कांग्रेस राज में तो पर्चियों से होती थी भर्तियांः शिवराज
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व्यापम घोटाले में लगातार विपक्ष की आंख की किरकिरी बने और चौतरफा आलोचनाओं से घिरे शिवराज सिंह ने दूसरे दिन फिर अपनी भड़ास निकाली। एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए शिवराज ने व्यापमं घोटाले के लिए कांग्रेस को ही जिम्मेदार ठहरा दिया।
शिवराज ने कहा कि कांग्रेस के राज में सिगरेट की पर्चियों पर भर्ती होती थी, मेरे आने के बाद इस फर्जीवाड़े पर लगाम लगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती प्रकिया में कांग्रेस राज से ही हेराफेरी चल रही थी जिसे आकर उन्होंने रोका और परीक्षा के बाद शिक्षकों की भर्ती शुरू की।
उन्होंने दावा किया कि व्यापम घोटाले की जांच खुद उन्होंने ही शुरू करवाई। इसके बाद से ही इसके गुनहगारों के नाम सामने आए। ऐसे में मुझ पर आरोप लगाना तो गलत है। उन्होंने एक के बाद एक हो रही मौतों को व्यापम से जोड़ने को गलत बताया।
हाइकोर्ट की जांच में नहीं करना चाहता था हस्तक्षेप
शुरूआत में ना नुकुर के बाद सीबीआई जांच कराने को तैयार होने को उन्होंने यू टर्न मानने से इंकार कर दिया। शिवराज ने कहा कि यह मेरी अंतरात्मा की आवाज थी और लगातार सवाल उठाए जा रहे थे, लोकतंत्र में हर सवाल का जवाब मिलना चाहिए।
वैसे भी मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही थी इसलिए उसमें अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहता था। अगर मुझे डर होता तो मैं एसटीएफ को ही जांच के आदेश क्यों देता।
उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि राजा महाराजाओं की पार्टी मुझसे बदला लेने के लिए मप्र के करोडों लोगों को निशाना बना रही है। अगर उन्हें बदला लेना है मुझसे लें मेरे प्रदेश की जनता से नहीं। कांग्रेस पिछले दस साल से मुझसे इस्तीफा मांग रही है लेकिन आज तक हासिल क्या हुआ।
