51 सालों से ये मंदिर है आस्था का प्रतीक, आते हैं हर धर्म के लोग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 13 Mar 2018 02:17 PM IST
this 51 year old kalika temple is a symbol of belief for all religions
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शाहजहांसी पार्क में स्थित कालिका मंदिर तालाब किनारे बना हुआ है। यह लोगों की आस्था का बड़ा प्रतीक है। कहा जाता है कि मंदिर की शुरूआत एक छोटी सी मढ़िया से हुई थी। लेकिन अब यह मंदिर काफी बड़ा और खूबसबरत है। मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों का आना जाना लगा रहता है। नवरात्रों में तो मंदर में मेले जैसा माहौल होता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां कालिका मां के दर्शन करने आते हैं। कालिका मंदिर धर्मार्थ न्यास के पुजारी पंडित सीताराम शर्मा का कहना है कि करीब 51 साल पहले 1967 में स्वर्गीय शिवनारायण सिंह बघवार ने मंदिर की स्थापना की थी। 
पुजारी के अनुसार यह मंदिर पहले एक मढ़िया हुआ करता था। लेकिन भक्तों की अटूट श्रद्धा से आज मंदिर भव्य रूप ले चुका है। तालाब किनारे मंदिर का चबूतरा है, जहां से मंदिर और भी शानदार दिखाई देता है। तालाब में विभिन्न मौकों पर भक्त अनुष्ठान करते हैं। अब मंदिर का संचालन स्वर्गीय शिवनारायण की पत्नी प्रभा सिंह बघावर करती हैं। मदिर में माता रानी के गर्भगृह में मन्नत के लिए लोग धागा बांधते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद लोग दागे को खोलने भी आते हैं। नवरात्रों में मंदिर की सजावट इसकी सुंदरता को और भी बढ़ा देती है।  

आते हैं सभी धर्मों के लोग

मंदिर में केवल हिंदू ही नहीं बल्कि मुस्लिम और बाकी अन्य धर्मों के लोग भी आते हैं। यह मंदिर हर धर्म के लिए आस्था का प्रतीक है। यहां सभी धर्मों के लोग आस्था के साथ मन्न्त मांगने भी आते हैं। मंदिर में भगवान शिव का भी दरबार है। साथ ही मंदिर में 108 फीट ऊंचा शिखर भी स्थापित किया गया है।

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