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आस्था या अंधविश्वास: डेढ़ महीने के मासूम को दागने वालों के खिलाफ FIR, पुलिस ने मां-दादा और दाई को बनाया आरोपी

Tue, 21 Nov 2023 04:45 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 21 Nov 2023 04:45 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला शहडोल से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां आज भी झाड़-फूंक और दागना की कुप्रथा जारी है। अंधविश्वास के चलते इलाज के नाम पर मासूम बच्चों को गर्म लोहे की रॉड से दागने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 10 से अधिक मासूम अंधविश्वास की भेंट भी चढ़ चुके हैं। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है।

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Shahdol FIR against those who branded one and a half month old baby
अस्पताल में भर्ती बच्चा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहडोल में डेढ़ महीने के मासूम को दागने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास ने मामले में जांच के बाद पुलिस को प्रतिवेदन सौंपा था, जिसके बाद पुलिस ने दागने वाली दाई, बच्चे की मां और उसके दादा के खिलाफ सोहागपुर थाना में FIR दर्ज की है।

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बता दें कि हरदी गांव में रहने वाले प्रेमलाल बैगा के डेढ़ महीने के बेटे प्रदीप कोल को निमोनिया की शिकायत होने पर परिजनों ने उसे पड़ोस में रहने वाली दाई को बुलाकर दगवा दिया था। मासूम का अभी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। 
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दादा ने बुलवाया था दाई को
डेढ़ महीने के मासूम प्रदीप कोल को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। पेट भी फूलने लगा था, तभी दादा रजानी बैगा ने पड़ोस में रहने वाली दाई बूटी बैगा को अपने घर बुला लिया और मासूम बच्चे को गर्म चूड़ी और अगरबत्ती से दगवाने लगा।
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मां ने किया सहयोग, इसलिए बनी आरोपी
सोहागपुर पुलिस ने बताया कि मासूम बच्चे को दगवाने के समय उसकी मां रजनी बैगा ने आरोपियों का सहयोग किया था। इस कारण उसे भी आरोपी बनाया गया है। जब दाई बच्चे को दाग रही थी, तब मां ने उसे पकड़ा था।


कलेक्टर ने दिए थे जांच के आदेश
इस पूरे मामले में कलेक्टर वंदना वैद्य ने जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से मामले की जांच की थी। जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि मासूम के साथ क्रूरता की गई है।

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