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Sehore Weather: सोमवार शाम अचानक बदला मौसम, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, ओले गिरने से फसलें आड़ी हुईं
Tue, 07 Mar 2023 09:02 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 07 Mar 2023 09:02 AM IST
सार
रविवार और सोमवार की दोपहर तक गर्मी ने फिर लोगों को परेशान किया, लेकिन सोमवार शाम मौसम फिर अचानक बदला और शाम 6:30 बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और इसी बीच नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में चने के आकार के ओले भी गिरे।
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सीहोर में बारिश ओले से फसलें चौपट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीहोर जिले समेत आस-पास के क्षेत्रों में सोमवार की शाम को अचानक मौसम ने करवट ली और पहले तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई। आसमान में बिजली कड़की और चमकती रही। करीब 6:45 बजे अचानक ओलावृष्टि शुरू हो गई। चने के आकार के ओले गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश ने फसलों को आड़ा कर दियाा। दूसरी ओर नगरीय क्षेत्र में तेज हवा और बारिश के कारण करीब दो घंटे बिजली भी गुल रही।
नए साल की शुरुआत से ही हर माह मौसम के नए रंग देखने को मिल रहे हैं। जनवरी में जहां कड़ाके की ठंड ने लोगों को कंपकंपा दिया। वहीं, न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। 26 जनवरी बसंत पंचमी के दिन घने कोहरे के साथ बारिश भी हुई, लेकिन जैसे ही फरवरी माह शुरू हुआ गर्मी ने दस्तक दे दी और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। मार्च माह में भी गर्मी अपने तेवर दिखाती रही है, लेकिन शनिवार की शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ बूंदा-बांदी हुई। रविवार और सोमवार की दोपहर तक गर्मी ने फिर लोगों को परेशान किया, लेकिन सोमवार शाम मौसम फिर अचानक बदला और शाम 6:30 बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और इसी बीच नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में चने के आकार के ओले भी गिरे। किसानों की माने तो आंधी बारिश से किसानों की कई हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है।
आंधी तूफान से चने की फसल बर्बाद
शनिवार के बाद सोमवार की शाम को तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के खेतों की गेहूं फसल झुककर जमीन पर बैठ गई है। जिससे गेहूं की फसल खराब होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। तेज आंधी तूफान के कारण गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसान आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि पहले की अपेक्षा फसल नाम मात्र ही निकल पाएगी। आंधी-पानी के कहर ने सीहोर के अलावा श्यामपुर, अहमदपुर, अजमत नगर, मंझेडा सहित आस-पास के कई गांवों के किसानों की फसल को तबाह कर दिया है। खेतों में खड़ी फसल आंधी के कारण झुकी है। जिन क्षेत्रों में अधिक नुकसान हुआ है वहां के कई किसान तो बीज निकलने की संभावना भी नहीं जता पा रहे हैं।
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नौ मार्च तक रहेगा ऐसा ही मौसम
आरएके कॉलेज मौसम विभाग के अनुसार दो सिस्टम का असर होने से फाल्गुन माह में बेमौसम बारिश हो रही है। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरवेंस एक्टिव है साथ में दक्षिण-पश्चिम हवाएं और अरब सागर से गर्म और नम हवाएं आ रही हैं, इसलिए क्लाउड फॉर्मेशन हो रहा हैं। अभी तीन दिन और ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। बारिश के भी आसार बन रहे हैं।
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नए साल की शुरुआत से ही हर माह मौसम के नए रंग देखने को मिल रहे हैं। जनवरी में जहां कड़ाके की ठंड ने लोगों को कंपकंपा दिया। वहीं, न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। 26 जनवरी बसंत पंचमी के दिन घने कोहरे के साथ बारिश भी हुई, लेकिन जैसे ही फरवरी माह शुरू हुआ गर्मी ने दस्तक दे दी और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। मार्च माह में भी गर्मी अपने तेवर दिखाती रही है, लेकिन शनिवार की शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ बूंदा-बांदी हुई। रविवार और सोमवार की दोपहर तक गर्मी ने फिर लोगों को परेशान किया, लेकिन सोमवार शाम मौसम फिर अचानक बदला और शाम 6:30 बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और इसी बीच नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में चने के आकार के ओले भी गिरे। किसानों की माने तो आंधी बारिश से किसानों की कई हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है।
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आंधी तूफान से चने की फसल बर्बाद
शनिवार के बाद सोमवार की शाम को तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के खेतों की गेहूं फसल झुककर जमीन पर बैठ गई है। जिससे गेहूं की फसल खराब होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। तेज आंधी तूफान के कारण गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसान आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि पहले की अपेक्षा फसल नाम मात्र ही निकल पाएगी। आंधी-पानी के कहर ने सीहोर के अलावा श्यामपुर, अहमदपुर, अजमत नगर, मंझेडा सहित आस-पास के कई गांवों के किसानों की फसल को तबाह कर दिया है। खेतों में खड़ी फसल आंधी के कारण झुकी है। जिन क्षेत्रों में अधिक नुकसान हुआ है वहां के कई किसान तो बीज निकलने की संभावना भी नहीं जता पा रहे हैं।
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नौ मार्च तक रहेगा ऐसा ही मौसम
आरएके कॉलेज मौसम विभाग के अनुसार दो सिस्टम का असर होने से फाल्गुन माह में बेमौसम बारिश हो रही है। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरवेंस एक्टिव है साथ में दक्षिण-पश्चिम हवाएं और अरब सागर से गर्म और नम हवाएं आ रही हैं, इसलिए क्लाउड फॉर्मेशन हो रहा हैं। अभी तीन दिन और ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। बारिश के भी आसार बन रहे हैं।
