थी कि गर्भगृह में दर्शन होंगे लेकिन सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी और बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध बढ़ाकर 10 जनवरी तक कर दिया गया। हालांकि 10 जनवरी को भी गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध आगामी आदेश तक बढ़ा दिया, जिसके चलते श्रद्धालु मायूस हो गए। उनको लग रहा था कि अब पता नहीं कब गर्भगृह में दर्शन होंगे। लेकिन वसंत पंचमी श्रद्धालुओं के लिए खुशियां लेकर आई और शनिवार से महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश शुरू हो गया। शनिवार को दोपहर में श्रद्धालुओं की कतार को गर्भ गृह में प्रवेश दिया। इस दौरान जय महाकाल के जयघोष लगते रहे। बता दें कि महाकाल मंदिर समिति ने कोरोना संक्रमण और भक्तों की भीड़ कम होने के कारण मंदिर में 1500 रुपए की रसीद कटवाकर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी थी, लेकिन शनिवार को अचानक मंदिर समिति ने निर्णय लेकर गर्भ गृह से दर्शन शुरू कर दिए। महाकाल मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि राज्य सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार शादी में मेहमानों की संख्या पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के बाद मंदिर समिति ने भी फैसला लिया कि जब ज्यादा भीड़ नहीं होगी उस समय श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश मिलेगा और भीड़ होने पर 1500 रुपए देकर गर्भगृह में प्रवेश कर सकेंगे।
विज्ञापन
