{"_id":"6637631598b54bb0040997a4","slug":"mp-news-girls-kept-crying-while-clinging-to-the-dead-body-of-the-martyred-policeman-the-wife-was-distraught-2024-05-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"MP News: शहीद पुलिसकर्मी के शव से लिपटकर बिलखती रहीं बच्चियां, पत्नी बदहवास, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: शहीद पुलिसकर्मी के शव से लिपटकर बिलखती रहीं बच्चियां, पत्नी बदहवास, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
Sun, 05 May 2024 04:14 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, शहडोल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, शहडोल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 05 May 2024 04:14 PM IST
सार
ब्योहारी थाना क्षेत्र के खदौली के पास रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर एएसआई महेन्द्र बागरी को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद रात्रि में ही ट्रैक्टर चालक विजय उर्फ़ राज रावत पिता मोलई कोल (19) निवासी ग्राम जामोड़ी थाना ब्योहारी व रेकी करने वाले पायलट आशुतोष सिंह पिता सुरेन्द्र सिंह बघेल निवासी ग्राम जमोड़ी थाना ब्योहारी को गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन
शहडोल में रेत माफियाओं ने एएसआई की हत्या कर दी।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कल तक पिता की गोद मे खेलने वाली बच्चियों के सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए छिन चुका है। वहीं इनकी मां का सुहाग भी अब उजड़ गया है। पिता के खून से लथपथ शव से लिपटकर ये बच्चियां बिलख रही हैं। वहीं पत्नी सुहाग उजड़ जाने के बाद से बदहवास है। पोस्टमार्टम के बाद अब ब्योहारी थाने में पदस्थ एएसआई महेन्द्र बागरी का शव उनके पैतृक गांव सतना जिले के ग्राम मसनहा भेज दिया गया है। जहां राजकीय सम्मान के साथ कर्तव्य का निर्वहन करते शहीद हुए एएसआई बागरी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों के साथ जिला पुलिस बल के कुछ पुलिस अधिकारी व जवानों को भी भेजा गया है। शहीद पुलिसकर्मी बागरी की तीन बेटियों मे आयुषी (14) सबसे बड़ी है। जबकि दूसरी पुत्री परी 6 वर्ष तथा तीसरी सबसे छोटी बेटी शिवि की उम्र अभी महज तीन साल ही है। इन सभी का एकलौता सहारा थे शहीद महेन्द्र बागरी। जो अब इस इन बच्चियों को दुनिया मे छोड़कर हमेशा के लिए जा चुके हैं।
चालक व पायलट गिरफ्तार, वाहन मालिक फरार
बीते रात्रि ब्योहारी थाना क्षेत्र के खदौली के पास रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर एएसआई महेन्द्र बागरी को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद रात्रि में ही ट्रैक्टर चालक विजय उर्फ़ राज रावत पिता मोलई कोल (19) निवासी ग्राम जामोड़ी थाना ब्योहारी व रेकी करने वाले पायलट आशुतोष सिंह पिता सुरेन्द्र सिंह बघेल निवासी ग्राम जमोड़ी थाना ब्योहारी को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं फरार आरोपी सुरेन्द्र सिंह जो कि घटना के बाद से फरार है। उसके ऊपर तीस हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।
विज्ञापन
चालक व पायलट गिरफ्तार, वाहन मालिक फरार
बीते रात्रि ब्योहारी थाना क्षेत्र के खदौली के पास रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर एएसआई महेन्द्र बागरी को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद रात्रि में ही ट्रैक्टर चालक विजय उर्फ़ राज रावत पिता मोलई कोल (19) निवासी ग्राम जामोड़ी थाना ब्योहारी व रेकी करने वाले पायलट आशुतोष सिंह पिता सुरेन्द्र सिंह बघेल निवासी ग्राम जमोड़ी थाना ब्योहारी को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं फरार आरोपी सुरेन्द्र सिंह जो कि घटना के बाद से फरार है। उसके ऊपर तीस हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।
विज्ञापन
शहडोल में आरोपियों के अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
- फोटो : सोशल मीडिया
सत्रह बरस से पुलिस विभाग में सेवा
शहीद सहायक उपनिरीक्षक महेन्द्र बागरी वर्ष 2007 में पुलिस विभाग में बतौर आरक्षक भर्ती हुए थे। इसके बाद जिले के विभिन्न थानो मे पदस्थ रहे। फिर पहली पदोन्नति वर्ष 2013 मे होने के बाद प्रधान आरक्षक बने। वर्ष 2020 में सहायक उपनिरीक्षक के रूप मे पदोन्नत हुए। इस प्रकार पिछले 17 वर्ष वर्षों से बागरी जिला पुलिस मे अपनी सेवाएं दे रहे थे।
दिखावे के लिए चला बुलडोजर, मिल रही थी शह?
