Sehore News: सलकनपुर लड्डू विवाद का समाधान, अब सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट का नाम लिखे बिना लड्डू बेचे जाएंगे
सीहोर जिले में सलकनपुर लड्डू विवाद का समाधान हो गया है। अब सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट का नाम लिखे बिना लड्डू बेचे जा सकेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीहोर जिले में सलकनपुर मंदिर के लड्डू विवाद का समाधान हो गया है। अब मंदिर का लोगो और ट्रस्ट का नाम लिखे बिना लड्डू बेचे जाएंगे। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए स्व सहायता समूह और मंदिर ट्रस्ट के बीच आपसी सहमति करवाई। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रसाद की क्वॉलिटी को बनाए रखा जाए।
ज्ञात रहे कि स्व सहायता समूह लड्डू के पैकेट्स पर मंदिर का लोगो और फोटो लगाकर प्रसाद बेच रहे थे। इस पर मंदिर प्रबंधन समिति ने आपत्ति जताई थी। अब यह तय हुआ है कि इन पैकेट्स पर मंदिर से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी जाएगी।
ये निकला समाधान
-
50 हजार से अधिक पैकेट्स पर पहले से बने लोगो और नाम को हटाने के लिए सफेद पेपर लगाकर बेचा जाएगा।
-
नए डिब्बों पर मंदिर का लोगो या प्रबंधन समिति का नाम नहीं होगा।
-
मंदिर के पास अस्थाई काउंटर बनाकर लड्डू बेचे जाएंगे, इससे पहले दुकान काउंटर के सामने दीवार बनने के कारण बंद हो गई थी।
विज्ञापन विज्ञापन
क्वॉलिटी की जांच
फूड इंस्पेक्टर ने भी लड्डू बनाने की जगह का निरीक्षण किया और गुणवत्ता की तारीफ की। स्व सहायता समूह की अध्यक्ष रजनी मेहरा ने बताया कि उनका प्रसाद आईएसओ सर्टिफिकेट प्राप्त है और गुणवत्ता का हमेशा ध्यान रखा जाता है। उनका कहना है कि कुछ लोग इस काम को प्राप्त करने के लिए आरोप लगा सकते हैं। लेकिन समूह की बिक्री और गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।
इस तरह विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो गया है और प्रसाद की बिक्री सुचारू रूप से जारी रहेगी।इस संबंध में सलकनपुर ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय का कहना है कि ट्रस्ट समिति का कहना यही था कि मंदिर का लोगो लगाकर लड्डू न बेचे जाएं। स्व सहायता समूह मंदिर का लोगो लगाकर लड्डू बेचने के लिए सहमत हो गया है।
