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Shahdol: अंधविश्वास और गर्म सलाखों ने ले ली 5 माह के मासूम की जान, उपचार के दौरान डॉक्टर नहीं बचा पाए जिंदगी

Thu, 01 Feb 2024 01:35 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 01 Feb 2024 01:35 PM IST
सार

सिंहपुर के ग्राम पठरा के एक घर में सलाखों से बदन दाग़कर इलाज करने पर मासूम की तबीयत बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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Shahdol: Five month old innocent dies after being burnt with hot rods
बच्चे की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दाग़ना जैसी कुप्रथा व अंध विश्वास का शिकार फिर एक पांच माह का मासूम हो गया। आखिरकार उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज मे उसकी मौत हो गई। उसे कल ही जिला चिकित्सालय से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। 

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जानकारी के अनुसार सिंहपुर खंड चिकित्सा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पठरा निवासी रामदास कोल के पांच माह के पुत्र ऋषब की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे नजदीकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में परिजन दो दिन पहले लेकर आए थे। वहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसकी हालत नाजुक नजर आई। साथ ही बच्चे के शरीर में दागने के भी निशान नजर आए। ऐसा आभास हो रहा था कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद पहले परिजनों ने अंध विश्वास में आकर गर्म सालाखों उसे दगवाया है। ज़ब उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उसे सिंहपुर अस्पताल लाया गया। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां से भी उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। वहां उपचार के दौरान 31 जनवरी को मासूम की मौत हो गई।
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सिर्फ एफआईआर से कैसे मिटेगा अंधविश्वास
आदिवासी बाहुल्य शहडोल में दागने की यह कुप्रथा और अंध विश्वास वर्षों पुरानी है। अब तक इस दागने से दर्जनों मासूमों की मौत हो चुकी है। मामला उजागर होने के बाद कई दागने वाली दाइयों और परिजनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई। कुप्रथा और अंधविश्वास पर आज तक अंकुश नहीं लगा सका। सवास्थ्य महाकमे के साथ-साथ जिला प्रशासन ने केवल रश्म अदायगी कर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली। 
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉक्टर एके लाल ने बताया कि बच्चे का निमोनिया बिगड़ने से उसे सेफ्टी सिमिया हो गया था। उसे काफी नाजुक हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। इस लिए उसे समुचित उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था, जहाँ उसकी मृत्यु कल हो जाने की जानकारी मिली हैं।

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