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International Nurses Day 2023: शहडोल की एक ऑफिसर जिसने अपने जिले के लोगों की सेवा के लिए छोड़ दी एम्स की नौकरी
Fri, 12 May 2023 02:16 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 12 May 2023 02:16 PM IST
सार
मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति से पूर्व खातून जिला स्वास्थ्य महकमे में काम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के रूप में सेवाएं दें रही थीं। इसके अलावा इनका चयन, रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने शहडोल को चुना।
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तैयबा खातून, नर्सिंग ऑफिसर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं में चिकित्सक के बाद नर्सिंग स्टाफ का अहम योगदान होता है। इनकी गैर मौजूदगी में स्वास्थ्य सेवाएं चल पाना संभव ही नहीं है। आज अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग डे है। जिलेभर में अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात नर्सिंग ऑफिसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं शहडोल मेडिकल कॉलेज में सेवारत नर्सिंग ऑफिसर तैयबा खातून। 2020 दुनियाभर में कोरोना महामारी लेकर आया था, शहडोल में भी धीरे-धीरे कोरोना ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे। इसी दौरान 2020 के अप्रैल माह में मेडिकल कॉलेज में कोविड मरीजों की भर्ती करने के साथ ही मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हुई थी।
संकट के समय नर्सिंग ऑफिसर तैयबा खातून ने मेडिकल कॉलेज शहडोल में अपनी सेवाएं देना शुरू किया था। विषम परिस्थियों में नर्सिंग ऑफिसर खातून ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति से पूर्व खातून जिला स्वास्थ्य महकमे में काम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के रूप में सेवाएं दें रही थीं। इसके अलावा इनका चयन, रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी हुआ था, लेकिन शहडोल से ज्यादा लगाव होने की वजह से उन्होंने वहां अपनी सेवाएं देना उचित नहीं समझा और शहडोलवासियों की सेवा करना ही अपना कर्तव्य समझा।
वहीं, 2020 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) कल्याणी पश्चिम बंगाल में भी उन्होंने पहली बार में ही अपना स्थान बना लिया था, कुछ समय बाद शहडोल मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग ऑफिसर के लिए तैयबा खातून ने एग्जाम दिया और उसमें भी उनका चयन हो गया। शहडोल से अपनापन होने की वजह से उन्होंने अपनी सेवाएं एम कल्याणी में नहीं, बल्कि शहडोल में ही देना शुरू किया।
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संकट के समय नर्सिंग ऑफिसर तैयबा खातून ने मेडिकल कॉलेज शहडोल में अपनी सेवाएं देना शुरू किया था। विषम परिस्थियों में नर्सिंग ऑफिसर खातून ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति से पूर्व खातून जिला स्वास्थ्य महकमे में काम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के रूप में सेवाएं दें रही थीं। इसके अलावा इनका चयन, रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी हुआ था, लेकिन शहडोल से ज्यादा लगाव होने की वजह से उन्होंने वहां अपनी सेवाएं देना उचित नहीं समझा और शहडोलवासियों की सेवा करना ही अपना कर्तव्य समझा।
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वहीं, 2020 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) कल्याणी पश्चिम बंगाल में भी उन्होंने पहली बार में ही अपना स्थान बना लिया था, कुछ समय बाद शहडोल मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग ऑफिसर के लिए तैयबा खातून ने एग्जाम दिया और उसमें भी उनका चयन हो गया। शहडोल से अपनापन होने की वजह से उन्होंने अपनी सेवाएं एम कल्याणी में नहीं, बल्कि शहडोल में ही देना शुरू किया।
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