{"_id":"65c89b29e98cd4b15b0caeec","slug":"retired-employees-of-district-panchayat-have-been-wandering-for-6-years-to-get-their-rights-2024-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol: 6 साल से हक पाने भटक रहे जिला पंचायत के रिटायर्ड कर्मचारी, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol: 6 साल से हक पाने भटक रहे जिला पंचायत के रिटायर्ड कर्मचारी, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
Sun, 11 Feb 2024 03:32 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sun, 11 Feb 2024 03:32 PM IST
सार
Shahdol: सरकारी दफ्तर में वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद अपने स्वत्वों के भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। करीब दो से 6 वर्ष पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि जिला पंचायत कर्मचारियों के स्वत्वों के भुगतान के लिए जिस सी-86 मद में राशि सुरक्षित रखी जानी चाहिए थी, उसे अन्य कार्यों में खर्च कर दिया गया, जिसके चलते रिटायर कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
जिला पंचायत के रिटायर्ड कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सहायक अधीक्षक रामकुशल पटेल 6 वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए। भृत्य भोला प्रसाद 5 वर्ष तथा अधीक्षक रामसुजान पटेल, भृत्य रामगरीब, सहायक ग्रेड 3 कमला दुबे 2-2 साल पहले रिटायर हुए। वाहन चालक पवन कुमार सिंह तीन साल पहले और चौकीदार जगतनारायण शुक्ला दिसंबर 2023 में सेवा निवृत्त हुए।
विज्ञापन
शिकायत लेकर भटक है दर-दर
उपरोक्त सभी कर्मचारियों को अभी तक अवकाश नगदीकरण, ग्रेज्यूटी एवं वेतन के अंतर की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने बताया कि भुगतान संबंधी आवेदन वर्ष 2018 से लगातार सभी पदस्थ जिला पंचायत सीईओ, कमिश्नर-कलेक्टर की जनसुनवाई के अलावा मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री को कई बार दिया गया, लेकिन कोई नहीं सुन रहा है।
विज्ञापन
आलम यह है कि रिटायर होने के बाद कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। मौजूदा मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा संचालक सह आयुक्त पंचायत राज संचालनालय को लिखे पत्र में रिटायर हुए 17 कर्मचारियों के समस्त भुगतान के लिए 267.50 लाख रुपए के भुगतान की अनुमति मांगी गई है, लेकिन पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि जब सी-86 में राशि सुरक्षित रखी जानी थी तो उसे अन्य में खर्च क्यों किया गया। यदि वह राशि है भी तो उसका ब्याज सहित अधिक राशि हो चुकी हो चुकी होगी।
विज्ञापन
फरियाद किसे सुनाए
कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा गुमराह करने वाली जानकारी शासन को भेजी जा रही है। बहरहाल अब इनको यह लगने लगा है कि आखिर हम अपनी फरियाद किसे सुनाए। एक बार फिर अपने पैसो के लिए यह रिटायर्ड कर्मचारी यहां वहां आवेदन लिए फिर रहे है।
