{"_id":"63dd28ada977730967698151","slug":"shahdol-to-know-the-secret-of-death-of-the-innocent-girl-dead-body-was-removed-from-the-grave-2023-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol: अंधविश्वास या कुछ और...मासूम बच्ची की मौत का राज जानने के लिए कब्र से निकाला गया शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol: अंधविश्वास या कुछ और...मासूम बच्ची की मौत का राज जानने के लिए कब्र से निकाला गया शव
Fri, 03 Feb 2023 09:00 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 03 Feb 2023 09:00 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक मासूम बच्ची को 51 बार गर्म सलाखों से दागा गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अब बच्ची की मौत का राज जानने के लिए कब्र से उसका शव बाहर निकलवाया गया है। कल यानी शनिवार को पोस्टमॉर्टम होगा।
विज्ञापन
कब्र से निकाला गया मासूम बच्ची का शव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल जिले के ग्राम कठौतिया निवासी जिस मासूम बच्ची के शरीर को 51 बार गर्म सलाखों से दागने के बाद दो दिन पहले उपचार के दौरान मेडिकल कालेज में मौत हो गई थी, अब उस बच्ची का शव शुक्रवार को कब्र से बाहर निकलवाया गया। बताया जा रहा है कि मासूम की मौत के कारण पर सवाल उठने, विशेषज्ञ और प्रशासन के आलाधिकारी की बात में विरोधाभाष सामने आने के बाद ऐसा किया जा रहा है। ताकि मासूम की मौत का सही कारणों का पता लग सके।
विज्ञापन
बता दें कि आदिवासी बाहुल्य जिला शहडोल में अंधविश्वास के कारण बच्चों की गर्म सलाखों से दागने की कुप्रथा लंबे समय से चली आ रही है। आए दिन ऐसे मामले प्रकाश में आते रहते हैं। कई बार तो इस कारण से मासूमों की मौत तक हो जाने की बाते सामने आ चुकी हैं। बीते दिनों ऐसा ही एक मामला जिला मुख्यालय से लगे ग्राम कठौतिया में सामने आया था, यहां अंधविश्वास के चलते इलाज के नाम पर ढाई महीने की दूधमुंही मासूम बच्ची को 51 बार गर्म सलाखों से दागा गया था। जब मासूम की तबियत ज्यादा बिगड़ गई तो उसे उपचार के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
इलाज के दौरान बच्ची की मौत...
गर्म सलाखों से दागने का दर्द झेल रही दुधमुंही बच्ची ने जिंदगी मौत के बीच मेडिकल कालेज में लड़ने के बाद बुधवार को दम तोड़ दिया था, जिसके बाद से यह सवाल उठ रहे थे कि दागने की इस कुप्रथा ने एक बार फिर मासूम की जान ले ली। वहीं, प्रशासन के आलाधिकारी बच्ची की मौत का कारण निमोनिया का बिगड़ जाना बता रहे थे। मासूम की मौत के बाद के बाद उसके सही कारण की लेकर यही कहा जा रहा था कि आखिर एक मासूम कैसे गर्म सलाखों के दर्द को सह पाती। इसी दर्द के कारण वह निमोनिया की चपेट आई और फिर उसने प्राण त्याग दिए। अब सवालों के उठने के बाद मासूम के दो दिन पहले दफ़ना दिए गए शव को कब्र से बाहर निकाला गया। शनिवार को उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
विज्ञापन
क्या कहा था डीएम और एसपी ने...
जब इस मामले में कलेक्टर वंदना वैद्य से बात की गई थी तो उन्होंने कहा कि बालिका की मौत निमोनिया से हुई होगी, दागने से नहीं। लेकिन उनके जवाब पर सवाल उठने के बाद अब शव का पीएम करवाकर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। वहीं, इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक का कहना था कि मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
