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Bageshwar Baba: पं. धीरेंद्र शास्त्री को कोर्ट का समन, 20 मई को हाजिर होने के आदेश, जानें क्या था मामला
Fri, 16 May 2025 10:40 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 16 May 2025 10:40 PM IST
सार
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री को कुंभ को लेकर विवादित बयान देने पर शहडोल कोर्ट ने 20 मई को पेश होने का समन जारी किया गया है। एडवोकेट संदीप तिवारी ने बयान को संविधान विरोधी बताकर परिवाद दाखिल किया था। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए समन भेजा है।
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बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री को समन भेजा गया है।
- फोटो : x@bageshwardham
विस्तार
शहडोल जिला न्यायालय ने बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कोर्ट में पेश होने का समन जारी किया है। उन्हें 20 मई 2025 को सुबह 11 बजे प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सीताशरण यादव की अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला 27 जनवरी 2025 को कुंभ मेले को लेकर दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें पंडित शास्त्री ने कहा था, “महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए। जो नहीं आएगा, वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा।” इस बयान को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कुमार तिवारी ने 3 मार्च को कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था।
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एडवोकेट तिवारी का कहना है कि यह बयान भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और नागरिकों की स्वतंत्रता के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कर्तव्य पर तैनात सैनिक, डॉक्टर, पुलिसकर्मी या अन्य नागरिक जो कुंभ में नहीं आ सके, उन्हें देशद्रोही कहा जा सकता है? तिवारी ने यह भी तर्क दिया कि जब सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों पर एफआईआर दर्ज हो सकती है, तो सार्वजनिक मंच से भड़काऊ बयान देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
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इससे पहले उन्होंने 4 फरवरी को शहडोल के सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और बाद में पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन सौंपा था। पुलिस कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया और पंडित शास्त्री के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। अदालत ने अब इस पर संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है।
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यह मामला 27 जनवरी 2025 को कुंभ मेले को लेकर दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें पंडित शास्त्री ने कहा था, “महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए। जो नहीं आएगा, वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा।” इस बयान को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कुमार तिवारी ने 3 मार्च को कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था।
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एडवोकेट तिवारी का कहना है कि यह बयान भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और नागरिकों की स्वतंत्रता के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कर्तव्य पर तैनात सैनिक, डॉक्टर, पुलिसकर्मी या अन्य नागरिक जो कुंभ में नहीं आ सके, उन्हें देशद्रोही कहा जा सकता है? तिवारी ने यह भी तर्क दिया कि जब सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों पर एफआईआर दर्ज हो सकती है, तो सार्वजनिक मंच से भड़काऊ बयान देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
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इससे पहले उन्होंने 4 फरवरी को शहडोल के सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और बाद में पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन सौंपा था। पुलिस कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया और पंडित शास्त्री के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। अदालत ने अब इस पर संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है।
