{"_id":"67e13c0ca8e55134340c811e","slug":"cyber-cells-readiness-to-save-shahdol-government-teacher-from-digital-arrest-teacher-thanked-cyber-team-shahdol-news-c-1-1-noi1220-2758373-2025-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol News: शासकीय शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट से बचाने में साइबर सेल की तत्परता, टीचर ने टीम को कहा धन्यवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol News: शासकीय शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट से बचाने में साइबर सेल की तत्परता, टीचर ने टीम को कहा धन्यवाद
Mon, 24 Mar 2025 10:07 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Mon, 24 Mar 2025 10:07 PM IST
सार
प्राचार्य मिश्रा ने बताया, कॉल करने वाले ने मुझे कहा कि मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है और तुरंत कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने मुझसे मोटी रकम मांगी और कहा कि अगर मैंने नहीं दिया तो मुझे अरेस्ट किया जा सकता है।
विज्ञापन
साइबर प्रभारी और शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल जिले के एक शासकीय शिक्षक को मुंबई साइबर ब्रांच से आई एक फर्जी कॉल के चलते डिजिटल अरेस्ट की स्थिति का सामना करना पड़ा। लेकिन शहडोल की साइबर टीम ने समय रहते उनकी मदद की और उन्हें इस समस्या से बाहर निकाल लिया। यह मामला तब सामने आया जब शासकीय हाईस्कूल बोडरी के प्राचार्य शिशिर कुमार मिश्रा को एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें उन्हें अश्लील गालियों का आरोप लगाते हुए उन्हें दो दिनों के भीतर मुंबई साइबर ब्रांच में हाजिर होने का निर्देश दिया गया।
विज्ञापन
प्राचार्य मिश्रा ने बताया, कॉल करने वाले ने मुझे कहा कि मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है और तुरंत कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने मुझसे मोटी रकम मांगी और कहा कि अगर मैंने नहीं दिया तो मुझे अरेस्ट किया जा सकता है। एक घंटे तक डर के साए में रहे प्राचार्य ने अंततः अपने स्थानीय साइबर ऑफिस में जाकर मदद मांगी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: सागर में बेटे ने बुजुर्ग बाप को गिरा-गिराकर पीटा, एफआईआर दर्ज, देखें वीडियो
विज्ञापन
साइबर सेल का सक्रिय हस्तक्षेप
साइबर सेल प्रभारी सत्य प्रकाश मिश्रा ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बताया,हमने तुरंत मामले की जांच की और प्राचार्य को समझाया कि यह कॉल पूरी तरह से फर्जी है। ऐसे ठग अक्सर लोगों को डराकर पैसे वसूलते हैं। उनकी टीम ने चंद मिनटों में मामले को सुलझाया और प्राचार्य को आश्वस्त किया कि उन्हें चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि हो रही है। साइबर सुरक्षा यह एक गंभीर समस्या है। लोगों को ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की कॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से पहले सोच-समझकर काम लेना चाहिए। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर ठगी के मामलों में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। शहडोल साइबर सेल की तत्परता ने एक शासकीय शिक्षक को न केवल मानसिक तनाव से बचाया, बल्कि उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान किया। ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस और साइबर टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जो लोगों को सुरक्षित और सुरक्षित रखने के लिए तत्पर हैं।
यह भी पढ़ें: सात फेरे लेने के बाद परीक्षा, एग्जाम देने पहुंची नई नवेली दुल्हन, स्कूल के बाहर दूल्हा करता रहा इंतजार
इस घटना के माध्यम से यह संदेश भी मिलता है कि जब भी कोई संदिग्ध कॉल आए, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ या पुलिस से संपर्क करना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति धोखाधड़ी का शिकार न हो।
खैरहा पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ की कार्रवाई
शहडोल में खैरहा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर अवैध रूप से रेत उत्खनन कर रहे एक वाहन को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई ग्राम हरदी खैरहा के मुख्य मार्ग पर की गई, जिसमें एक टग्गी वाहन को जब्त किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहम्मद साकिब (पिता मोहम्मद अफजल) निवासी खैरहा और भैया खान (पिता अब्दुल समद) निवासी ग्राम हरदी पिपरिया तिराहा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी दिलीप सिंह ने किया। उनके निर्देशन में प्रधान आरक्षक रामनाथ बांधव और आरक्षक अमर साय प्रजापति तथा सतीश चौरसिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई खनिज अधिनियम, मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य धाराओं के तहत की गई है।
यह भी पढ़ें: सहकारिता संशोधन विधेयक पारित, विपक्ष ने किया वॉकआउट, सिंघार ने गला घोंटने वाला बताया
अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती
जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खैरहा पुलिस लगातार सक्रिय है। थाना प्रभारी दिलीप सिंह ने कहा,हमारे लिए यह ज़रूरी है कि हम अवैध गतिविधियों पर नकेल कसें और कानून व्यवस्था बनाए रखें। यह कार्रवाई हमारी निरंतरता का हिस्सा है। हम ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएंगे।
ग्राम हरदी के स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, यह उम्मीद जगाता है कि पुलिस अब अवैध रेत उत्खनन पर ध्यान दे रही है। यह हमारे लिए एक सकारात्मक कदम है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय जल स्रोतों की सुरक्षा होगी।
कानून का उल्लंघन और संभावित दंड
अधिकारियों ने बताया कि अवैध रेत उत्खनन के मामले में आरोपी वाहन चालक मालिक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। खनिज अधिनियम के तहत अवैध रेत उत्खनन एक गंभीर अपराध माना जाता है, जिसका प्रभाव पर्यावरण पर पड़ सकता है।
