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एमपी-छत्तीसगढ़ का संपर्क टूटा: शहडोल में बारिश बनी आफत, उफान पर बरने नदी; बाणसागर के आठ गेट खुले
Fri, 04 Sep 2026 09:49 AM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 09:49 AM IST
सार
शहडोल जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। जैतपुर तहसील क्षेत्र के कोलमी गांव में बरने नदी का जलस्तर बढ़ने से झींक बिजुरी से छत्तीसगढ़ के केल्हारी का संपर्क टूट गया है।
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शहडोल में बरने नदी उफान पर व बाणसागर के आठ गेट खोले गए
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
शहडोल जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। जैतपुर तहसील क्षेत्र के कोलमी गांव में बरने नदी का जलस्तर बढ़ने से झींक बिजुरी से छत्तीसगढ़ के केल्हारी का संपर्क टूट गया है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों को नदी पर बने पुल से आवागमन करने से रोक दिया है। यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला एक भीतरी मार्ग है।
पुल के ऊपर बह रहा पानी, पुलिस बल तैनात
बरने नदी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है। नदी के एक ओर मध्य प्रदेश का जैतपुर थाना क्षेत्र है, जबकि दूसरी ओर छत्तीसगढ़ का केल्हारी थाना क्षेत्र आता है। नदी में पानी बढ़ने के बाद पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। पुल के ऊपर पानी होने की स्थिति में लोगों को इसे पार नहीं करने दिया जा रहा है।
बाणसागर से छोड़ा जा रहा पानी
लगातार बारिश के बीच बाणसागर बांध का जलस्तर पूर्ण जलभराव स्तर तक पहुंच गया है। 3 सितंबर की सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 341.64 मीटर दर्ज किया गया, जो पूर्ण जलभराव स्तर के बराबर है। बांध से कुल 4241.66 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए आठ रेडियल गेट 2.50 मीटर तक खोले गए हैं। स्पिलवे के आठ गेटों से करीब 4060 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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ये भी पढ़ें- एमपी: रेबीज से जूझ रही महिला ने काटी गले और हाथ की नस, इलाज के दौरान मौत; अस्पताल में मचा हड़कंप
अब तक 1078.4 मिलीमीटर बारिश
अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले में 2 सितंबर को औसतन 54.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जैतपुर में सबसे अधिक 99 मिलीमीटर, बुढ़ार में 83, चनौढ़ी में 53, ब्यौहारी में 45, सोहागपुर में 38, जयसिंहनगर में 33 और गोहपारू में 29 मिलीमीटर बारिश हुई। दो सितंबर तक जिले में इस वर्ष कुल 1078.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 2 सितंबर तक 945 मिलीमीटर औसत बारिश हुई थी। लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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पुल के ऊपर बह रहा पानी, पुलिस बल तैनात
बरने नदी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है। नदी के एक ओर मध्य प्रदेश का जैतपुर थाना क्षेत्र है, जबकि दूसरी ओर छत्तीसगढ़ का केल्हारी थाना क्षेत्र आता है। नदी में पानी बढ़ने के बाद पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। पुल के ऊपर पानी होने की स्थिति में लोगों को इसे पार नहीं करने दिया जा रहा है।
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बाणसागर से छोड़ा जा रहा पानी
लगातार बारिश के बीच बाणसागर बांध का जलस्तर पूर्ण जलभराव स्तर तक पहुंच गया है। 3 सितंबर की सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 341.64 मीटर दर्ज किया गया, जो पूर्ण जलभराव स्तर के बराबर है। बांध से कुल 4241.66 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए आठ रेडियल गेट 2.50 मीटर तक खोले गए हैं। स्पिलवे के आठ गेटों से करीब 4060 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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अब तक 1078.4 मिलीमीटर बारिश
अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले में 2 सितंबर को औसतन 54.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जैतपुर में सबसे अधिक 99 मिलीमीटर, बुढ़ार में 83, चनौढ़ी में 53, ब्यौहारी में 45, सोहागपुर में 38, जयसिंहनगर में 33 और गोहपारू में 29 मिलीमीटर बारिश हुई। दो सितंबर तक जिले में इस वर्ष कुल 1078.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 2 सितंबर तक 945 मिलीमीटर औसत बारिश हुई थी। लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
