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Sehore: ठोकर और धक्का दे-देकर विरोधी को गिराने का खेल, 38 गांवों के 128 खिलाड़ियों ने दिखाया दम
Thu, 22 Aug 2024 02:53 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 22 Aug 2024 02:53 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के सीहोर में गेड़ी प्रतियोगिता हुई। 38 गांवों के 128 खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया। खेल बहुत आसान है। गिरे बिना विरोधी टीम के खिलाड़ियों को गिराना है। धक्का मार सकते हैं। ठोकर भी।
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सीहोर में गेड़ी प्रतियोगिता का आयोजन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीहोर जिले के चरनाल गांव में आयोजित गेड़ी प्रतियोगिता में 38 गांवों के कुल 128 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने विभिन्न दांव-पेंच का इस्तेमाल करते हुए अपने विरोधियों को हराया। किसी ने ठोकर मारकर, तो किसी ने धक्का देकर विरोधी को गिराया, और जो तय समय तक टिके रहे, वे विजेता बने।
यह प्रतियोगिता हर साल रक्षा बंधन के पर्व पर होती है, और इस बार इसका 41वां वर्ष था। आयोजन समिति के अनुसार, इस साल 38 गांवों के खिलाड़ी प्रतियोगिता में शामिल हुए। यह गेड़ी प्रतियोगिता दो पद्धतियों—ठोकर और धक्का—से खेली जाती है। ठोकर पद्धति में 46 टीमों ने भाग लिया, जबकि धक्का पद्धति में 18 टीमों ने हिस्सा लिया।
गेड़ी प्रतियोगिता की प्रक्रिया
इस खेल में दो लकड़ी के लंबे डंडे लिए जाते हैं, जिन पर गेड़ी की जोड़ी बनाई जाती है। खिलाड़ियों को इन डंडों पर चढ़कर एक-दूसरे के साथ मुकाबला करना होता है। जो खिलाड़ी गिर जाता है, वह हार जाता है। ठोकर पद्धति में प्रतिद्वंद्वी को ठोकर मारकर गिराना होता है, जबकि धक्का पद्धति में धक्का देकर गिराना होता है। इस खेल में समय की कोई तय सीमा नहीं होती, लेकिन सामान्यतः 10 से 15 मिनट में नतीजा सामने आ जाता है।
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विजेताओं की सूची
ठोकर पद्धति:
- प्रथम स्थान: विनोद केवट, ग्राम आछारोही
- द्वितीय स्थान: ओमप्रकाश पाल, ग्राम गवा
- तृतीय स्थान: बंसीलाल केवट, ग्राम आछारोही
धक्का पद्धति:
- प्रथम स्थान: भूरा गरम पाटेर
- द्वितीय स्थान: इंदर सिंह
- तृतीय स्थान: आनंद
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यह प्रतियोगिता हर साल रक्षा बंधन के पर्व पर होती है, और इस बार इसका 41वां वर्ष था। आयोजन समिति के अनुसार, इस साल 38 गांवों के खिलाड़ी प्रतियोगिता में शामिल हुए। यह गेड़ी प्रतियोगिता दो पद्धतियों—ठोकर और धक्का—से खेली जाती है। ठोकर पद्धति में 46 टीमों ने भाग लिया, जबकि धक्का पद्धति में 18 टीमों ने हिस्सा लिया।
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गेड़ी प्रतियोगिता की प्रक्रिया
इस खेल में दो लकड़ी के लंबे डंडे लिए जाते हैं, जिन पर गेड़ी की जोड़ी बनाई जाती है। खिलाड़ियों को इन डंडों पर चढ़कर एक-दूसरे के साथ मुकाबला करना होता है। जो खिलाड़ी गिर जाता है, वह हार जाता है। ठोकर पद्धति में प्रतिद्वंद्वी को ठोकर मारकर गिराना होता है, जबकि धक्का पद्धति में धक्का देकर गिराना होता है। इस खेल में समय की कोई तय सीमा नहीं होती, लेकिन सामान्यतः 10 से 15 मिनट में नतीजा सामने आ जाता है।
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विजेताओं की सूची
ठोकर पद्धति:
- प्रथम स्थान: विनोद केवट, ग्राम आछारोही
- द्वितीय स्थान: ओमप्रकाश पाल, ग्राम गवा
- तृतीय स्थान: बंसीलाल केवट, ग्राम आछारोही
धक्का पद्धति:
- प्रथम स्थान: भूरा गरम पाटेर
- द्वितीय स्थान: इंदर सिंह
- तृतीय स्थान: आनंद
