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Shahdol News: संभाग के किसी भी एकलव्य आवासीय विद्यालय में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, कैसे होगी पढ़ाई?
Sun, 14 Apr 2024 11:34 AM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2024 11:34 AM IST
सार
शहडोल संभाग के में मौजूद एकलव्य आवासी विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहें हैं। नए शिक्षण सत्र की शुरुआत होने के बाद भी अध्यापन कार्य में लगे अतिथि शिक्षक -शिक्षिकाओं के पुनः पदस्थापना के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। जिससे इन आवासीय विद्यालयों में अध्यापनकार्य शुरू नहीं हो सका हैं।
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एकलव्य आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शिक्षा को बढ़ावा देने और बेहतर से बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रति वर्ष शासकीय विद्यालयों के लिए करोड़ाें रुपये खर्च करती हैं। लेकिन, केवल ऊंची ऊंची बिल्डिंगों को खड़ा कर देने से बच्चों को भविष्य कैसे संवर सकता हैं, जब वहां पढ़ाने के लिए शिक्षक ही मौजूद न हों। शहडोल संभाग के तीनों जिलों में मौजूद एकलव्य आवासी विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहें हैं। नए शिक्षण सत्र की शुरुआत होने के बाद भी अध्यापन कार्य में लगे सैकड़ा भर अतिथि शिक्षक -शिक्षिकाओं के पुनः पदस्थापना के आदेश अब तक जारी नहीं किए गए हैं। जिससे इन आवासीय विद्यालयों में अध्यापनकार्य शुरू नहीं हो सका हैं। यह विद्यायर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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कहां-क्या हैं स्थिति
जानकारी के अनुसार पूरे संभाग में कुल पांच आदर्श एकलव्य आवासीय विद्यालय हैं। जिसमे अनूपपुर जिला मुख्यालय में एक, उमरिया जिले के पाली में एक और शहडोल जिले में तीन एकलव्य विद्यालय हैं। जिसमें जैतपुर में एक, धुरवार में एक और एक अन्य शहडोल मुख्यालय स्थित गुरुकुलम आवासीय विद्यालय है। इन सभी विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई करने वाले लगभग पांच-पांच सौ विद्यायर्थी हैं, लेकिन शिक्षकों की संख्या काफी कम है।अनुपपुर में वर्तमान शिक्षण सत्र में एक प्रचार्य समेत चार नियमित शिक्षक मौजूद हैं। उमरिया जिले के पाली स्थित आवासीय विद्यालय में एक प्रचार्य समेत पांच नियमित शिक्षक हैं। इसके अलावा शहडोल के धुरवार एकलव्य विद्यालय में एक प्रचार्य समेत 3 नियमित शिक्षक, गुरुकुलम शहडोल में एक प्रचार्य समेत 3 नियमित शिक्षक और जैतपुर में केवल एक नियमित प्रचार्य की पदस्थापना समय है।
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कहां कितने अतिथि शिक्षक थे पदस्थ
इन एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पिछले सत्र में पदस्थ रहे अतिथि शिक्षकों की संख्या पर नजर डालें तो पता चलेगा कि इन्हीं के कंधों पर अध्यापनकार्य की 90 प्रतिशत जिम्मेदारी थी। आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर में चंद नियमित शिक्षकों के अलावा यहां पिछले सत्र में 14, पाली एकलव्य आवासीय विद्यालय में 15, धुरवार में 15, गुरुकुलम में 20 और जैतपुर में 20 से अधिक अतिथि शिक्षक सेवाए दे रहे थे। लेकिन, इस वर्ष नए शिक्षण सत्र के शुरू होने के बाद भी इनमें से किसी को पुनः पदस्थापना का आदेश नही मिला है। ऐसी स्थिति में हजारों बच्चों की शिक्षा कैसे पूरी होगी यह चिंता का विषय है।
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