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Shahdol News: डॉक्टर और पुलिसकर्मियों के बीच हुई मारपीट, मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू
Fri, 23 May 2025 12:05 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Fri, 23 May 2025 12:05 PM IST
सार
डॉक्टर के साथ मारपीट का आरोप सोहागपुर थाने के एएसआई शुभवंत चतुर्वेदी, प्रधान आरक्षक सिद्धार्थ रैकवार, हरेंद्र सिंह और आरक्षक पवन सिंह पर लगा है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और म. प्र. मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन जैसे विभिन्न संगठनों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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घायल शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णेन्दु द्विवेदी ।
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विस्तार
शहडोल जिला अस्पताल में डॉक्टर्स और पुलिसकर्मियों के बीच हुई मारपीट की घटना ने चिकित्सा समुदाय में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। अनुविभागीय दंडाधिकारी सोहागपुर, अरविंद शाह ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। जांच के तहत 24 मई को स्थानीय एसडीएम कार्यालय में सभी प्रभावित व्यक्तियों और संगठनों से कथन दर्ज कराने की अपील की गई है।
जानकारी के अनुसार, घटना 16 मई की रात को हुई थी, जब छह पुलिसकर्मियों ने जिला अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णेन्दु द्विवेदी के साथ मारपीट की। डॉ. द्विवेदी को इस घटना में गंभीर चोटें आई हैं, उनकी रीढ़ की हड्डी भी टूट गई है। मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रांतीय राजपत्रित पशु चिकित्सक संघ ने कलेक्टर कार्यालय को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों का यह व्यवहार अमानवीय और असंवेदनशील है, जो लोक सेवा आचरण नियमों के विपरीत है।
डॉक्टर के साथ मारपीट का आरोप सोहागपुर थाने के एएसआई शुभवंत चतुर्वेदी, प्रधान आरक्षक सिद्धार्थ रैकवार, हरेंद्र सिंह और आरक्षक पवन सिंह पर लगा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इन पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
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इस घटना के बाद मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और म. प्र. मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन जैसे विभिन्न संगठनों ने भी अपनी आवाज उठाई है। डॉ. केदार सिंह, जिला दंडाधिकारी ने एसडीएम अरविंद शाह को प्राधिकृत जांच अधिकारी नियुक्त किया है, और उन्हें 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
संघ के प्रवक्ता ने कहा, हम इस घटना की घोर निंदा करते हैं। यह न केवल एक चिकित्सक के खिलाफ की गई हिंसा है, बल्कि यह पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए एक खतरा है। हमें न्याय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले में अभी तक कोई निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे चिकित्सा समुदाय में भय और आक्रोश व्याप्त है।
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जानकारी के अनुसार, घटना 16 मई की रात को हुई थी, जब छह पुलिसकर्मियों ने जिला अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णेन्दु द्विवेदी के साथ मारपीट की। डॉ. द्विवेदी को इस घटना में गंभीर चोटें आई हैं, उनकी रीढ़ की हड्डी भी टूट गई है। मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रांतीय राजपत्रित पशु चिकित्सक संघ ने कलेक्टर कार्यालय को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों का यह व्यवहार अमानवीय और असंवेदनशील है, जो लोक सेवा आचरण नियमों के विपरीत है।
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डॉक्टर के साथ मारपीट का आरोप सोहागपुर थाने के एएसआई शुभवंत चतुर्वेदी, प्रधान आरक्षक सिद्धार्थ रैकवार, हरेंद्र सिंह और आरक्षक पवन सिंह पर लगा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इन पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
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इस घटना के बाद मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और म. प्र. मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन जैसे विभिन्न संगठनों ने भी अपनी आवाज उठाई है। डॉ. केदार सिंह, जिला दंडाधिकारी ने एसडीएम अरविंद शाह को प्राधिकृत जांच अधिकारी नियुक्त किया है, और उन्हें 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
संघ के प्रवक्ता ने कहा, हम इस घटना की घोर निंदा करते हैं। यह न केवल एक चिकित्सक के खिलाफ की गई हिंसा है, बल्कि यह पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए एक खतरा है। हमें न्याय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले में अभी तक कोई निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे चिकित्सा समुदाय में भय और आक्रोश व्याप्त है।
