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Sehore News: “मिशन माटी का दीप” अभियान का आठवां वर्ष, इस बार 5100 दीपों से जगमगाएगा मनकामेश्वर महादेव मंदिर

Sun, 12 Oct 2025 11:33 AM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Sun, 12 Oct 2025 11:33 AM IST
सार

वर्ष 2018 से जारी यह स्वदेशी अभियान अब अपने आठवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आयोजन का उद्देश्य स्वदेशी परंपराओं को पुनर्जीवित करना और मिट्टी के दीपों के माध्यम से पर्यावरण व स्थानीय कुम्हारों को सहयोग देना है।

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Sehore News: Mankameshwar Mahadev Temple will be illuminated with 5100 lamps
कार्यक्रम की तैयारी में जुटा प्रजापति समाज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर शहर के प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर में इस दीपावली एक अनूठा दृश्य देखने को मिलेगा। मिशन माटी का दीप अभियान के अंतर्गत 5100 मिट्टी के दीपों से मंदिर प्रांगण को जगमगाने की तैयारी की जा रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रजापति समाज द्वारा किया जा रहा है, जो स्वदेशी परंपराओं को पुनर्जीवित करने का एक सशक्त प्रयास है। आयोजन समिति के अनुसार यह दीपोत्सव 17 अक्तूबर की रात 7 से 9 बजे तक होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
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आठ वर्षों से चल रहा है यह प्रेरक अभियान
प्रजापति समाज के अध्यक्ष विष्णु सम्राट प्रजापति ने बताया कि यह मिशन वर्ष 2018 से लगातार चल रहा है और इस बार इसका आठवां वर्ष है। कोरोना काल में यह आयोजन सांकेतिक रूप से किया गया था, लेकिन अब पुनः पूरे उत्साह और आस्था के साथ इसे मनाया जा रहा है। समाज ने यह भी घोषणा की कि शहर के एक दर्जन से अधिक मंदिरों में 50-50 मिट्टी के दीपों का वितरण किया जाएगा, ताकि हर मंदिर में स्वदेशी दीपों की लौ जल सके।
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स्वदेशी अपनाओं का आह्वान
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है “स्वदेशी अपनाओ, मिट्टी से जुड़ो।” प्रजापति समाज ने लोगों से अपील की है कि वे विदेशी उत्पादों और इलेक्ट्रॉनिक लाइटों की बजाय मिट्टी के दीपों का उपयोग करें। समाज के सदस्यों ने कहा कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, कला और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह पहल न केवल पर्यावरण को शुद्ध रखेगी, बल्कि स्थानीय कुम्हारों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी।

संस्कृति से जुड़ने का संदेश
समाज के जिलाध्यक्ष विष्णु सम्राट प्रजापति ने भावुक स्वर में कहा हमारी जिंदगी जितनी आधुनिक होती जा रही है, हम उतने ही अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं। दीपावली अब बल्बों और चायना की रोशनी में खोती जा रही है, जबकि असली रोशनी तो मिट्टी के दीपों से आती है,जो धरती, परंपरा और आत्मा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य है लोगों को याद दिलाना कि प्रगति का अर्थ अपनी परंपरा को भूल जाना नहीं, बल्कि उसे गर्व से जीना है।


विशेष अतिथियों की उपस्थिति से सजेगा आयोजन
आगामी 17 अक्टूबर के आयोजन में भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा, विधायक सुदेश राय, समाजसेवी अखिलेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, और नगर मंडल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। साथ ही सामाजिक संस्थाएँ, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों श्रद्धालु इस पावन दीपोत्सव के साक्षी बनेंगे।

परंपरा, पर्यावरण और पहचान की त्रिवेणी
“मिशन माटी का दीप” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कार, स्वदेश और समर्पण का संगम है। इस अभियान से प्रेरित होकर अब शहरवासी मिट्टी के दीप खरीद रहे हैं और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं। कार्यक्रम की तैयारी में सुदीप सम्राट प्रजापति, विवेक श्रीवास्तव, मनोज दीक्षित, अनिल प्रजापति, धर्मेन्द्र माहेश्वरी, रंजीत राठौर, आयुष गुप्ता, ब्रजेश राठौर और कई कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।
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