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Ratlam News: झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने वाले दो मरीजों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, हरथल गांव का मामला
Thu, 27 Apr 2023 11:20 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 27 Apr 2023 11:20 AM IST
सार
रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र के हरथल गांव में झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने वाले दो मरीजों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों मरीज बुधवार शाम को बंगाली डॉक्टर के पास इलाज कराकर लौटे थे।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र में उपचार के बाद दो लोगों की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। दोनों का उपचार गांव के झोलाछाप डॉक्टर द्वारा किया गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद अब पुलिस जांच में जुटी है। परिजनों ने बताया कि कल शाम दो लोगों को उल्टी दस्त होने के बाद परिजन हरथल के बंगाली डॉक्टर के पास इलाज के लिए ले गए थे, जहां झोलाछाप डॉक्टर ने कुछ दवाइयां देकर इंजेक्शन लगाया था। इसके बाद परिजन दोनों को अपने घर ले गए थे, जिसके एक घण्टे बाद ही दोनों की मौत हो गई। मृतकों में 53 वर्षीय हुर्तन और 52 वर्षीय बालू हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉ दीपक मेहता का कहना है कि दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है। दोनों की मौत गलत उपचार से हुई या किसी अन्य कारण से इस बात का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। वहीं दूसरी ओर मृतकों के परिजन सीधे तौर पर इसके लिए झोलाछाप डॉक्टर को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
आदिवासी अंचल सहित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र जैसे बाजना, रावटी, सरवन, शिवगढ़ सहित अन्य स्थानों पर झोलाछाप डॉक्टरों की दर्जनों दुकानें हैं। जहां बिना नियम कायदों के ग्रामीणों का धड़ल्ले से इलाज किया जाता है। कई बार गलत उपचार के चलते ग्रामीणों की जान जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अब भी लापरवाह बने हुए हैं।
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स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉ दीपक मेहता का कहना है कि दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है। दोनों की मौत गलत उपचार से हुई या किसी अन्य कारण से इस बात का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। वहीं दूसरी ओर मृतकों के परिजन सीधे तौर पर इसके लिए झोलाछाप डॉक्टर को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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आदिवासी अंचल सहित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र जैसे बाजना, रावटी, सरवन, शिवगढ़ सहित अन्य स्थानों पर झोलाछाप डॉक्टरों की दर्जनों दुकानें हैं। जहां बिना नियम कायदों के ग्रामीणों का धड़ल्ले से इलाज किया जाता है। कई बार गलत उपचार के चलते ग्रामीणों की जान जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अब भी लापरवाह बने हुए हैं।
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