{"_id":"670cf1cedc3c790dda0e0571","slug":"shahdol-baiga-community-will-hunger-strike-colliery-management-started-mine-without-any-information-2024-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol News: बैगा समाज के लोग करेंगे आमरण अनशन, कॉलरी प्रबंधन ने बिना जानकारी खेतों के नीचे चला ली खदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol News: बैगा समाज के लोग करेंगे आमरण अनशन, कॉलरी प्रबंधन ने बिना जानकारी खेतों के नीचे चला ली खदान
Mon, 14 Oct 2024 03:56 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 14 Oct 2024 03:56 PM IST
सार
बैगा समाज के लोग आमरण अनशन की तैयारी कर रहे हैं। कॉलरी प्रबंधन ने बिना जानकारी के खेतों के नीचे खदान चला दी है। ऐसे किसानों के बोरवेल धसक रहे हैं और फसलें सूख रही हैं।
विज्ञापन
बैगा समाज के लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आदिवासी बाहुल्य जिला शहडोल में रहने वाले बैगा समुदाय के लोग पानी के लिए 15 अक्तूबर से आमरण अनशन करेंगे। बैगा समुदाय के लोगों ने बताया, एसईसीएल के सोहागपुर एरिया अंतर्गत राजेंद्रा भूमिगत खदान द्वारा बिना किसानों की जानकारी या सहमति के उनके खेतों के नीचे से खदान चलाकर कोयला निकाल लिया गया है। इस कारण जमीन खोखली हो गई।
विज्ञापन
किसानों के मुताबिक, उनके बोरवेल धमकने लगे हैं। इसके साथ ही खेतों में खड़ी फसल सूखने लगी। तब परेशान होकर किसान राजेंद्रा कॉलरी प्रबंधन के पास पहुंचे। वहां प्रबंधन ने प्रभावित भूमि को माइन बाउंड्री के बाहर बताकर किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया। उसके बाद ग्राम पंचायत खन्नाथ के नौगांव के रहने वाले बैगा समुदाय के लोग झुरही तालाब में 15 अक्तूबर से आमरण अनशन करेंगे।
विज्ञापन
प्रबंधन बोला- नहीं दे पाएंगे पानी
प्रभावित किसान बाबूलाल पटेल ने बताया कि हम प्रभावित किसान लगातार राजेंद्रा कॉलरी प्रबंधन से पानी के बदले सिर्फ पानी की मांग कर रहे थे। इसके लिए बातचीत करने की कोशिश भी कर रहे थे। लेकिन प्रबंधन ने हम किसानों की मांग पर ध्यान देने के बजाय हमारे साथ दुर्व्यवहार किया। प्रबंधन ने हम किसानों से कहा कि हम लोगों की लापरवाही से आप किसानों का बोर और तालाब नहीं सूख रहा है। इस कारण हम पानी नहीं दे पाएंगे।
विज्ञापन
हमें पता नहीं, कागजों में बन गई बाउंड्री
नौगांव के रामकृपाल बैगा ने बताया कि हम किसानों को तो यह भी नहीं पता कि एसईसीएल ने कब और कहां, किस आधार पर अपने कागजों में माइन बाउंड्री बना ली। मौके पर ऐसा कोई चिन्ह और बोर्ड नहीं लगा है, जिससे हम किसानों को यह पता चल सके कि एसईसीएल ने किस भूमि का अधिग्रहण किया है और किसका नहीं।
अचानक धसकने लगी किसानों की जमीन
प्रभावित किसान जोशी प्रसाद पटेल ने बताया कि हम लोगों के खेत की भूमि लगातार धसक रही है, जिससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। यदि उक्त भूमि में कोई इंसान या मवेशी समा जाता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। जमीन धसकने से गांव में लगभग चार बोरवेल धसक चुके हैं, जिससे किसान दहशत में हैं।
प्रबंधन ने कहा- हम स्वतंत्र हैं
पीड़ित किसान अर्जुन सिंह गोंड ने बताया कि जब हम राजेंद्रा कॉलरी प्रबंधन से बात करने गए, तब उनका कहना था कि 10 मीटर के नीचे की भूमि शासन की होती है। इसलिए वो कहीं से भी अपनी मर्जी के अनुसार कोयला निकालने और खदान चलाने के लिए स्वतंत्र हैं।
कल से ये करेंगे आमरण अनशन
प्रशासन और कॉलरी प्रबंधन को दिए पत्र में किसानों ने बताया कि 15 अक्तूबर से शुरू होने वाले आमरण अनशन में ग्राम नौगांव की फूला बैगा, रामकृपाल बैगा, नंदा बैगा, सुखमंती बैगा, फुल्लू बैगा, हीलावती बैगा जोशी प्रसाद पटेल, भोला प्रसाद पटेल, अर्जुन सिंह गोंड, बोड्डी बैगा आमरण अनशन करेंगे। राजेंद्रा खैरहा सब एरिया मैनेजर वीके सिन्हा ने बताया कि वहां खदान कई साल पहले चल चुकी है। जहां जमीन धसक रही है, वह हमारी माइन बाउंड्री के बाहर है। लोगों के बोरबेल क्यों धंस रहे, हमें इसकी जानकारी नहीं।
