फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Shahdol News ›   Toilets were cleaned by tribal girl students in Government Higher Secondary School Balbahara in Shahdol

Shahdol: शासकीय उमावि बलबहरा स्कूल में आदिवासी छात्राओं से साफ कराए गए शौचालय; प्राचार्य पर आदेश देने का आरोप

Fri, 21 Jul 2023 01:21 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 21 Jul 2023 01:21 PM IST
सार

Shahdol News: शहडोल के बुढ़ार विकास खंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलबहरा में आदिवासी छात्राओं द्वारा शौचालय साफ करवाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर स्कूल के प्राचार्य ने बेतुका बयान दिया है। पूरा मामला जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...।

विज्ञापन
Toilets were cleaned by tribal girl students in Government Higher Secondary School Balbahara in Shahdol
स्कूल में शौचालय साफ करतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रेदश के शहडोल जिले के बुढ़ार विकास खंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलबहरा का एक विवादित वीडियो सामने आया है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो के मुताबिक, स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं को प्राचार्य द्वारा पढ़ाई के बीच वहां स्थित गंदे पड़े शौचालय की साफ-सफाई के काम पर लगा दिया गया। प्राचार्य के कहने के बाद छात्राएं अपने सर पर बड़े-बड़े बर्तनों में पानी भरकर शौचालय की सफाई करती रही। इसका वीडियो अब जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

विज्ञापन


जिले के शासकीय विद्यालयों में लगातार अव्यवस्थाओं के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। उनमें अब तक विद्यालय परिसर में झाडू लगवाने और बर्तन धुलवाने का मामला सामने आया था। लेकिन अब एक नया मामला है जिसमें सफाई कर्मी का काम इन छात्राओं से कराते हुए गंदे शौचालय को साफ कराया जा रहा था। छात्राओं द्वारा शौचालय की साफ-सफाई करने के दौरान किसी शख्स ने इस घटनाक्रम का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। आदिवासी छात्र-छात्राओं का यह वीडियो वायरल होने के बाद इसकी चारों ओर निंदा हो रही है। आदिवासी समाज के लोग भी इसे लेकर आक्रोश व्यक्त कर रहे है।
विज्ञापन


विद्यालय के प्राचार्य सुरेश चतुर्वेदी से जब इस मामले में बातचीत की गई तो उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी न होने की वजह से बच्चों को गंदे शौचालय में जाना पड़ता है। इसकी वजह से बच्चों को सफाई करने के लिए कहा गया था। लेकिन प्राचार्य की यह बात कितनी उचित है, यह खुद ही समझा जा सकता है। वह अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए बच्चों को ऐसे काम में लगाकर अपना पल्ला झाड़ना चाह रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed