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शिवपुरी: विद्यार्थियों ने एक मॉडल के माध्यम से सीखी फोर स्ट्रोक इंजन की वर्किंग
Thu, 17 Feb 2022 07:42 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 17 Feb 2022 07:42 PM IST
सार
शिवपुरी के निजी स्कूल के बच्चों ने फोर स्ट्रोक इंजन की कार्यप्रणाली को समझा। एक मॉडल के माध्यम से बच्चों को इंजन कैसे काम करता है, बताया गया।
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बच्चों ने मॉडल के जरिए इंजन की वर्किंग को समझा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिवपुरी के निजी स्कूल के बच्चों ने फोर स्ट्रोक इंजन की कार्यप्रणाली को समझा। एक मॉडल के माध्यम से बच्चों को इंजन कैसे काम करता है, बताया गया।
स्कूल की कक्षा आठ की छात्रा अवनी सिंह ने बताया कि फोर स्ट्रोक इंजन एक साथ चार प्रक्रियाओं से गुजरता है जिन्हें स्ट्रोक कहा जाता है। पहला इन्टेक वॉल्व, जब यह खुलता है तो यह कार्बोरेटर से हवा और इंधन को खींचता है। दूसरा कंप्रेस साइकिल में ईंधन और हवा के मिश्रण को कंप्रेस करने का काम करता है। उस दौरान इनटेक और एग्जास्ट वॉल्व बंद रहता है। तीसरा पावर स्ट्रोक, इस प्रक्रिया में ही पावर उत्पन्न होती है। इसमें स्पार्क प्लग के माध्यम से ईंधन और हवा का दहन होता है। अंतिम चरण एग्जॉस्ट साइकिल का होता है। इन्टेक की प्रक्रिया के दौरान यह वॉल्व खुलता है और ईंधन के दहन के दौरान धक्का मिलने पर यह वॉल्व काम करने लगता है और प्रक्रिया पूरी हो जाती हैं।
बच्चों को बताया गया कि फोर स्ट्रोक से इंजन की पावर बढ़ती है। इंजन की कार्यक्षमता और साथ ही गाड़ी की माइलेज भी बेहतर होती है। इससे इंजन की आयु बढ़ती और इंजन कम धुंआ भी फेकता है, जिसकी वजह से प्रदूषण कम होता है। फोर स्ट्रोक डेमोंस्ट्रेशन मॉडल के जरिए स्टूडेंट्स ने ना केवल फोर स्ट्रोक मॉडल की वर्किंग बल्कि उसके होने वाले लाभों के बारे में भी जाना। इस मॉडल को लेकर स्टूडेंट्स में काफी उत्साह था। आज के परिदृश्य में विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज का होना अति आवश्यक है और इसी दिशा में गीता पब्लिक स्कूल पूर्णता प्रयासरत है।
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स्कूल की कक्षा आठ की छात्रा अवनी सिंह ने बताया कि फोर स्ट्रोक इंजन एक साथ चार प्रक्रियाओं से गुजरता है जिन्हें स्ट्रोक कहा जाता है। पहला इन्टेक वॉल्व, जब यह खुलता है तो यह कार्बोरेटर से हवा और इंधन को खींचता है। दूसरा कंप्रेस साइकिल में ईंधन और हवा के मिश्रण को कंप्रेस करने का काम करता है। उस दौरान इनटेक और एग्जास्ट वॉल्व बंद रहता है। तीसरा पावर स्ट्रोक, इस प्रक्रिया में ही पावर उत्पन्न होती है। इसमें स्पार्क प्लग के माध्यम से ईंधन और हवा का दहन होता है। अंतिम चरण एग्जॉस्ट साइकिल का होता है। इन्टेक की प्रक्रिया के दौरान यह वॉल्व खुलता है और ईंधन के दहन के दौरान धक्का मिलने पर यह वॉल्व काम करने लगता है और प्रक्रिया पूरी हो जाती हैं।
बच्चों को बताया गया कि फोर स्ट्रोक से इंजन की पावर बढ़ती है। इंजन की कार्यक्षमता और साथ ही गाड़ी की माइलेज भी बेहतर होती है। इससे इंजन की आयु बढ़ती और इंजन कम धुंआ भी फेकता है, जिसकी वजह से प्रदूषण कम होता है। फोर स्ट्रोक डेमोंस्ट्रेशन मॉडल के जरिए स्टूडेंट्स ने ना केवल फोर स्ट्रोक मॉडल की वर्किंग बल्कि उसके होने वाले लाभों के बारे में भी जाना। इस मॉडल को लेकर स्टूडेंट्स में काफी उत्साह था। आज के परिदृश्य में विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज का होना अति आवश्यक है और इसी दिशा में गीता पब्लिक स्कूल पूर्णता प्रयासरत है।
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