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MP: दिवाली के दूसरे दिन यहां बहती है दूध की नदी,पशुओं की सेहत के लिए पशुपतिनाथ का दुग्धाभिषेक करते हैं पशुपालक

Tue, 25 Oct 2022 02:55 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Tue, 25 Oct 2022 02:55 PM IST
सार

पशुओं की अच्छी सेहत के लिए पशुपालक अपने एक दिन का सारा दूध भगवान पशुपतिनाथ को अर्पित करते हैं। लाखों की संख्या में किसान पशुपालक और ग्रामीण भगवान पशुपतिनाथ को दूध अर्पण करने इस मेले में आते हैं। 

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The river of milk flows in Sehore on the second day of Diwali the cattle owners perform the milk ceremony
बाराखंभा देव स्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर जिले के इछावर में दिवाली के दूसरे दिन यानि की पड़वा पर प्रदेश का सबसे बड़ा मेला आयोजित किया जाता है। एक दिवसीय मेले में देखते ही देखते लाखों क्विंटल दूध अर्पण किया जाता है। ऐसा लगता है मानो दूध की नदी बह निकली  हो। पशुओं की अच्छी सेहत के लिए पशुपालक अपने एक दिन का सारा दूध भगवान पशुपतिनाथ को अर्पित करते हैं। लाखों की संख्या में किसान पशुपालक और ग्रामीण भगवान पशुपतिनाथ को दूध अर्पण करने इस मेले में आते हैं। 
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दीपावली के दूसरे दिन लगने वाला पशुपतिनाथ मंदिर मेला सूर्य ग्रहण के चलते इस बार 26 अक्टूबर को लगेगा। कोरोना महामारी की वजह से बीते दो सालों से बाराखंबा में आयोजित होने वाला मेला प्रभावित हो रहा था, लेकिन अब महामारी खत्म हो गई है। इस वजह से इस बार मेले में जमकर भीड़ उमड़ने का अनुमान है। 
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दीपावली के दूसरे दिन (इस बार 26 अक्टूबर को) पशुपालक किसान अपने दुधारू पशुओं की अच्छी सेहत के लिए इस दिन अपने घर में दूध का इस्तेमाल नहीं करते हैं। इस दिन का सारा दूध भगवान पशुपतिनाथ को अर्पण कर दिया जाता है। मान्यता है कि भगवान पशुपतिनाथ की शिला पर दूध अर्पण कर देने से साल भर पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। कहा जाता है कि बाराखंबा देव स्थान पर दूध चढ़ाने से पशु निरोगी रहते हैं। 
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किसान घासीराम पड़ियार, सरदार सिंह ने बताया कि वह कई वर्षों से दूध चढ़ाने जाते हैं। उनका कहना है कि यदि किसी किसान का दुधारू पशु बीमार हो जाता है तो किसान बारह खंबा देव के नाम लेकर पशु के गले में उनके नाम का धागा डाल देता है तो बीमार पशु ठीक हो जाता है।
यही वजह है कि इस दिन यहां लाखों की तादाद में पशुपालक किसान आते हैं। लाखों क्विंटल दूध के चढ़ावे से यहां मंदिर के पीछे दूध की दो धाराएं बह निकलती है। यहां से दूध एक नहर के रूप में निकलता है।


प्रशासन ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा 
आयोजन को लेकर अब तक प्रशासन द्वारा दो बार व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा चुका है। सीहोर जिले के इछावर में प्रतिवर्ष दिवाली के दूसरे दिन पड़वा पर ग्राम देवपुरा में बाराखंबा का मेला आयोजित किया जाता है। मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अफसर और मंदिर समिति सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर, एसपी मयंक अवस्थी, इछावर एसडीएम विष्णु प्रसाद यादव, इछावर तहसीलदार, थाना प्रभारी उषा मरावी उपस्थित थे। 
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