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Terror Funding: ISIS से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, जबलपुर से तीन संदिग्ध गिरफ्तार, 3 जून तक रिमांड पर
Sat, 27 May 2023 10:48 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 27 May 2023 10:48 PM IST
सार
एनआईए के साथ मप्र एटीएस ने शुक्रवार रात छापेमारी कर जबलपुर से सैयद ममूर अली, मोहम्मद आदिल खान और मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी आईएसआईएस के लिए काम करते थे। एनआईए कोर्ट में पेश कर तीनों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।
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जबलपुर से तीन संदिग्ध किए गए गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल में बांग्लादेशी आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी), पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई), हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी), रतलाम और इंदौर में सूफा संगठन के संदिग्ध आतंकियों और कट्टरपंथियों के पकड़े जाने के बाद जबलपुर में एक और आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ एनआईए ने किया है। एनआईए ने टेरर फंडिंग में जबलपुर से गिरफ्तार अब्दुल रज्जाक से पूछताछ और मिले दस्तावेजों के जांच के आधार पर जबलपुर में आईएसआईएस के नए मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
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यह आईएसआईएस मॉड्यूल वॉट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यू-ट्यूब में कई चैनल बनाकर विशेष समुदाय के युवाओं को जोड़कर उनका ब्रेनवॉश कर रहा था और आतंकवादी गतिविधियों में धकेल रहा था। मॉड्यूल से जुड़े लोग भारत को दहलाने के लिए पिस्टल, हथियार, ग्रेनेड और आईडी जैसे खतरनाक विस्फोटक खरीदने के लिए तस्करों के संपर्क में थे।
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बता दें कि एनआईए ने 24 मई को इस मामले में प्रकरण दर्ज किया था। शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे मप्र एटीएस के साथ मिलकर एनआईए ने जबलपुर के ओमती थाना क्षेत्र सहित 13 स्थानों पर एक साथ छापा मारा। छापे की कार्रवाई शनिवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद तक चलती रही।
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13 स्थानों पर छापेमारी में आईएसआईएस के लिए फंड जुटाने, युवाओं को आईएसआईएस से जोड़ने और देश में आतंकवादी धमाके कर दहलाने की योजना बनाने वाले तीन संदिग्धों का गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दर्जन भर से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों ने सिमी आतंकवादियों की हाईकोर्ट में पैरवी करने वाला अधिवक्ता नईम खान भी शामिल है।
एटीएस ने इन संदिग्ध आतंकियों को किया गिरफ्तार
एनआईए के साथ मप्र एटीएस ने शुक्रवार रात छापेमारी कर जबलपुर से सैयद ममूर अली, मोहम्मद आदिल खान और मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार कर भोपाल एनआईए कोर्ट में पेश किया है, जहां से पूछताछ के लिए तीनों को मप्र एटीएस को सौंपा गया है। तीन जून तक रिमांड दिया गया है। संदिग्ध आतंकियों के ठिकानों से तलाशी के दौरान भारी मात्रा में धारदार हथियार, गोला-बारूद (निषिद्ध बोर सहित), आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई अगस्त 2020 में आईएसआईएस समर्थक गतिविधियों और टेरर फंडिंग के आरोप में आदिल खान की गिरफ्तारी के बाद की गई जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर की गई है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने इसी महीने की 24 तारीख को मामला दर्ज किया है।
आईएसआईएस के इशारे पर कर रहे थे काम
एनआईए व एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी आईएसआईएस के इशारे पर युवाओं को आतंकवादी संगठनों से जोड़ रहे थे। भारत में हिंसक आतंकी हमले करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के साथ-साथ जमीनी ''दावा'' कार्यक्रमों के माध्यम से आईएसआईएस के प्रचार प्रसार में शामिल थे। यह आतंकी मॉड्यूल स्थानीय मस्जिदों और घरों में बैठकें करता था और देश में आतंक फैलाने की योजना और साजिशें रचता था।
ममूर करता था युवाओं की भर्ती, आदिल देता था प्रशिक्षण
जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि गिरफ्तार तीनों आतंकी जिहाद को अंजाम देने के लिए कट्टरता से काम कर रहे थे। वे फंड इकट्ठा करने के साथ आईएसआईएस की प्रचार-सामग्री तैयार कराकर युवाओं को प्रेरित करने उनमें बांटते थे। युवाओं की भर्ती का जिम्मा ममूर नाम का आरोपी संभाल रहा था, वह ''फिसाबिलिल्लाह'' नाम से वॉट्सग्रुप बनाकर युवाओं को गोला-बारूद की तस्करी करने वालों से संपर्क कर खरीदने में लगा था।
तंजीम नाम से कट्टरपंथियों का समूह भी बनाया था
सैयद ममूर अली ने ''फिसाबिलिल्लाह'' के नाम से एक स्थानीय समूह / तंजीम बनाया था और इसी नाम से एक वॉट्सग्रुप समूह भी संचालित कर रहा था। वहीं आदिल कट्टर आईएसआईएस समर्थक है। उसने जबलपुर स्थित समान विचारधारा वाले कट्टरपंथी व्यक्तियों के एक सक्रिय समूह को इकट्ठा कर लिया था।
एनआईए की जांच के अनुसार, मॉड्यूल के कुछ सदस्य पहले से ही हिजरत (उड़ान) पर विचार कर रहे थे, जबकि अन्य की भारत में हिंसक जिहाद को अंजाम देने के लिए एक स्थानीय संगठन बनाने की योजना थी। आदिल युवाओं को आईएसआईएस में शामिल करने के लिए प्रेरित करने और भर्ती करने के लिए कई यूट्यूब, इंस्टाग्राम और वॉट्सग्रुप चैनल भी चला रहा था। जांच में आगे पता चला कि शाहिद ने पिस्तौल सहित हथियार खरीदने की भी योजना बनाई थी। भारत में हिंसक हमलों के लिए आईईडी और यहां तक कि ग्रेनेड खरीदने की भी तैयारी में थे।
अधिवक्ता के घर भी छापेमारी, कई हिरासत में
एनआईए व एटीएस ने टेरर फंडिंग में गिरफ्तार अब्दुल रज्जाक के साथी मकसूद कबाड़ी और आहद उल्ला उस्मानी अधिवक्ता के साथ दर्जन भर लोगों के घर छापे मारे हैं। सिमी आतंकवादियों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता नईम खान के घर भी छापे मारे हैं, उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। एनआईए अधिवक्ता आहद उल्ला उस्मानी के भाई अमान उल्ला उस्मानी और अमान के बेटे अरहम, सिविल लाइन निवासी शाहनवाज खान के परिवार के कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कुछ संदिग्धों को पूछताछ के बाद एनआईए ने शनिवार दोपहर भोपाल रवाना होने से पहले उन्हें छोड़ भी दिया है।
