आखिर शिवराज ने की सीबीआई जांच की सिफारिश
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व्यापमं घोटाले में आलोचनाओं के घेरे में आए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने चौतरफा दबाव के बीच मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मामले में हाइकोर्ट से सीबीआई जांच की सिफारिश करती है।
कहा हमें उम्मीद है कि सीबीआई जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस को इस मामले से कोई लेना देना नहीं है वो केवल मेरी यानि मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की छवि खराब करना चाहते हैं उनका एकमात्र उद्देश्य है कि किसी तरह शिवराज को घेरो।
शिवराज ने कहा वो जल्द इस मामले में माननीय हाइकोर्ट को एक पत्र लिखेंगे जिसमें सीबीआई जांच का अनुरोध किया जाएगा। हालांकि वो यह कहने से भी नहीं चूके कि हाइकोर्ट की निगरानी में चल रही एसआईटी की जांच से वो और हाइकोर्ट दोनों संतुष्ट हैं, लेकिन फिर भी जो सवाल उठ रहे हैं उनका जवाब मिलना जरूरी है।
विपक्ष पर लगाया बदनाम करने का आरोप
लगातार लग रहे आरोपों से काफी आहत दिख रहे शिवराज सिंह ने कहा कि मैंने पूरे मन से कोशिश की अपने प्रदेश की जनता की सेवा कर सकूं। इसलिए 24 में से 18 घंटे लोगों की सेवा करने का प्रयास किया। जनता की सेवा करना मेरा जुनून है मेरा जज्बा है जिसे मैं इसी तरह पालन करता रहूंगा।
व्यापमं घोटाले को लेकर कुछ सवाल उठे हैं इसलिए उनका जवाब मिलना भी जरूरी है इसलिए सरकार सीबीआई जांच का अनुरोध करती है। जिससे सच्चाई सामने आ सके। विपक्ष के आरोपों पर शिवराज ने कहा कि उन्हें व्यापमं से कुछ लेना देना नहीं है।
व्यापमं से हो रही मौतों से भी उन्हें कुछ लेना देना नहीं है विपक्ष का केवल एक ही मकसद है किसी तरह शिवराज को घेरो किसी तरह मुख्यमंत्री को बदनाम करो। उसे चैन से काम मत करने दो। पूर्व में भी कांग्रेस मेरे खिलाफ कई आरोप लगा चुकी है जो सभी असत्य पाए गए हैं।
वहीं केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के दहशत वाले बयान पर उन्होंने कहा कि उमा मेरी बहन हैं और मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं। जब वो पार्टी में नहीं थी तब मैं उनके खिलाफ एक शब्द नहीं बोला और आज भी नहीं बोलूंगा। वो जो कह रही हैं उस पर मैं कुछ नहीं कह सकता।
