अच्छी खबर: एमपी में बनेंगे 4200 MW के दो परमाणु संयंत्र, देश का प्रमुख न्यूक्लियर पावर सेंटर बनने की तैयारी
मध्य प्रदेश में चुटका और भीमपुर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं से कुल 4200 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। मंडला के चुटका में 1400 मेगावाट और शिवपुरी के भीमपुर में 2800 मेगावाट क्षमता का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
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मध्य प्रदेश सरकार और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) की पहल से राज्य में परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार होने जा रहा है। मंडला जिले में चुटका परमाणु बिजली परियोजना के बाद अब शिवपुरी जिले के भीमपुर में 2800 मेगावाट क्षमता का नया परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश में परमाणु ऊर्जा से कुल 4200 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।
बिजली का बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश को मिलेगा
शिवपुरी जिले के भीमपुर में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र की कुल क्षमता 2800 मेगावाट होगी। इसमें 700-700 मेगावाट क्षमता की चार इकाइयां स्थापित की जाएंगी। एनपीसीआईएल इस परियोजना के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। संयंत्र से उत्पादित बिजली का बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश को मिलने की संभावना है। इससे राज्य में औद्योगिक विकास और कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की उपलब्धता मजबूत होगी।
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चुटका परमाणु संयंत्र के लिए जमीन अधिग्रहण हुआ
मंडला जिले के चुटका में 1400 मेगावाट क्षमता का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यहां 700-700 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां लगाई जा रही हैं। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और स्थल से जुड़े शुरुआती ढांचागत कार्य पूरे किए जा चुके हैं। प्रशासन के अनुसार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया भी दर्ज आंकड़ों के मुताबिक पूरी कर ली गई है। चुटका संयंत्र से बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद प्रदेश की निर्भरता पारंपरिक कोयला आधारित तापीय विद्युत गृहों पर कम होने की उम्मीद है।
प्रदेश की ऊर्जा क्षमता में होगी वृद्धि
भीमपुर और चुटका परियोजनाओं के चालू होने से मध्य प्रदेश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। दोनों संयंत्र राज्य की बिजली ग्रिड में कुल 4200 मेगावाट क्षमता जोड़ेंगे। इससे प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ने के साथ औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को भी फायदा होगा। अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने पर मध्य प्रदेश पड़ोसी राज्यों को भी बिजली बेचने की स्थिति में आ सकता है।
