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Sehore: सायलो केंद्र पर हो सकता है गेहूं तुलाई का संकट, भंडार क्षमता पूरी होने के करीब, तो किसान होंगे परेशान

Wed, 16 Apr 2025 06:37 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Wed, 16 Apr 2025 06:37 PM IST
सार

सीहोर के मंडी सायलो केंद्र की 50 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता है। इसमें 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं पिछले साल का भरा हुआ है। 26 हजार मीट्रिक टन गेहूं आने से भंडारण क्षमता दो हजार एमटी बची है।

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Sehore news: There may be a problem of weighing wheat at the silo procurement center
पूरी होने वाली है सायलो केंद्र की भंडारण क्षमता।

विस्तार

सीहोर शहर के मंडी स्थित सायलो खरीदी केंद्र पर गेहूं तुलवाने का संकट खड़ा हो सकता है। अंतिम तारीख से पहले ही सायलो केंद्र की भंडारण क्षमता पूरी होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे अब आगामी दिनों में स्लॉट बुक कर उपज लेकर आने वाले किसानों के सामने गेहूं तुलवाने का संकट खड़ा हो सकता है। किसानों को मजबूरी में दूसरी जगह उपज ले जाना पड़ेगा तो परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान अलग से उठाना पड़ेगा।

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जानकारी के अनुसार, सीहोर के मंडी सायलो केंद्र की कुल 50 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता है। इसमें 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं पिछले साल का भरा हुआ है। 28 हजार मीट्रिक टन शेष जगह है, उसमें भी अब तक सात हजार किसानों के 26 हजार मीट्रिक टन गेहूं बेचने से क्षमता सिमटकर दो हजार एमटी रह गई है। अब भी किसानों के उपज लेकर आने का सिलसिला लगातार जारी रहने से एक सप्ताह के अंदर सायलो केंद्र पूरी तरह फुल हो जाएगा। इसके  बाद केंद्र आने वाले किसानों को दिक्कत होगी।
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कृषि मंडी में उपज बेचने के लिए होंगे मजबूर
सायला केंद्र से आसपास के 10 से ज्यादा गांव जुड़े हैं। खरीदी शुरू होने के बाद से ही इन गांव के पंजीकृत किसान स्लॉट बुक कर उपज ला रहे हैं। ऐसे में केंद्र की भंडार क्षमता पूरी होने के बाद उपज बेचने में किसानों को समस्या का सामना करना पड़ेगा। किसानों के पास दो ही विकल्प रहेंगे। पहला यही कि दूसरे केंद्र जाना पड़ेगा और दूसरा कृषि उपज मंडी में उपज बेचने मजबूर होना पड़ेगा। इससे किसान चिंतित नजर आ रहा है। इधर, सायलो प्रबंधन का कहना है कि भंडारण क्षमता पूरी होने के बाद कोई किसान आया तो उसे मना करना पड़ेगा।


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3 लाख 90 हजार मीट्रिक टन उपज की हो गई खरीदी
जिले में इस बार 88 हजार 144 किसानों ने उपार्जन केंद्रों पर गेहूं बेचने पंजीयन कराया है। 240 केंद्रों पर खरीदी हो रही है। जिसमें अब तक 47 हजार से ज्यादा किसानों ने 3 लाख 90 हजार मीट्रिक टन के आसपास उपज बेची है। जिसमें उनको 700 करोड़ से अधिक का भुगतान हो गया है। बीते कुछ दिनों से देखे तो कई केंद्रों पर गेहूं लेकर आने वाले किसानों की काफी भीड़ देखने मिल रही है। उनको सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ता है, तब कही जाकर उपज तुलवाने का नंबर आता है।

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किसान उपज लेकर आया तो खरीदना होगा मुश्किल
इस संबंध मं सायलो केन्द्र के प्रभारी मुकेश पटेल का कहना है कि सायलो केंद्र में 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं पिछले साल का ही भरा हुआ है। इस साल भी केंद्र बनाने से 26 हजार मीट्रिक टन की खरीदी हो गई है। 2000 मीट्रिक टन ही भंडारण क्षमता बची है। इसके बाद किसान उपज लेकर आया तो खरीदना संभव नहीं होगा।

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