इस घटना के बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाने की जो कार्रवाई की है, उसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योकि आज वाहन चालक की एक झोपडी नुमा मकान को तोड़ा गया वहीं वाहन मालिक व मुख्य आरोपी सुरेन्द्र सिंह बघेल के मुख्य मकान की जगह उसकी एक झोपडी तोड़े जाने की बात सामने आ रही है। बहरहाल इस कार्रवाई के बाद जहां लोगों के मन मे सवाल उठ रहे हैं, वहीं इस बात की भी चर्चा है कि यह कार्रवाई महज एक दिखावा है। क्योंकि रेत के इस काले कारोबार मे क्षेत्र के बड़े सफ़ेद पोश सत्ताधारी दल के नेता समेत अन्य छोटे नेता भी शामिल हैं। वहीं ब्योहारी थाने के मुखिया व उनके मातहत दो अन्य खाकी वर्दी धारियों पर भी उंगलियां उठ रही हैं। कुछ माह पहले ब्योहारी अनुविभागीय क्षेत्र में एक पटवारी की इन्हीं रेत माफियाओं ने हत्या कर दी थी। इसके बाद शासन प्रशासन तत्काल तो एक्शन मूड में आया था, लेकिन चंद दिनों बाद फिर वैसे ही रेत माफियाओ ने अपना कारोबार शुरू कर दिया। इसका खामियाजा एक और सरकारी मुलाजिम को अपनी जान देकर कल चुकाना पड़ा।
शहीद सहायक उपनिरीक्षक महेन्द्र बागरी वर्ष 2007 में पुलिस विभाग में बतौर आरक्षक भर्ती हुए थे। इसके बाद जिले के विभिन्न थानो मे पदस्थ रहे। फिर पहली पदोन्नति वर्ष 2013 मे होने के बाद प्रधान आरक्षक बने। वर्ष 2020 में सहायक उपनिरीक्षक के रूप मे पदोन्नत हुए। इस प्रकार पिछले 17 वर्ष वर्षों से बागरी जिला पुलिस मे अपनी सेवाएं दे रहे थे।
दिखावे के लिए चला बुलडोजर, मिल रही थी शह?
इस घटना के बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाने की जो कार्रवाई की है, उसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योकि आज वाहन चालक की एक झोपडी नुमा मकान को तोड़ा गया वहीं वाहन मालिक व मुख्य आरोपी सुरेन्द्र सिंह बघेल के मुख्य मकान की जगह उसकी एक झोपडी तोड़े जाने की बात सामने आ रही है। बहरहाल इस कार्रवाई के बाद जहां लोगों के मन मे सवाल उठ रहे हैं, वहीं इस बात की भी चर्चा है कि यह कार्रवाई महज एक दिखावा है। क्योंकि रेत के इस काले कारोबार मे क्षेत्र के बड़े सफ़ेद पोश सत्ताधारी दल के नेता समेत अन्य छोटे नेता भी शामिल हैं। वहीं ब्योहारी थाने के मुखिया व उनके मातहत दो अन्य खाकी वर्दी धारियों पर भी उंगलियां उठ रही हैं। कुछ माह पहले ब्योहारी अनुविभागीय क्षेत्र में एक पटवारी की इन्हीं रेत माफियाओं ने हत्या कर दी थी। इसके बाद शासन प्रशासन तत्काल तो एक्शन मूड में आया था, लेकिन चंद दिनों बाद फिर वैसे ही रेत माफियाओ ने अपना कारोबार शुरू कर दिया। इसका खामियाजा एक और सरकारी मुलाजिम को अपनी जान देकर कल चुकाना पड़ा।
